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जिस अलास्का को रूस ने 158 साल पहले अमेरिका को बेच दिया, वहाँ अपनी टट्टी भी छोड़कर नहीं आए पुतिन: ट्रंप से मिलने गए तो बॉडीगार्ड साथ लेकर आए थे ‘पूप सूटकेस’

राष्ट्रपति पुतिन को अपने स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लीक होने का खतरा है इसीलिए वे मल अपने साथ लेकर लौटते हैं। विदेशी ताकतों को राष्ट्रपति के मल के नमूने से उनके स्वास्थ्य की जानकारी पता लग सकती है और वो ऐसा नहीं चाहते हैं।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (15 अगस्त 2025) को अलास्का में बैठक की। ये वही अलास्का है, जिसे रूस ने 158 साल पहले अमेरिका को बेच दिया था। इस बार जब पुतिन अलास्का में बैठक करने पहुँचे तो उन्होंने अपना मल-मूत्र तक नहीं छोड़ा। पुतिन ‘पूप सूटकेस’ में अपना मल-मूत्र लेकर वापस रूस लौटे।

The Express US की रिपोर्ट में दो वेटेरन पत्रकार रेजिस गेंटे और मिखाइल रुबिन की जानकारी के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सुरक्षा में तैनात रहे बॉडीगार्ड ने उनकी अलास्का की यात्रा के दौरान उनके मल के लिए खास बैग का इंतजाम किया, जिन्हें एक सूटकेस में इकट्ठा किया गया था।

रेजिस गेंटे और मिखाइल रुबिन दोनों ही पत्रकार रूस के विशेषज्ञ के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने बताया कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब पुतिन अपने मल को वापस रूस लेकर लौटे हैं। ऐसा कई सालों से चला आ रहा है। साल 2017 में फ्रांस की यात्रा के दौरान भी पुतिन ने अपने मल को सूटकेस में इकट्ठा करवाकर अपने देश लाए थे।

क्या है ‘पूप सूटकेस’ ?

‘पूप सूटकेस’ अलास्का पहुँचे रूसी राष्ट्रपति के सुरक्षा इंतजामों का हिस्सा रहा था। इस सूटकेस में पुतिन के मल को इकट्ठा कर वापस रूस लाया गया। वेटेरन पत्रकार बताते हैं कि ऐसा माना गया है कि पुतिन को अपने स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लीक होने का खतरा है इसीलिए वे मल अपने साथ लेकर लौटते हैं। विदेशी ताकतों को राष्ट्रपति के मल के नमूने से उनके स्वास्थ्य की जानकारी पता लग सकती है और वो ऐसा नहीं चाहते हैं।

इस बार राष्ट्रपति के मल को पूप सूटकेस में इकट्ठा किया गया लेकिन इससे पहले भी अलग-अलग तरीके अपनाए गए हैं, जिससे राष्ट्रपति के मल का नमूना दूसरे देशों के पास ना पहुँच सके। BBC की पूर्व पत्रकार फ़रीदा रुस्तमोवा बताती हैं कि 1999 में रूस के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही पुतिन की सुरक्षा में उनके मल को इकट्ठा करके वापस रूस लाया गया है।

पत्रकार के अनुसार वियना की यात्रा में तो पुतिन अपने प्राइवेट बाथरूम के साथ पहुँचे थे, जिसमें पोर्टेबल टॉयलेट था। पुतिन अपने स्वास्थ्य की जानकारी विदेशी ताकतों तक नहीं पहुँचाना चाहते हैं। वैसे ही पुतिन की स्वास्थ्य को लेकर कुछ वर्षों में कई दावे सामने आए हैं। इससे बचने के लिए राष्ट्रपति ऐसा करते हैं।

राष्ट्रपति पुतिन के स्वास्थ्य पर पहले भी हुई चर्चाएँ

72 साल के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने स्वास्थ्य को लेकर कुछ सालों में कई बार चर्चा में आए हैं। पुतिन के स्वास्थ्य को लेकर रूसी प्रशासन ने हमेशा गोपनीयता बरती है। इसके बावजूद उनके कुछ वीडियो और फोटो से उनके स्वास्थ्य गड़बड़ी से संबंधित कयास लगा लिए जाते हैं। अफवाहें यह भी सामने आई हैं कि पुतिन को थायराइड का कैंसर या कमर की समस्या या साइकोसिस है।

वहीं, नवंबर 2024 में जब कजाकिस्तान के अस्ताना में एक प्रेस वार्ता के दौरान पुतिन अपने पैरों को अचानक झटकाने लगे तब अंदाजा लगाया गया था कि वे किसी न्यूरो संबंधी पार्किंसन रोग से जूझ रहे हैं।

इससे पहले भी साल 2023 में बेलारूसी राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको से मीटिंग के दौरान राष्ट्रपति पुतिन अपनी कुर्सी पर हिलते हुए नजर आए थे। साल 2022 में अफवाहें सामने आई थीं कि सीढ़ियों से गिरने के बाद पुतिन का पखाना निकल गया और पूरे कपड़े गंदे हो गए थे।

कुछ रिपोर्ट्स में राष्ट्रपति पुतिन को दिल का दौरा पढ़ने की भी बातें सामने आई थीं, जिसके बाद राष्ट्रपति को उनके आवास पर खास मेडिकल केयर में रखा गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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