Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयनए साल पर पटाखों की आड़ में नकाबधारियों ने खुलेआम लोगों पर चलाई गोलियाँ,...

नए साल पर पटाखों की आड़ में नकाबधारियों ने खुलेआम लोगों पर चलाई गोलियाँ, 1 की मौत, 3 घायल: स्वीडन में घरों और कारों पर रॉकेट छोड़ लगाई गई आग

न्यू ईयर इवनिंग के वक्त छोड़े गए रॉकेट घरों और कारों तक में जाकर लगे। स्केन में कई लोगों के अपार्टमेंट और कार में इन रॉकेट्स से आग लगी। जब एक व्यक्ति ने ऐसा करने से लोगों को रोका तो उसे पीटने का मामला भी स्वीडन में देखा गया।

स्वीडन के स्टॉकहोम में न्यू ईयर इवनिंग पर गोलीबारी की घटना प्रकाश में आई है। वहाँ वलिंगबाय (Vallingby) जिले में घटी इस घटना में 3-4 लोग बुरी तरह घायल हो गए। वहीं एक की इलाज के दौरान मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि हमलावरों ने गोली मैकडॉनल्ड के नजदीक शाम करीबन 7 बजे चलाई। लोगों को इस बारे में अधिक न पता चले इसके लिए उन्हें कन्फ्यूज करने के लिए रॉकेट छोड़े जाते रहे।

बाद में पुलिस ने पुष्टि की कि घटना में 2 लोगों को गोली लगी है पर आरोपित अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं।

लोकल स्वीडन की रिपोर्ट के अनुसार, न्यू ईयर इवनिंग के वक्त छोड़े गए रॉकेट घरों और कारों तक में जाकर लगे। स्केन में कई लोगों के अपार्टमेंट और कार में इन रॉकेट्स से आग लगी। जब एक व्यक्ति ने ऐसा करने से लोगों को रोका तो उसे पीटने का मामला भी स्वीडन में देखा गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस अधिकारियों और फायर ब्रिगेड के ऊपर भी रॉकेट छोड़े गए

स्वीडन की खोजी पत्रकार ने उस शाम की एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर की है। इस वीडियो में उन्होंने बताया कि कैसे लोगों के घरों और कारों पर पटाखे जलाए जा रहे हैं।

उनकी शेयर की गई वीडियो में देख सकते हैं कि कुछ लोग मुँह ढककर कारों को टारगेट कर रहे हैं और जोर-जोर से कुछ चिल्ला रहे हैं। हम इसकी पुष्टि नहीं करते कि वीडियो में क्या कहा जा रहा है लेकिन एमी मेक के ट्वीट में ‘अल्लाहु अकबर’ लिखे जाने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स इसे इस्लामी कट्टरपंथियों का काम बता रहे हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हिंदू बन लॉरा फ्रांसिस ने मंदिर में किया विवाह, फिर भी तमिलनाडु सरकार ने गर्भगृह में पूजा से रोका: हाई कोर्ट ने दिया अधिकार,...

मद्रास हाई कोर्ट ने कहा कि विदेशी नाम या नागरिकता से हिंदू पहचान तय नहीं होती। अमेरिकी महिला को मंदिर में पूजा और प्रवेश का पूरा अधिकार मिला।

‘तमिलनाडु को अलग देश होना चाहिए’: मद्रास HC ने कहा- यह देशद्रोह नहीं, आज के दौर में ऐसा बयान देश/सरकार के खिलाफ नफरत फैलाना...

मद्रास हाई कोर्ट ने कहा कि देशद्रोह के आरोपों की समीक्षा हमेशा वर्तमान सामाजिक ताने-बाने और माहौल को ध्यान में रखकर की जानी चाहिए।
- विज्ञापन -