Tuesday, October 27, 2020
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय इंग्लैंड के एक छोटे से गाँव से तय हुआ पूरी दुनिया का समय: GMT...

इंग्लैंड के एक छोटे से गाँव से तय हुआ पूरी दुनिया का समय: GMT की शुरुआत से लेकर अब तक की कहानी

अंग्रेज़ों के शासनकाल में हमारे देश के 2 टाइम ज़ोन हुआ करता था, पहला कोलकाता के आधार पर और दूसरा मुंबई के आधार पर। उनके जाने के बाद IST (Indian Standard Time) बना, यानी एक देश का एक ही मानक समय होगा। हमारा GMT + 5:30 है यानी ग्रीनविच मीन टाइम से लगभग 5:30 घंटे आगे।

ग्रीनविच मीन टाइम (GMT), एक ऐसी इकाई जिससे दुनिया के समय का आकलन लागाया जाता है। आसान शब्दों में इसे औसत समय भी कहा जा सकता है, जिस 24 घंटे की अवधि में पृथ्वी अपनी धुरी पर 360 डिग्री घूमती है। इसका इतिहास वैसे तो काफी पुराना है, इंग्लैंड का एक गाँव है ‘ग्रीनविच’ (Greenwich) जिसके आधार पर इसकी नींव रखी गई। इसके बारे में ऐसा कहा जा सकता है कि यह धरती के मध्य में स्थित है। हालाँकि, इससे जुड़े तमाम तकनीकी तथ्य हैं, सभी अहम हैं लेकिन सवाल यह है कि कितने समझे जा सकते हैं। 

GMT (Greenwich Mean Time) को सालाना औसत कहा जाता है, जिस अवधि में सूर्य इंग्लैंड स्थित ‘रॉयल ऑब्जर्वेटरी ग्रीनविच’ (Royal Observatory Greenwich) से होकर गुज़रता है। इसे साल 1884 में ठीक आज के दिन ही मान्यता दी गई थी और 1972 तक यह ‘अंतर्राष्ट्रीय सिविल टाइम’ का मानक बन गया था। असल में यह प्रक्रिया शुरू हुई थी 16वीं शताब्दी से जब पेंडुलम का अविष्कार हुआ था। इसके बाद ही समय और सौर मंडल समयावधि (solar time) के बीच सम्बंध पता चला था। 19वीं सदी के दौरान इंग्लैंड के हर शहर का अपना समय होता था, कोई राष्ट्रीय मानक नहीं था नतीजतन कई तरह की परेशानियाँ सामने आती थीं। 

1850 से 1860 के बीच वहाँ रेलवे और व्यापार का विस्तार हुआ, आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ी। ऐसे हालातों में वहाँ एक राष्ट्रीय मानक समय की आवश्यकता पड़ी, फिर रेलवे ने ही एक मानक समय (स्टैंडर्ड टाइम) तय किया। अंततः साल 1847 के दिसंबर महीने में ब्रिटिश रेलवे ने GMT स्वीकार किया, जिसे ‘रेलवे टाइम’ भी कहा गया। 1850 के बाद इंग्लैंड स्थित छोटे बड़े शहरों की सार्वजनिक घड़ियों को GMT के आधार पर तय किया गया और 1880 तक इसे पूरी तरह स्वीकृति मिल गई। 

साल 1884 में GMT की ग्रीनविच मेरिडियन को 2 वजहों के चलते बतौर ‘प्राइम मेरिडियन’ (Prime Meridian) स्थापित किया गया। 

पहली, अमेरिका (USA) ने अपने राष्ट्रीय टाइम ज़ोन के आधार पर सब कुछ तय कर लिया था। 

दूसरी, 90 के दशक में दुनिया का लगभग 70 से 75 फ़ीसदी व्यापार और लेन-देन समुद्र तालिका (sea charts) पर निर्भर करता था। यह पहले ही ग्रीनविच को ‘प्राइम मेरिडियन’ के तौर पर स्वीकार कर लिया था। 

इसके अलावा भी एक और वजह थी जिसके आधार पर ग्रीनविच को महत्त्व दिया गया क्योंकि इसका देशांतर (longitude) 0 डिग्री पर था। दलील दी गई कि इससे दुनिया की एक बड़ी आबादी को फायदा होगा। द शेफ़र्ड गेट क्लॉक (The Shepherd Gate Clock) दुनिया की पहली ऐसी घड़ी थी जिसने पहली बार GMT को सार्वजनिक रूप से दिखाया था। इसे ‘स्लेव क्लॉक’ भी कहा जाता है जो रॉयल ऑब्जर्वेटरी स्थित शेफ़र्ड मास्टर क्लॉक से जुड़ी हुई है। वहीं दूसरी तरफ ‘रॉयल ऑब्जर्वेटरी’ को GMT का घर भी कहा जाता है।     

एक और ऐसी चीज़ है जिसके बिना GMT विषय अधूरा है, अन्तराष्ट्रीय तिथि रेखा (International Date Time)। इसके आधार पर दिन तय किए जाते हैं और GMT के आधार पर समय तय किया जाता है। दुनिया में हर देश का अपना अलग टाइम ज़ोन जो इस आधार पर तय किया जाता है कि देशांतर रेखा किस प्रकार या किस स्थिति में उससे होकर गुज़रती है। उदाहरण के लिए भारत में यह रेखा 82.5 डिग्री पर होकर गुज़रती है जिसके आधार पर भारत GMT से 5.30 घंटे आगे है।

GMT से सम्बंधित कुछ और बातें बेहद अहम होती हैं जिसके बिना इसकी कार्यप्रणाली समझना मुश्किल है। इसमें सबसे ज़्यादा उल्लेखनीय है अक्षांश (latitude) और देशांतर (longitude)। अक्षांश रेखाएं समानांतर (parallel) होती हैं, इनकी दूरी समान होती है, यह पूर्व से पश्चिम की तरफ होती हैं और इनकी कुल संख्या 181 होती है। वहीं देशांतर रेखाएं उत्तर से पश्चिम की तरफ होती हैं, इसकी रेखाओं में दूरी समान नहीं होती है और यह भूमध्य रेखा से भी काफी दूर होती हैं। अंग्रेज़ों के शासनकाल में हमारे देश के 2 टाइम ज़ोन हुआ करता था, पहला कोलकाता के आधार पर और दूसरा मुंबई के आधार पर। उनके जाने के बाद IST (Indian Standard Time) बना, यानी एक देश का एक ही मानक समय होगा। हमारा GMT + 5:30 है यानी ग्रीनविच मीन टाइम से लगभग 5:30 घंटे आगे।       

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

15000 स्क्वायर किलोमीटर जंगल भी बढ़े और आदिवासी तरक्की के रास्ते में विकास के पार्टनर भी: प्रकाश जावड़ेकर

"बदलाव हम हर साल एफलिएशन में करते हैं। वो 1100 शिक्षक के सुझाव पर आधारित हैं। वो इतने सार्थक हैं कि 900 पेज का बदलाव हुआ, लेकिन..."

‘बिहार में LJP वोटकटुआ का काम करेगी, इससे परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ेगा’- प्रकाश जावड़ेकर

"बिहार में भाजपा समर्थक सवाल उठा रहे कि वहाँ पर भाजपा अकेले चुनाव क्यों नहीं लड़ती? क्या इस मुद्दे पर केंद्रीय नेतृत्व में बातचीत होती है?"

‘OTT प्लेटफॉर्म सेल्फ-रेग्युलेशन की अच्छी व्यवस्था करे, फेक न्यूज पर PIB अच्छा कर रही है’ – प्रकाश जावड़ेकर

“इसके अच्छे और बुरे दोनों तरह के नतीजे आ रहे हैं। इसलिए हमने OTT प्लेटफॉर्म को कहा है कि वो सेल्फ-रेग्युलेशन की अच्छी व्यवस्था करें।"

370 हटने के बाद लद्दाख का पहला चुनाव, BJP ने मारी बाजी: 26 में 15 सीटों पर जीत, AAP को जीरो

लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिलने के बाद यह पहला चुनाव था। लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (LAHDC) के चुनाव में...

माँ-बाप दाेनों रहे CM फिर भी पास नहीं कर पाए मैट्रिक: तेजस्वी पर योगी आदित्यनाथ की टीम ने यूँ कसा तंज

“ये है तेजस्वी यादव की सभाओं में भीड़ का सच। गुस्साए लोगों ने कहा, 500 रुपए देकर 5 साल राज करना चाहता है तेजस्वी। वोट मोदी को ही देंगे...”

गोहत्या: 18 घटनाएँ, जहाँ रंगेहाथ पकड़े गए 87 गौ-तस्कर, जिनसे मिले कुल 2604 गौवंश अवशेष

उच्च न्यायालय ने निर्दोष व्यक्तियों को फँसाने के लिए उत्तर प्रदेश गोहत्या निरोधक कानून के प्रावधानों के लगातार दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की।

प्रचलित ख़बरें

IAS अधिकारी ने जबरन हवन करवाकर पंडितों को पढ़ाया ‘समानता का पाठ’, लोगों ने पूछा- मस्जिद में मौलवियों को भी ज्ञान देंगी?

क्या पंडितों को 'समानता का पाठ' पढ़ाने वाले IAS अधिकारी मौलवियों को ये पाठ पढ़ाएँगे? चर्चों में जाकर पादिरयों द्वारा यौन शोषण की आई कई खबरों का जिक्र करते हुए ज्ञान देंगे?

मदद की अपील अक्टूबर में, नाम लिख लिया था सितम्बर में: लोगों ने पूछा- सोनू सूद अंतर्यामी हैं क्या?

"मदद की गुहार लगाए जाने से 1 महीने पहले ही सोनू सूद ने मरीज के नाम की एक्सेल शीट तैयार कर ली थी, क्या वो अंतर्यामी हैं?" - जानिए क्या है माजरा।

जब रावण ने पत्थर पर लिटा कर अपनी बहू का ही बलात्कार किया… वो श्राप जो हमेशा उसके साथ रहा

जानिए वाल्मीकि रामायण की उस कहानी के बारे में, जो 'रावण ने सीता को छुआ तक नहीं' वाले नैरेटिव को ध्वस्त करती है। रावण विद्वान था, संगीत का ज्ञानी था और शिवभक्त था। लेकिन, उसने स्त्रियों को कभी सम्मान नहीं दिया और उन्हें उपभोग की वस्तु समझा।

नवरात्र में ‘हिंदू देवी’ की गोद में शराब और हाथ में गाँजा, फोटोग्राफर डिया जॉन ने कहा – ‘महिला आजादी दिखाना था मकसद’

“महिलाओं को देवी माना जाता है लेकिन उनके साथ किस तरह का व्यवहार किया जाता है? उनके व्यक्तित्व को निर्वस्त्र किया जाता है।"

एक ही रात में 3 अलग-अलग जगह लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करने वाला लालू का 2 बेटा: अब मिलेगी बिहार की गद्दी?

आज से लगभग 13 साल पहले ऐसा समय भी आया था, जब राजद सुप्रीमो लालू यादव के दोनों बेटों तेज प्रताप और तेजस्वी यादव पर छेड़खानी के आरोप लगे थे।

हमसे सवाल करने वालों के मुँह गोमूत्र-गोबर से भरे हैं: हिन्दू घृणा से भरे तंज के सहारे उद्धव ठाकरे ने साधा भाजपा पर निशाना

"जो लोग हमारी सरकार पर सवाल उठाते हैं, उनके मुँह गोमूत्र-गोबर से भरे हुए हैं। ये वो लोग हैं जिनके खुद के कपड़े गोमूत्र व गोबर से लिपटे हैं।"
- विज्ञापन -

15000 स्क्वायर किलोमीटर जंगल भी बढ़े और आदिवासी तरक्की के रास्ते में विकास के पार्टनर भी: प्रकाश जावड़ेकर

"बदलाव हम हर साल एफलिएशन में करते हैं। वो 1100 शिक्षक के सुझाव पर आधारित हैं। वो इतने सार्थक हैं कि 900 पेज का बदलाव हुआ, लेकिन..."

पैगंबर मुहम्मद के कार्टूनों का सार्वजानिक प्रदर्शन, फ्रांस के एम्बेसेडर को पाकिस्तान ने भेजा समन

पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने इस मुद्दे पर कहा कि फ्रांस के राष्ट्रपति का बयान बेहद गैर ज़िम्मेदाराना था और ऐसे बयान से सिर्फ आग को हवा मिलेगी।

राहुल बन नाबालिग लड़की से की दोस्ती, रेप के बाद बताया – ‘मैं साजिद हूँ, शादी करनी है तो धर्म बदलो’

आरोपित ने खुद ही पीड़िता को बताया कि उसका नाम राहुल नहीं बल्कि साजिद है। साजिद ने पीड़िता से यह भी कहा कि अगर शादी करनी है तो...

‘बिहार में LJP वोटकटुआ का काम करेगी, इससे परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ेगा’- प्रकाश जावड़ेकर

"बिहार में भाजपा समर्थक सवाल उठा रहे कि वहाँ पर भाजपा अकेले चुनाव क्यों नहीं लड़ती? क्या इस मुद्दे पर केंद्रीय नेतृत्व में बातचीत होती है?"

ताजमहल में फहराया भगवा झंडा, गंगा जल छिड़क कर किया शिव चालीसा का पाठ

ताजमहल परिसर में दाखिल होते ही उन्होंने वहाँ पर गंगा जल का छिड़काव किया और भगवा झंडा फहराया। शिव चालीसा का पाठ भी किया गया।

24 घंटे में रिपब्लिक TV के दिल्ली-नोएडा के पत्रकारों को मुंबई के पुलिस थाने में हाजिर होने का आदेश

अर्नब गोस्वामी ने मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह और महाराष्ट्र की उद्धव सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि नाइंसाफी की इस लड़ाई में...

‘OTT प्लेटफॉर्म सेल्फ-रेग्युलेशन की अच्छी व्यवस्था करे, फेक न्यूज पर PIB अच्छा कर रही है’ – प्रकाश जावड़ेकर

“इसके अच्छे और बुरे दोनों तरह के नतीजे आ रहे हैं। इसलिए हमने OTT प्लेटफॉर्म को कहा है कि वो सेल्फ-रेग्युलेशन की अच्छी व्यवस्था करें।"

370 हटने के बाद लद्दाख का पहला चुनाव, BJP ने मारी बाजी: 26 में 15 सीटों पर जीत, AAP को जीरो

लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिलने के बाद यह पहला चुनाव था। लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (LAHDC) के चुनाव में...

माँ-बाप दाेनों रहे CM फिर भी पास नहीं कर पाए मैट्रिक: तेजस्वी पर योगी आदित्यनाथ की टीम ने यूँ कसा तंज

“ये है तेजस्वी यादव की सभाओं में भीड़ का सच। गुस्साए लोगों ने कहा, 500 रुपए देकर 5 साल राज करना चाहता है तेजस्वी। वोट मोदी को ही देंगे...”

गोहत्या: 18 घटनाएँ, जहाँ रंगेहाथ पकड़े गए 87 गौ-तस्कर, जिनसे मिले कुल 2604 गौवंश अवशेष

उच्च न्यायालय ने निर्दोष व्यक्तियों को फँसाने के लिए उत्तर प्रदेश गोहत्या निरोधक कानून के प्रावधानों के लगातार दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
79,308FollowersFollow
338,000SubscribersSubscribe