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Uber के लिए हिन्दू महिला का नाम ही अवैध, ‘स्वास्तिक’ को जोड़ दिया नाजी से, नाम बदलने की रख दी शर्त: 6 महीने के बाद माँगी माफी

फिजी की मूल निवासी स्वस्तिका चंद्रा के साथ यह घटना ऑस्ट्रेलिया में हुई। अक्टूबर 2023 में जब वह उबर पर खाना आर्डर कर रही थीं तो उनसे नाम बदलने को कहा गया। उनका नाम उबर को हिंसक लगा और उबर ने उनको अपने प्लेटफार्म से प्रतिबंधित कर दिया।

ऑस्ट्रेलिया में एक हिन्दू महिला का स्वास्तिक नाम होने के चलते उबर कम्पनी ने सेवाएँ देने से मना कर दिया। उबर ने इस नाम को अवैध बताया। उबर ने स्वास्तिक नाम को नाजी निशान हेकेनक्रूज बताया और हिन्दू महिला को सुविधाएँ देने से मना किया। यह तब हुआ जब सैकड़ों बार यह स्पष्ट हो चुका है हिन्दू स्वास्तिक, घृणा वाले हेकेनक्रेज से पूरी तरह अलग है। उबर ने इस मामले में बाद में माफ़ी भी माँगी है।

जानकारी के अनुसार, फिजी की मूल निवासी स्वस्तिका चंद्रा के साथ यह घटना ऑस्ट्रेलिया में हुई। अक्टूबर 2023 में जब वह उबर पर खाना आर्डर कर रही थीं तो उनसे नाम बदलने को कहा गया। उनका नाम उबर को हिंसक लगा और उबर ने उनको अपने प्लेटफार्म से प्रतिबंधित कर दिया।

स्वास्तिका चन्द्रा को उबर ने बताया कि स्वास्तिक जैसा निशान जर्मनी का तानाशाह हिटलर और उसकी नाजी पार्टी करती थी इसलिए स्वास्तिका नाम को अनुमति नहीं दी जा सकती। उबर ने चन्द्रा पर एप यूज करने के लिए नाम बदलने की शर्त रख दी।

स्वास्तिका चन्द्रा ने बताया कि वह फिजी में जन्मी हैं और उनके जानने वालों में ही स्वास्तिक नाम के लोग हैं। उनको इस नाम से इससे पहले कभी समस्या नहीं हुई। यहाँ तक कि ऑस्ट्रेलिया में उन्हें अपने दस्तावेज तैयार करवाने में भी कोई दिक्कत नहीं हुई। यहाँ भी उनके नाम को लेकर कोई प्रश्न नहीं उठाए गए।

स्वास्तिक चंद्रा ने इस बात पर गुस्सा जाहिर किया कि हिटलर से पहले स्वास्तिक के चिन्ह का हजारों साल से हिन्दुओं ने उपयोग किया है और फिर भी कम्पनियाँ इन्हें एक मानती हैं। स्वास्तिक चंद्रा ने इस घटना के कारण अपना नाम बदलने से भी इनकार किया।

इस घटना के कड़े विरोध के कारण उबर ने माफ़ी मांग ली है और स्वस्तिक को उनके नाम के साथ ही अपने प्लेटफार्म के उपयोग की अनुमति दी है। इस मुहिम में स्वास्तिक चंद्रा को ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी हिन्दू संस्था, एक यहूदी संस्था और कानूनी अधिकारियों की मदद लेनी पड़ी।

अलग-अलग हैं स्वास्तिक और नाजी निशान ‘हेकेनक्रेज या हूक्ड क्रॉस’

स्वास्तिक पर यह बवाल कोई नया नहीं है। पश्चिमी देशों में नासमझी के चलते हिन्दू पवित्र चिन्ह को ईसाईयत के हूक्ड क्रॉस या हेकेनक्रेज, जिसका इस्तेमाल हिटलर करता था, समझा जाता है। इस बेवकूफी में मात्र सामान्य जन ही नहीं बल्कि बड़े बड़े मीडिया संस्थान भी शामिल हैं। स्वास्तिक जहाँ पूरी तरीके से सीधा बना होता है और इसके कोने हल्का सा मोड जाते हैं, वहीं हूक्ड क्रॉस एकदम सीधा ना होकर 45 अंश पर बाएँ तरफ को मोड़ा हुआ होता है। स्वास्तिक के भीतर बिंदियाँ भी होती हैं, हूक्ड क्रॉस में यह नहीं होती।

इसके अलावा स्वास्तिक शब्द का निर्माण ‘सु’ और ‘अस्ति’ से मिलकर हुआ है। इसका अर्थ होता है कि ‘अच्छा होना’। दूसरी तरफ हूक्ड क्रॉस या हेकेनक्रेज हिटलर के नाजी जर्मनी में लगाया जाने वाला निशान था। इसका हिन्दू धर्म से कोई लेना देना नहीं है। हिटलर इस निशान का इस्तेमाल यहूदियों को आतंकित करने के लिए करता था। दोनों चिन्हों में अंतर को कई बार स्पष्ट किया जा चुका है। कई पश्चिमी देशों में हेकेनक्रेज पर प्रतिबंध है लेकिन स्वास्तिक पर नहीं।

हालाँकि, पश्चिमी मीडिया संस्थान हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करने के लिए लगातार नाजी समर्थकों का हूक्ड क्रॉस स्वास्तिक बताया जाता रहा है। सितम्बर, 2022 में एक हत्यारे ने रूस में कई बच्चों की हत्या कर दी थी। उसने यही क्रॉस अपनी टीशर्ट पर बनाया हुआ था। इसे समाचार संस्थान रायटर्स ने क्रॉस ना बता कर स्वास्तिक बताया। इसी तरह अन्य कई बार भी ऐसे ही प्रयास किए गए। इसकी वजह से हिन्दुओं को पश्चिमी देशों में घृणा का भी शिकार होना पड़ा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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