Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय'तुम समलैंगिको को मार देना चाहिए' : युगांडा में पारित हुआ 'सबसे सख्त' LGBTQ...

‘तुम समलैंगिको को मार देना चाहिए’ : युगांडा में पारित हुआ ‘सबसे सख्त’ LGBTQ विरोधी कानून, लोग देश छोड़कर भागने को मजबूर

युगांडा में पारित यह कानून इतना सख्त है कि इसमें समलैंगिक लोगों को प्रॉपर्टी लीस में देने पर भी सजा का प्रावधान है। इसके अलावा समलैंगिक होने का दोषी पाए जाने पर पुनर्वास की भी माँग की गई है।

भारत में जब समलैंगिक विवाह को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बहस चल रही है, एक अफ्रीकी देश ने समलैंगिकता पर इतना सख्त कानून बना दिया है कि लोग देश छोड़कर भाग रहे हैं। इस देश का नाम युगांडा है। जहाँ की सरकार ने अपने देश में समलैंगिकता के विरोध में कानून को पारित किया है।

युगांडा में पारित हुए इस नए कानून के हिसाब से ‘गे और लेस्बियन’ अब अपराधी माने जाएँगे। साथ ही दोषी करार होने पर उन्हें आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, युगांडा में ये कानून पारित होने के बाद कई लोग देश छोड़कर भाग रहे हैं और केन्या की राजधानी नैरोबी में बने सेफहाउस में पनाह रहे हैं। इस सेफहाउस में कोई फर्नीचर भी नहीं है। फिर भी युगांडा के समलैंगिक लोग यहाँ पनाह ले रहे हैं। उनके पास घर छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

कोई अपनी माला लेकर तो कोई अपनी पसंदीदा ड्रेस लेकर इस सेफहाउस की ओर भागा है। एक लेस्बियन जोड़ा भी इस सेफहाउस में आया है जिसके पास बस वो स्मार्टफोन है जिसमें उनकी खुशी वाले दिनों की तस्वीर है जिनमें वो डेट करते और डांस करते दिख रहे हैं।

कंपाला के शेल्टर में पनाह लेने वाले एमबीजवे निमिरो विल्सन नाम के शख्स ने कहा, “युगांडा की सरकार और लोग हमारे अस्तित्व के खिलाफ हैं।” निमिरो ने बताया, “लोग कहते थे हम तुम्हें छोड़ेंगे नहीं। तुम समलैंगिकों को मार देना चाहिए। हम तुम्हें मार देंगे। हमारे सामने देश छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।”

बता दें कि युगांडा में पारित यह कानून इतना सख्त है कि इसमें समलैंगिक लोगों को प्रॉपर्टी लीस में देने पर भी सजा का प्रावधान है। इसके अलावा समलैंगिक होने का दोषी पाए जाने पर पुनर्वास की भी माँग की गई है। राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी ने इस बिल की सराहना की, जबकि यूरोपीय संसद ने इस विधेयक की निंदा की। उनके अलावा मानवाधिकार समूहों और संयुक्त राष्ट्र ने निंदा की है। वहीं अमेरिका की बाइडन सरकार ने तो इसे दुनिया का ‘सबसे कठोर’ समलैंगिक विरोधी कानून बताया है। महीनों तक इसके खिलाफ अभियान चलाने के बाद युगांडा में समलैंगिक अधिकार कार्यकर्ता ने अब इस कानून को अदालत में चुनौती देने की योजना बना रहे हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -