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खुद की ईसाइयत के लिए जिस हिंदू पत्नी को दिया था श्रेय, उसे ईसाई बनते देखना चाहता है US का उपराष्ट्रपति JD वेंस: हिंदू-विरोधी नफरत के बीच ‘गोरे’ कट्टरपंथियों को खुश करने की कोशिश

जेडी वेंस को उस समय तक अपनी पत्नी के धर्म से समस्या नहीं थी जब इसके जरिए उनका प्रचार हो रहा था। उन्हें परेशानी तब हुई जब ईसाई कट्टरपंथी उन्हें घेरने लगे।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपनी हिंदू पत्नी उषा बाला चिलुकुरी को अपनी ईसाई मान्यताओं को अपनाने की इच्छा जाहिर करके बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। जो बात और ज्यादा गुस्सा पैदा कर रही है, वो है उनकी पत्नी को ‘अनिश्चितता-वादी(Agnostic)’ बताना और उनकी ‘हिंदू आस्था’ को मान्यता देने से चौंकाने वाली अनिच्छा, जबकि पहले उन्होंने खुले तौर पर माना था कि उषा और उनके धर्म ने उन्हें जीसस क्राइस्ट के करीब आने में मदद की थी।

इसी तरह उषा ने भी हिंदू धर्म को अपनी शानदार परवरिश से जोड़ा था और बताया था कि इसने उनके माता-पिता को अच्छा इंसान बनाने में भूमिका निभाई थी।

दरअसल, कभी अपनी हिंदू पत्नी के धर्म के बारे में गर्व से मीडिया को बताने वाले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का अब कहना है कि वो चाहते हैं उनकी पत्नी ईसाई धर्म अपना लें। ऐसा क्यों? सिर्फ इसलिए क्योंकि अमेरिका में लगातार कुछ लोग उषा बाला के धर्म को लेकर सवाल खड़ा कर रहे हैं। जबकि कुछ समय पहले उनकी पत्नी मेघन मकैन के इंटरव्यू में भी कहकर आ चुकी हैं कि ईसाई बनने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है। वे अपने बच्चों को भारत के बारे में और संस्कृति के बारे में भी पढ़ाती हैं।

उषा के इसी बयान के बाद से लगातार कुछ अमेरिकी उन्हें लगातार निशाने पर ले रहे थे। हिंदू धर्म को गाली दी जा रही थी। देवी-देवताओं पर सवाल उठाए जा रहे थे। अब जेडी वेंस ने इन सब लोगों को जवाब देने की बजाय अपनी प्रतिबद्धता कट्टरपंथी मानसिकता के प्रति दिखाई है।

दिलचस्प बात ये है कि वेंस को उस समय तक अपनी पत्नी के धर्म से समस्या नहीं थी जब इसके जरिए उनका प्रचार हो रहा था। उन्हें परेशानी तब हुई जब ईसाई कट्टरपंथी उन्हें घेरने लगे। उन्होंने अपनी साख बचाने के लिए अपनी पत्नी की पहचान को ही ताक पर रख दिया। वेंस ने अपने अमेरिका में बढ़ते भारत-विरोधी और हिंदू विरोधी एजेंडे को समर्थन दिया जिसे वो चाहते तो थाम सकते थे।

ये जेडी वेंस का बयान है, जहाँ उन्होंने कहा था, “मेरा कभी ईसाई संस्कार (बपतिस्मा) नहीं हुआ। मैं ईसाई धर्म में पला-बढ़ा, लेकिन मेरा बपतिस्मा नहीं हुआ। पहली बार ये ईसाई संस्कार 2018 में हुआ था। उसके बाद जब मैं ईसाई धर्म से जुड़ने लगा तब मेरी पत्नी ने मेरा बहुत साथ दिया। वह सच में ईसाई नहीं है। उसका लालन-पालन भी ईसाई परिवार में नहीं हुआ। लेकिन उसने मेरा बहुत साथ दिया।”

फॉक्स न्यूज के कैमरे पर ऐसा बयान देने वाले जेडी वेंस आज अमेरिका को ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ बनाने के नाम पर ईसाई कट्टरपंथियों को बढ़ावा दे रहे हैं। भारतीयों के खिलाफ हो रही हिंसा पर उनका भले कोई बयान न आया हो लेकिन अपनी ही पत्नी के धर्म को बदलवाने की उनकी इच्छा अब साफ हो रही है। वो जानते हैं उनके कदम से उनके परिवार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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