Thursday, July 25, 2024
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रास्ते से गायब हो गया है आपके नाखून से भी छोटा कैप्सूल, चेतावनी- मिले तो छुएँ नहीं: 1400 km की सड़क पर चल रही तलाश

रेडियोएक्टिव कैप्सूल काफी खतरनाक है। यह देखने में एक सिक्के से भी छोटा है। इसकी लंबाई 8 मिमी और चौड़ाई 6 मिमी है।

ऑस्ट्रेलिया (Australia) में गुम हुए एक छोटे से रेडियोएक्टिव कैप्सूल ने पूरे देश की नींद उड़ा रखी है। यह रेडियोएक्टिव कैप्सूल (radioactive capsule) इंसान के नाखून से भी छोटा है। दुनिया की जानी-मानी ऑस्ट्रेलियन खनन कंपनी रियो टिंटो के स्थानीय अधिकारी और कर्मचारी 1400 किमी लंबी सड़क पर एक बेहद छोटे और घातक रेडियोएक्टिव कैप्सूल की तलाश कर रहे हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, रेडियोएक्टिव कैप्सूल काफी खतरनाक है। यह देखने में एक सिक्के से भी छोटा है। इसकी लंबाई 8 मिमी और चौड़ाई 6 मिमी है। इसमें रेडियोएक्टिव Cesium-137 नाम का पदार्थ भरा हुआ है। इसे ट्रक से लाया जा रहा था, जो रास्ते में गिरने से गायब हो गया। कैप्सूल रेडियोएक्टिव है, जिसमें से गामा किरणें निकलती हैं, जो इंसानों के लिए बेहद खतरनाक होती हैं।

एक ट्रक रियो टिंटो की गुदई-डारी (Gudai-Darri) खदान से रेडियोएक्टिव कैप्सूल को पर्थ ले जा रहा था, उस दौरान वह रास्ते में कहीं पर गिर गया। कंपनी को 25 जनवरी को जाँच के बाद ही पता चला कि कैप्सूल गायब है। इसे आखिरी बार 12 जनवरी 2023 को देखा गया था। ऐसा माना जाता है कि ट्रक में खड़खड़ाहट के कारण बोल्ट ढीले हो गए और वह रास्ते में ही गिर गया। जब इसका पता लगाने के लिए ट्रक को खोला गया, तो उन्होंने कथित तौर पर गेज को टूटा हुआ पाया, जिसकी वजह से कुछ पेंच और बोल्ट रास्ते में कहीं पर गिर थे।

अधिकारियों ने ऑस्ट्रेलिया के लोगों से सावधान रहने, कैप्सूल को देखने पर उससे दूरी बनाने और उसे छूने से बचने के लिए कहा है। क्योंकि यह कैप्सूल उनके लिए काफी खतरनाक हो सकता है। इसे छूने से कई गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं। इस कैप्सूल के जरिए एक घंटे में 10 एक्स-रे के बराबर उत्सर्जन होता है, जो काफी जोखिम भरा है। यही वजह है कि एक्सपर्ट लोग इस कैप्सूल से करीब 16 फीट दूरी बनाए रखने की सलाह देते हैं। इस बीच, रियो टिंटो ने अपनी गलती के लिए माफी माँगी है और कैप्सूल को खोजने में अधिकारियों की मदद कर रहा है।

उन्होंने कहा, “हमने यह जानने के लिए अपनी जाँच शुरू कर दी है कि कैप्सूल रास्ते में अचानक से कैसे गायब हो गया।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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