Sunday, June 26, 2022
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सेशंस कोर्ट ने मुंबई पुलिस को अर्णब से प्रतिदिन 3 घंटे पूछताछ की दी इजाजत, जमानत याचिका पर सुनवाई कल

सोमवार शाम अलीबाग स्थित सेशंस कोर्ट ने अन्वय नाइक आत्महत्या मामले में पुलिस टीम को रिपब्लिक टीवी एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी से तीन घंटे तक पूछताछ करने की अनुमति दे दी। अलीबाग पुलिस तलोजा जेल में जाकर अर्णब गोस्वामी से पूछताछ कर सकती है।

अलीबाग सेशन कोर्ट में रायगढ़ पुलिस ने अन्वय आत्महत्या मामले में याचिका डाली है, जिसमें कल (नवंबर 10, 2020) अर्णब गोस्वामी को न्यायिक हिरासत देने के मजिस्ट्रेट के आदेश को संशोधित करने की माँग की गई है। इसके साथ ही कोर्ट ने अर्णब की जमानत याचिका पर पुलिस को नोटिस जारी किया है और जमानत याचिका पर भी कल सुनवाई होगी।

सोमवार (नवंबर 9, 2020) शाम अलीबाग स्थित सेशंस कोर्ट ने अन्वय नाइक आत्महत्या मामले में पुलिस टीम को रिपब्लिक टीवी एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी से तीन घंटे तक पूछताछ करने की अनुमति दे दी। अलीबाग पुलिस तलोजा जेल में जाकर अर्णब गोस्वामी से पूछताछ कर सकती है। अलीबाग पुलिस ने अलीबाग सेशंस कोर्ट में अलीबाग मजिस्ट्रेट कोर्ट के सामने अर्णब गोस्वामी को न्यायिक हिरासत भेजे जाने के ऑर्डर को चुनौती दी थी।

अदालत ने सीजेएम के खिलाफ स्थानीय अपराध शाखा द्वारा एक संशोधन आवेदन पर सुनवाई करते हुए आदेश पारित किया, अलीबाग के पुलिस हिरासत को खारिज कर दिया और इसके बजाय अर्णब को न्यायिक हिरासत देने का आदेश दिया।

बता दें कि इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ के संस्थापक और प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में ऐसा दावा नहीं पेश किया गया, जिससे पीठ को असाधारण जुरिडिक्शन देना पड़े। हालाँकि, बॉम्बे हाईकोर्ट ने ये भी कहा कि नियमित जमानत के अन्य विकल्प अभी भी है और उसके लिए प्रयास किया जा सकता है। इसके लिए अर्णब गोस्वामी को सेशन कोर्ट जाना पड़ेगा

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी से नाराज देश भर के तमाम लोग उनके समर्थन में सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया और प्रदर्शनों के माध्यम से लोग उनकी जल्द रिहाई की माँग कर रहे हैं। गोस्वामी को रविवार (नवंबर 8, 2020) सुबह अलीबाग क्वारंटाइन सेंटर से तलोजा जेल ले जाया गया। इस दौरान उन्होंने खुलासा किया कि उनकी जान को खतरा है और पुलिस द्वारा उनको प्रताड़ित किया जा रहा है।

रिपब्लिक टीवी के कंसल्टिंग एडिटर प्रदीप भंडारी ने ट्वीट कर बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और अर्णब गोस्वामी को सुरक्षा प्रदान करने को लेकर स्वत: संज्ञान लेने का अनुरोध किया है।

गौरतलब है कि रायगढ़ पुलिस ने रविवार को रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी को न्यायिक रिमांड जारी रखने के लिए तलोजा जेल शिफ्ट कर दिया गया। अर्णब की शिफ्टिंग का कारण देते हुए पुलिस ने दावा किया कि अर्णब गोस्वामी अलीबाग के क्वारंटाइन सेंटर के अंदर मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहे थे। नियमों के अनुसार, वह अनुमति के बिना न्यायिक हिरासत में रहते हुए मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर सकते है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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