Sunday, September 27, 2020
Home रिपोर्ट मीडिया पुलवामा आतंकी था धोनी का फैन, बेचारे के शरीर का एक टुकड़ा भी नहीं...

पुलवामा आतंकी था धोनी का फैन, बेचारे के शरीर का एक टुकड़ा भी नहीं मिला: HT ने लगभग दी श्रद्धांजलि!

आतंकी आदिल डार के ही परिवार से तीन लोग आतंकी समूहों से जुड़ रहे। एक उसके चाचा का लड़का, जिसने लश्कर-ए-तैयबा ज्वाइन किया और मारा गया। दूसरा आदिल का भाई, जो जेल में था और आदिल की मौत के बाद ही बाहर आया था। और तीसरा खुद आदिल अहमद डार।

भारतीय मीडिया और आतंकवादियों से उनकी संवेदना कोई नई बात नहीं है। अक्सर हम देखते हैं कि मीडिया में बैठे हुए कुछ बुद्धिजीवी आतंकवादियों की प्रोफाइलिंग करते हुए उन्हें इस तरह से पेश करते हैं, ताकि उनके कारनामों पर मानवता की एक परत चढ़ जाए। इससे पहले प्रोपेगेंडा पत्रकार बरखा दत्त को आतंकी बुरहान वाणी की प्रोफाइलिंग करते हुए देखा गया था।

बरखा दत्त की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए हिन्दुस्तान टाइम्स की पत्रकार हरिंदर बावेजा ने पुलवामा आतंकी हमले के ठीक एक साल पूरे होने पर इस हमले के मुख्य अभियुक्त आदिल अहमद डार के कारनामे पर पर्दा डालने का ‘बौद्धिक’ प्रयास किया है।

हरिंदर बावेजा द्वारा लिखे गए इस लेख का शीर्षक है- “Apathy forced him to opt for violence, says Pulwama bomber’s family” जिसका आशय यह है कि उपेक्षा ने पुलवामा के आतंकी हमलावर को यह कदम उठाने पर मजबूर किया।

शीर्षक से ही स्पष्ट होता है कि इस लेख में पुलवामा आतंकी को क्लीन चिट देने की पूरी कोशिश की गई होगी। लेकिन फिर भी, बिना किसी पूर्वग्रह के इस लेख को पढ़ने से पता चलता है कि यह पूरा लेख और कुछ नहीं बल्कि एक और आतंकवादी को अगला युगपुरुष साबित करने का प्रयास है।

- विज्ञापन -

इस लेख में हरिंदर बावेजा ने बताया है कि अहमद डार की माँ से बातचीत में उसे पता चला कि उसे क्रिकेट बहुत पसंद था और वह भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का प्रसंशक था। यह भी बताया गया है कि अहमद डार कभी भी गाड़ी ज्यादा दूर तक नहीं ले जाता था क्योंकि उसके पास लाइसेंस नहीं था।

हैरानी की बात यह है कि इस कॉलम की लेखिका हरिंदर बावेजा के अनुसार फिदायीन आतंकी अहमद डार अगर नियम-कानून का इतना रखवाला था तो फिर वो एक दिन अचानक से विस्फोटकों से भरी हुई गाड़ी लेकर सीआरपीएफ के 40 जवानों से भरी गाड़ी से कैसे टकरा जाता है?

लेख में बताया गया है कि अहमद डार के पिता ने कहा कि वो भारतीय क्रिकेट टीम की जीत पर हमेशा जश्न मनाता था, भले ही हर कोई यही मानता है कि कश्मीरी पाकिस्तान की जीत से खुश होते हैं।

लेकिन अगर यह आतंकी अहमद डार भारतीय क्रिकेट और एमएस धोनी का इतना ही बड़ा समर्थक था, तो उसने उस भारतीय सुरक्षा बलों पर हमला करने का फैसला आखिर कैसे कर लिया, जिसके साथ डार के प्रिय क्रिकेटर धोनी अपना समय बिताते हैं। एमएस धोनी को 2011 में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद रैंक मिली थी। लेकिन धोनी के चरित्र और सेना के प्रति उनके प्रेम को फिदायीन आतंकी क्यों नहीं अपना पाया, यह प्रश्न करना शायद हिन्दुस्तान टाइम्स की स्तम्भकार भूल गई।

लेखिका का कहना है कि अहमद डार के पिता ने बताया कि 22 साल का अहमद डार फिर कभी क्रिकेट प्रेमी नहीं रह पाया और उसने गत 14 फरवरी को भारतीय सुरक्षा बलों पर हमला कर दिया, इस हमले में जितने सैनिक मारे गए, इतने घाटी के इतिहास में पहले कभी एक ही हमले में नहीं मारे गए थे। लेख में बड़े ही पीड़ादायक शब्दों में बताया गया है कि 40 जवानों को मारने के बाद अहमद डार के शरीर का कुछ भी हिस्सा उसके घर वालों को नहीं मिल पाया।

अहमद डार के पिता के शब्दों को अगर स्तम्भकार हरिंदर बावेजा ने शब्दशः वास्तव में लिखा है तो यह स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है कि ये एक दुखी या मायूस नहीं बल्कि एक जिहादी के गौरवान्वित पिता के शब्द थे। क्योंकि लेखिका का कहना है कि अहमद डार के इस विस्फोट से पहले मार्च 2018 में जैश-ए-मोहम्मद में शामिल होने के बारे में उसके घर वालों को मालूम था।

इस लेख में आगे बताया गया है कि कैसे बेहद नाटकीय ढंग से सेना द्वारा कश्मीरी पत्थरबाजों को सजा देने और आतंकी बुरहान वाणी की मौत जैसी घटनाओं ने आदिल डार को धीरे-धीरे बदल दिया था।

इस पूरे लेख में आदिल अहमद डार की भाभी का बयान सबसे ज्यादा चौंकाने वाला है। हिन्दुस्तान टाइम के इस लेख में बताया गया है कि फिदायीन आतंकी आदिल डार के ही परिवार से तीन लोग आतंकी समूहों से जुड़ चुके हैं। जिनमें से एक उसके चाचा का लड़का था, जिसने कि 2016 में ही घर छोड़कर लश्कर-ए-तैयबा ज्वाइन किया था और मारा गया था। दूसरा आदिल का भाई था, जो कि जेल में था और आदिल की मौत के बाद ही बाहर आया था और तीसरा खुद पुलवामा हमले का आतंकी आदिल अहमद डार था।

आदिल की भाभी का कहना है कि उसका पति भी आतंकी संगठन से जुड़ने की बात करता है लेकिन वह यह कहकर उसे मना कर देती है कि उनका बेटा ऐसा करेगा क्योंकि वो आजादी के लिए लड़ रहे हैं और उन्हें यह काम करना ही होगा।

अहमद डार की भाभी का बेटा ‘मंजूर’, अभी मात्र तीन साल का है। इस तरह की आजादी और लड़ने की बातें हाल ही में हम शाहीन बाग़ में चल रहे प्रदर्शन में भी देख चुके हैं। शाहीन बाग़ में एक नवजात बच्चे की मौत पर उसकी माँ का भी कुछ ऐसा ही कहना था। उसकी माँ ने कहा था कि उसका बेटा अल्लाह के लिए मर गया, अल्लाह ने ही उसे भेजा और उसने बुला भी लिया।

इस तरह की ‘आजादी’ के जज्बे का एक ही आशय होता है और वह है जिहाद! इस धार्मिक युद्ध की प्रेरणा के लिए कश्मीर में मौजूद कुछ लोग आज भी कितनी तत्परता से कूदने के लिए तैयार हैं, अहमद डार के परिवार के बयानों से इस बात का जायजा लगाया जा सकता है।

ऐसे में, बरखा दत्त और हिन्दुस्तान टाइम के स्तम्भकाओं द्वारा फिदायीन आतंकियों की जिंदगी को बेहद नाटकीय ढंग से प्रस्तुत कर के सिर्फ जिहाद और धर्म युद्ध जैसे विषयों का महिमामंडन किया जा रहा होता है। मीडिया के कुछ चुनिंदा लोगों की संवेदना आतंकवादियों से निरंतर बनी रहती है।

इसी तरह से लेफ्टिस्ट इकोसिस्टम की ही एक टुकड़ी और प्रोपेगेंडा वेबसाइट दी क्विंट को कुख्यात आतंकी ओसामा बिन लादेन के लिए आँसू बहाते हुए भी देखा गया था।

सवाल यह उठता है कि यही मीडिया गिरोह उन सुरक्षा बलों के परिवार के साथ इतनी प्रतिबद्धता से क्यों नहीं खड़ी नजर आती है, जिन्हें एक फिदायीन हमले हिन्दू विरोधी धार्मिक नारों को दोहराकर मार दिया गया। यही मीडिया आज तक यह नहीं कह पाई है कि पूरा भारत देश आज भी गजवा-ए-हिन्द का सपना देख रहे धार्मिक जिहादियों और इस्लामिक कट्टरपंथियों के निशाने पर है।

ऐसे में आतंकवादियों की हरकतों को कोसना तो दूर, यह मीडिया के लोग आतंकवादियों के एक ‘आम आदमी’ से आतंकवादी बनने की घटना का बेहद फ़िल्मी तरीके से महिमामंडन करते नजर आते हैं। आतंकवादियों से अलग यह अपना एक अलग किस्म का बौद्धिक जिहाद चला रहे होते हैं, जिनका पहला संघर्ष सामान्य विवेक और तर्क क्षमता से नजर आता है।

सिखों का नरसंहार करने वालों ने पूछा- पुलवामा के आतंकी हमले से किसे हुआ फायदा?

पुलवामा हमले की पहली बरसी: वीरगति की 11 कहानियाँ, कोई जन्मदिन मनाकर लौटा था तो किसी की थी सालगिरह

61000 किमी की यात्रा, वीरगति प्राप्त 40 जवानों के परिजनों का बाँटा दर्द, उनके घरों की मिट्टी ले पुलवामा पहुॅंचे जाधव

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पंचतंत्र और कताकालक्षेवम् का देश है भारत, कहानी कहने-सुनने के लिए समय निकालें: ‘मन की बात’ में PM मोदी

'मन की बात' में पीएम मोदी ने कहा कि हम उस देश के वासी है, जहाँ, हितोपदेश और पंचतंत्र की परंपरा रही है, जहाँ पंचतंत्र जैसे ग्रन्थ रचे गए।

चुनाव से पहले संकट में बिहार कॉन्ग्रेस: अध्यक्ष समेत 107 नेताओं पर FIR, तेजस्वी यादव को अलग गठबंधन में जाने की धमकी

कॉन्ग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा सहित 7 नामजद व 100 अज्ञात पर आचार संहिता उल्लंघन का मामला। सीट शेयरिंग पर राजद के साथ नहीं बनी बात।

छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेसी सरकार: भ्रष्टाचार पर लिखेंगे तो सड़क पर भी मार खाएँगे और थाने में भी, देखती रहेगी पुलिस

"वह अपने गुंडे पार्षदों के साथ हमारे पत्रकार साथी को थाने तक पीटते हुए ले आए, इसकी वजह थी कि वह नगरपालिका के विरुद्ध RTI लगा कर..."

राजद ने नकारा, नीतीश ने दुत्कारा: कुशवाहा के चावल, यादवों के दूध से जो बनाते थे ‘खीर’ और करते थे खून बहाने की बात

किसी से भी भाव न मिलने के कारण बिहार में रालोसपा और उपेंद्र कुशवाहा की हालत 'धोबी के कुत्ते' की तरह हो गई है, जो न घर का रहता है और न घाट का।

बॉलीवुड ‘सुपरस्टार’ के सामने ‘अपराधी’ शब्द बौना, ड्रग्स से लेकर हत्या/आत्महत्या और दंगों तक… कहाँ खड़ा होता है बॉलीवुड?

ड्रग्स मामला हो या सुपरस्टार्स के गलत कामों पर पर्दा डालने की कोशिश... बॉलीवुड ‘बॉलीवुड’ का बचाव करने से पीछे नहीं हटता है। ऐसा करने...

पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह का निधन, PM मोदी ने कहा- उन्होंने एक सैन्य अधिकारी और नेता के रूप में देशसेवा की

भारत के पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वयोवृद्ध नेता रहे जसवंत सिंह का रविवार (सितम्बर 27, 2020) की सुबह निधन हो गया।

प्रचलित ख़बरें

‘मुझे सोफे पर धकेला, पैंट खोली और… ‘: पुलिस को बताई अनुराग कश्यप की सारी करतूत

अनुराग कश्यप ने कब, क्या और कैसे किया, यह सब कुछ पायल घोष ने पुलिस को दी शिकायत में विस्तार से बताया है।

पूना पैक्ट: समझौते के बावजूद अंबेडकर ने गाँधी जी के लिए कहा था- मैं उन्हें महात्मा कहने से इंकार करता हूँ

अंबेडकर ने गाँधी जी से कहा, “मैं अपने समुदाय के लिए राजनीतिक शक्ति चाहता हूँ। हमारे जीवित रहने के लिए यह बेहद आवश्यक है।"

‘दीपिका के भीतर घुसे रणवीर’: गालियों पर हँसने वाले, यौन अपराध का मजाक बनाने वाले आज ऑफेंड क्यों हो रहे?

दीपिका पादुकोण महिलाओं को पड़ रही गालियों पर ठहाके लगा रही थीं। अनुष्का शर्मा के लिए यह 'गुड ह्यूमर' था। करण जौहर खुलेआम गालियाँ बक रहे थे। तब ऑफेंड नहीं हुए, तो अब क्यों?

बेच चुका हूँ सारे गहने, पत्नी और बेटे चला रहे हैं खर्चा-पानी: अनिल अंबानी ने लंदन हाईकोर्ट को बताया

मामला 2012 में रिलायंस कम्युनिकेशन को दिए गए 90 करोड़ डॉलर के ऋण से जुड़ा हुआ है, जिसके लिए अनिल अंबानी ने व्यक्तिगत गारंटी दी थी।

‘मारो, काटो’: हिंदू परिवार पर हमला, 3 घंटे इस्लामी भीड़ ने चौथी के बच्चे के पोस्ट पर काटा बवाल

कानपुर के मकनपुर गाँव में मुस्लिम भीड़ ने एक हिंदू घर को निशाना बनाया। बुजुर्गों और महिलाओं को भी नहीं छोड़ा।

नूर हसन ने कत्ल के बाद बीवी, साली और सास के शव से किया रेप, चेहरा जला अलग-अलग जगह फेंका

पानीपत के ट्रिपल मर्डर का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने नूर हसन को गिरफ्तार कर लिया है। उसने बीवी, साली और सास की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया है।

अलकायदा का 10वां आतंकी शमीम अंसारी पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से गिरफ्तार, पाकिस्तान से था लगातार संपर्क में

शमीम अंसारी अलकायदा मोड्यूल का दसवां आतंकवादी है। इसके पहले एनआईए ने केरल के एर्नाकुलम जिले और पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से...

पंचतंत्र और कताकालक्षेवम् का देश है भारत, कहानी कहने-सुनने के लिए समय निकालें: ‘मन की बात’ में PM मोदी

'मन की बात' में पीएम मोदी ने कहा कि हम उस देश के वासी है, जहाँ, हितोपदेश और पंचतंत्र की परंपरा रही है, जहाँ पंचतंत्र जैसे ग्रन्थ रचे गए।

चुनाव से पहले संकट में बिहार कॉन्ग्रेस: अध्यक्ष समेत 107 नेताओं पर FIR, तेजस्वी यादव को अलग गठबंधन में जाने की धमकी

कॉन्ग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा सहित 7 नामजद व 100 अज्ञात पर आचार संहिता उल्लंघन का मामला। सीट शेयरिंग पर राजद के साथ नहीं बनी बात।

UP पुलिस ने अपने ही सिपाही सेराज को किया अरेस्ट, मुख्तार अंसारी के करीबी अपने भाई मेराज को दिलवाया था शस्त्र

मेराज के दो घरों पर कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया गया। गिरफ्तार किए गए सिपाही सेराज पर आरोप था कि उसने फर्जी तरीके से शस्त्र लाइसेंस...

बेहोश कर पति शादाब के गुप्तांग पर डालती थी Harpic, वसीम के साथ मनाती थी रंगरेलियाँ: आरोपित चाँदनी हिरासत में

महिला ने अपने प्रेमी के साथ रंगरेलियाँ मनाने के लिए अपने पति और तीनों बच्चों को बेहोश कर के एक कमरे में डाल दिया था। पति का गुप्तांग जलाया।

छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेसी सरकार: भ्रष्टाचार पर लिखेंगे तो सड़क पर भी मार खाएँगे और थाने में भी, देखती रहेगी पुलिस

"वह अपने गुंडे पार्षदों के साथ हमारे पत्रकार साथी को थाने तक पीटते हुए ले आए, इसकी वजह थी कि वह नगरपालिका के विरुद्ध RTI लगा कर..."

राजद ने नकारा, नीतीश ने दुत्कारा: कुशवाहा के चावल, यादवों के दूध से जो बनाते थे ‘खीर’ और करते थे खून बहाने की बात

किसी से भी भाव न मिलने के कारण बिहार में रालोसपा और उपेंद्र कुशवाहा की हालत 'धोबी के कुत्ते' की तरह हो गई है, जो न घर का रहता है और न घाट का।

बॉलीवुड ‘सुपरस्टार’ के सामने ‘अपराधी’ शब्द बौना, ड्रग्स से लेकर हत्या/आत्महत्या और दंगों तक… कहाँ खड़ा होता है बॉलीवुड?

ड्रग्स मामला हो या सुपरस्टार्स के गलत कामों पर पर्दा डालने की कोशिश... बॉलीवुड ‘बॉलीवुड’ का बचाव करने से पीछे नहीं हटता है। ऐसा करने...

पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह का निधन, PM मोदी ने कहा- उन्होंने एक सैन्य अधिकारी और नेता के रूप में देशसेवा की

भारत के पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वयोवृद्ध नेता रहे जसवंत सिंह का रविवार (सितम्बर 27, 2020) की सुबह निधन हो गया।

‘रोओ मत, इमोशनल कार्ड मत खेलो’ – दीपिका पादुकोण 3 बार रोने लगीं, NCB अधिकारियों ने मोबाइल भी कर लिया जब्त

ड्रग्स मामले की जाँच कर रही NCB ने दीपिका पादुकोण, सारा अली खान और श्रद्धा कपूर के मोबाइल फोन्स को भी आगे की जाँच के लिए जब्त कर लिया।

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
78,068FollowersFollow
325,000SubscribersSubscribe
Advertisements