Thursday, May 30, 2024
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TMC नेता के घर EVM मिलने की खबर को इंडिया टुडे ने बताया बीजेपी का ‘आरोप’, नेटिजन्स ने उठाए सवाल

2 मिनट की रिपोर्ट में ईवीएम और वीवीपैट की तस्वीर एक मिनट के लिए बैकग्राउंड में दिखाई गई। एंकर इसकी पुष्टि की बजाए इसे बीजेपी का आरोप बताते रहे।

पश्चिम बंगाल के तीन जिलों हुगली, हावड़ा और दक्षिण 24 परगना की 31 सीटों पर आज (6 अप्रैल 2021) वोट डाले जा रहे हैं। उससे पहले सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस के एक नेता के घर से ईवीएम (EVM) मिलने की बात सामने आई। इस मामले में चुनाव आयोग (EC) ने कार्रवाई भी की है। लेकिन, दिलचस्प यह है कि इंडिया टुडे ने इतनी बड़ी घटना को कमतर दिखाने की कोशिश करते हुए इसे ‘बीजेपी का आरोप‘ बताया।

इंडिया टुडे ने एक वीडियो रिपोर्ट में कहा, “भाजपा का आरोप है कि हावड़ा में टीएमसी नेता के घर पर ईवीएम पाए गए थे।” 2 मिनट की रिपोर्ट में, एंकर और रिपोर्टर दोहराते रहे कि बीजेपी का आरोप है कि टीएमसी के नेता के घर में ईवीएम पाए गए थे। एंकर ने इसे चार बार दोहराया जबकि रिपोर्टर ने ‘कथित’ और ‘दावा’ के रूप में अलग-अलग शब्दों का इस्तेमाल किया। दिलचस्प बात यह है कि 2 मिनट की रिपोर्ट में ईवीएम और वीवीपैट की तस्वीर एक मिनट के लिए बैकग्राउंड में दिखाई गई। एंकर इसकी पुष्टि की बजाए इसे बीजेपी का आरोप बताते रहे।

चुनाव आयोग ने पीठासीन अधिकारी को निलंबित कर दिया

रिपोर्ट के अनुसार, ईवीएम और वीवीपीएटी मशीन को टीएमसी नेता गौतम घोष के तुलसीबेरिया स्थित आवास पर पाया गया। ये घटना उलूबेरिया नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र की है, जहाँ तीसरे चरण में ही वोट डाले जा रहे हैं। चुनावी ड्यूटी में लगी कार से ईवीएम और वीवीपीएटी लेकर टीएमसी नेता के घर पर चुनाव अधिकारी तपन सरकार आया था।

ग्रामीणों द्वारा रंगे हाथों पकड़े जाने पर अधिकारी ने अपने बचाव में कहा कि चुनावी ड्यूटी के लिए मशीनों को लाते समय काफी रात हो गई थी। केंद्रीय सशस्त्र बल सो गए थे और उन्होंने बूथ खोला ही नहीं। लिहाजा उन्होंने अपने एक रिश्तेदार के घर पर रात बिताना उचित समझा। ये रिश्तेदार कोई और नहीं, टीएमसी के नेता ही थे। इस मामले में चुनाव आयोग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए सेक्टर अधिकारी तपन सरकार के साथ-साथ पुलिस की पूरी टुकड़ी को भी निलंबित कर दिया है।

नेटिजन्स ने रिपोर्टिंग स्टाइल पर उठाए सवाल

इंडिया टुडे ने जिस तरह से इस मामले को रिपोर्ट किया है, उस पर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाए हैं।

गौरतलब है कि दूसरे चरण के मतदान के बाद जब एक बीजेपी नेता की कार में ईवीएम मिला था तो मीडिया गिरोह ने खूब हल्ला मचाया था। जबकि उस मामले में यह बात सामने आई थी कि चुनाव अधिकारियों ने गाड़ी खराब होने पर लिफ्ट माँगी थी। उन्हें यह जानकारी थी कि कार किसकी है। इस मामले में आयोग ने कार्रवाई करते हुए दोबारा मतदान के आदेश दिए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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