Monday, July 22, 2024
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जो बनाती थी AAP के लिए वीडियो, TheLallantop ने उसे ही पत्रकार बना गुजरात भेजा: पोल खुलते ही सोशल मीडिया पर जनता ले रही मौज

AAP के लिए वीडियो बनाने से लेकर केजरीवाल और उनकी पार्टी की नीतियों का समर्थन करने तक, नूपुर पटेल ने ट्विटर पर खुलकर बैटिंग की है। पोल खुलने पर हालाँकि डिलीट भी मारने लगीं। लोग उनसे भी तेज... नूपुर पटेल के गौमांस खाने वाले ट्वीट का भी स्क्रीनशॉट रख लिया गया है।

इस वर्ष के अंत में गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन चुनावों के लिए आम आदमी पार्टी एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। मीडिया को भी साध रही है, जो उनका हमेशा से एजेंडा रहा है। ऐसे में गुजरात चुनाव से पहले न्यूज पोर्टल ‘द लल्लनटॉप’ द्वारा नूपुर पटेल की नियुक्ति ने नेटिज़न्स को आश्चर्यचकित कर दिया। लोग यह जानना चाहते हैं कि नूपुर पटेल पत्रकार हैं या फिर आम आदमी पार्टी की कार्यकर्ता।

दरअसल, एक ट्विटर यूजर और एक्टिविस्ट अंकुर सिंह ने एक ट्विटर थ्रेड शेयर करते हुए बताया है कि इंडिया टुडे ग्रुप का न्यूज पोर्टल ‘द लल्लनटॉप’, आम आदमी पार्टी के आईटी सेल की मेनलाइन मीडिया विंग के रूप में काम कर रहा है। ‘द लल्लनटॉप’ द्वारा नुपूर पटेल जैसे लोगों को काम पर रखना यह दर्शाता है कि ऐसे लोगों को साथ रख कर वह आप (AAP) के लिए सॉफ्ट कॉर्नर बनाना चाहते हैं।

एक्टिविस्ट अंकुर सिंह ने नूपुर पटेल द्वारा पोस्ट किए गए पुराने ट्वीट्स शेयर किए हैं। इन ट्वीट्स में नूपुर आम आदमी पार्टी के लिए अपना समर्थन करते हुए भाजपा का खुला विरोध कर रही हैं। हालाँकि, आम आदमी पार्टी से लिंक उजागर होने के तुरंत बाद उन्होंने अपनी प्रोफ़ाइल से ऐसे कई ट्वीट्स हटा दिए हैं, जिनसे यह साबित हो सकता है कि वह खुले तौर पर आप की समर्थक हैं।

आप के लिए प्रचार वीडियो बनाने से लेकर अरविंद केजरीवाल और पार्टी की नीतियों का खुलकर समर्थन करने तक, नूपुर पटेल ने ट्विटर पर खुलकर अपनी राजनीतिक विचारधारा को उजागर किया है। यही नहीं, उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ भद्दे ट्वीट भी किए हैं। ऐसे ही एक ट्वीट में उन्होंने भाजपा को वायरस बताया है।

गौरतलब है, नुपुर ने अरविंद केजरीवाल और अन्य आप नेताओं के बारे में जो ट्वीट किए थे, वह ‘द लल्लनटॉप’ जॉइन करने के बाद हटाए जा चुके हैं। हालाँकि, सोमवार (3 अक्टूबर 2022) को ‘द लल्लनटॉप’ द्वारा शेयर किए गए वीडियो से सोशल मीडिया यूजर्स को यह समझ आ गया था कि वह आम आदमी पार्टी के प्रचार को बेहतरीन तरीके से आगे बढ़ा सकती हैं। वह भी लल्लनटॉप जैसे ‘तटस्थ पोर्टल’ में ‘तटस्थ पत्रकार’ की तरह काम करते हुए।

नूपुर पटेल द्वारा डिलीट किए जा चुके एक ट्वीट में उन्होंने खुद बताया था कि वो मोदी सरकार के विरोध में बीफ खाई हैं। उन्होंने ट्विटर पर ही नहीं, बल्कि यूट्यूब और फेसबुक पर भी केजरीवाल और आप के समर्थन में कंटेंट शेयर किए हैं।

गौमांस खाएँगे और बताएँगे भी!

यही नहीं, वह फेक न्यूज पेडलर और आप समर्थक व्लॉगर ध्रुव राठी से भी प्रभावित दिखाई देती हैं। नूपुर ने कई मौकों पर ध्रुव राठी द्वारा अपलोड किए गए वीडियो और पोस्ट को शेयर किया है।

अंकुर सिंह द्वारा ‘द लल्लनटॉप’ में काम पर रखे गए एक पत्रकार के खुले राजनीतिक संबंधों को उजागर किए जाने के बाद, कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस बिंदु पर चर्चा की है कि यह सब राजनीतिक दलों और मीडिया संस्थानों के व्यापार के लिए सामान्य सी बात हो गई है।

कई अन्य लोगों ने ‘द लल्लनटॉप’ के संपादक सौरभ द्विवेदी की आलोचना की कि उन्होंने संदिग्ध ट्रैक रिकॉर्ड होने के बाद भी किसी को अपने संस्थान में रखा है।

सोशल मीडिया पर जब आज ‘द लल्लनटॉप’ की आलोचना हो रही है तब यह जानना जरूरी हो जाता है कि ‘द लल्लनटॉप’ पर लंबे समय से समाचारों की रिपोर्टिंग के बहाने दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया जाता रहा है। जून 2021 में, ‘द लल्लनटॉप’ ने मोदी सरकार की आलोचना करने के लिए ‘अनाथ बच्चों’ से जुड़े दो अलग-अलग डेटा सेटों की जानकारी का उपयोग किया था।

इससे पहले, दिसंबर 2020 में भी लल्लनटॉप ने एक वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में एपीएमसी मंडियों पर गलत सूचना शेयर की गई थी, जिसमें गुजरात में एपीएमसी बाजारों और नए कृषि कानूनों के बारे में फर्जी खबरें शेयर की गई थीं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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