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ओमप्रकाश राजभर के बेटे ने पत्रकार अशोक श्रीवास्तव को दी थी धमकी, शिकायत दर्ज, कहा- ‘सपा सहयोगी राजभर के मुख्तार अंसारी से सम्बन्ध’

“सुभासपा के महासचिव अरुण राजभर ने कल मुझे पीटने की धमकी दी थी l जब हम ऐसी धमकियों को नज़रंदाज़ करते हैं तो ऐसी ताकतों का हौसला बढ़ता हैl फिर यूपी के चुनावों में पत्रकारों को कुछ ज्यादा ही निशाना बनाया जा रहा है। इसलिए यूपी पुलिस, गाजियाबाद पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करा दी है l”

दूरदर्शन के वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव (Ashok Srivastava) ने सुहेलदेव भारतीय समाज (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के बेटे अरुण राजभर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। हाल ही में अशोक श्रीवास्तव ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के गार्ड द्वारा पत्रकार की पिटाई का विरोध किया था। इसी पर अरुण ने अशोक को भी धमकी दे डाली। अशोक श्रीवास्तव ने मामले की शिकायत चुनाव आयोग और यूपी पुलिस से की है।

उन्होंने खुद ट्वीट करते हुए इसकी जानकारी दी है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “सुभासपा के महासचिव अरुण राजभर ने कल मुझे पीटने की धमकी दी थी l जब हम ऐसी धमकियों को नज़रंदाज़ करते हैं तो ऐसी ताकतों का हौसला बढ़ता हैl फिर यूपी के चुनावों में पत्रकारों को कुछ ज्यादा ही निशाना बनाया जा रहा है। इसलिए यूपी पुलिस, गाजियाबाद पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करा दी है l” ट्वीट में उन्होंने शिकायत की कॉपी के साथ ही अरुण राजभर के धमकी वाले ट्वीट का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है।

यूपी पुलिस के समक्ष दर्ज कराई गई शिकायत में अशोक श्रीवास्तव ने लिखा है, “शनिवार 29 जनवरी को गाजियाबाद में पत्रकार खालिद चौधरी के साथ श्री अखिलेश यादव के सुरक्षाकर्मियों द्वारा मारपीट किए जाने के विरोध में मैंने एक ट्वीट किया। मेरे इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री अरुण राजभर, महासचिव सुभासपा (पुत्र श्री ओमप्रकाश राजभर, अध्यक्ष सुभासपा) ने मुझे ट्विटर पर पीटने की धमकी दी और अपशब्दों का प्रयोग किया। हालाँकि बाद में उन्होंने ये ट्वीट जिलीट कर दिया। लेकिन राजभर के संबंध मुख्तार अंसारी जैसे अपराधी-माफियाओं से हैं, इसलिए उनकी धमकी को गंभीरता से लेने की जरूरत है। कृपया इस संबंध में मेरी रिपोर्ट लिख कर उचित कार्रवाई करें।”

उन्होंने आगे इसमें अपने साथ 2012 में घटी घटना का भी जिक्र किया है, जब 2012 में यूपी चुनावों से पहले गाजियाबाद के कौशाम्बी से उन्हें 3 बंदूकधारियों ने किडनैप किया था और 6 घंटे बाद रिहा किया गया था। उनका कहना है कि ये मामला अभी तक सुलझा नहीं है। इसलिए उन्हें अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता है।

गौरतलब है कि अखिलेश यादव के सामने पत्रकार के साथ हुई बदसलूकी मामले में अशोक श्रीवास्तव ने लिखा था, “जब सपा सरकार थी तब पत्रकार जगेंद्र को एक मंत्री के खिलाफ लिखने पर ज़िंदा जला दिया था। आज गाजियाबाद में अखिलेश यादव के सामने उनके बॉडीगार्ड्स ने पत्रकार खालिद चौधरी की पिटाई की। नई सपा या वही सपा?”

इस ट्वीट के बाद अरुण राजभर ने वरिष्ठ पत्रकार को लिखा, “आपकी पिटाई भी होनी चाहिए। दलाली करने का अवार्ड आप जैसे पत्तलकारों को मिलना चाहिए।” उल्लेखनीय है कि समाजवादी पार्टी की प्रेसवार्ता में पत्रकार से हुई बदसलूकी पर अरुण राजभर क्यों भड़के, इसके लिए जानना जरूरी है कि इस बार प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के ख़िलाफ़ समाजवादी पार्टी के साथ उनकी पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी का गठबंधन है। पार्टी के महासचिव अरुण राजभर ने पिछले साल अक्टूबर में इसकी जानकारी खुद दी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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