Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षा'हवाला कारोबार और पाकिस्तान की यात्रा': कानपुर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी...

‘हवाला कारोबार और पाकिस्तान की यात्रा’: कानपुर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी रिजवान ने पूछताछ में खोला राज, दोबारा तलाशी में मिले कई आपत्तिजनक सामान

पकड़े गए आरोपितों के कागजात कानपुर से समाजवादी पार्टी के विधायक हाजी इरफ़ान सोलंकी ने वेरीफाई किए थे। विधायक इरफ़ान ने न सिर्फ पकड़े गए आरोपितों को अपने आधिकारिक लेटर हेड पर भारतीय होने पुष्टि की थी। इरफ़ान के अलावा सपा पार्षद मन्नू रहमान ने साल 2019 में इन बांग्लादेशियों के भारतीय होने का प्रमाण पत्र जारी किया था।

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur, Uttar Pradesh) में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिक रिजवान मोहम्मद ने पूछताछ में कई बड़े खुलासे किए हैं। पुलिस की पूछताछ में रिजवान ने हवाला का कारोबार करने और पाकिस्तान में कई लोगों से संबंध होने की बात कबूल की है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रिजवान मोहम्मद से पूछताछ के लिए पुलिस को 9 घण्टों की रिमांड मिली थी। इस पूछताछ में उसने कहा है कि वह कमाई के लिए हवाला का काम करता था, लेकिन वह देशद्रोही नहीं है। उसने यह भी बताया कि हवाला के काम के लिए वह पाकिस्तान समेत कुछ अन्य देशों की यात्रा कर चुका है। इन सभी देशों में जाने के लिए वह बांग्लादेशी पासपोर्ट का इस्तेमाल करता था।

हालाँकि, कुछ महत्वपूर्ण सवालों पर रिजवान ने चुप्पी साध रखी थी। जब पुलिस ने सख्ती दिखाई और घूमा-फिराकर सवाल पूछने शुरू किए तो उसने बताया कि वह बांग्लादेश में एक होटल चलाता था। शादी करने के बाद अब कानपुर के आर्यनगर स्थित एक फ्लैट में रह रहा है।

पुलिस ने रिजवान मोहम्मद की निशानदेही पर उसके घर की दोबारा तलाशी ली है। इस तलाशी में पुलिस को उसके घर से बांग्लादेश में निर्मित 111 नशीली गोलियाँ और पलंग के नीचे छिपाकर रखे गए 1.50 लाख रुपए नकद बरामद हुए हैं। उस मादक पदार्थ का भी मुकदमा दर्ज किया गया है।

इसके अलावा, तलाशी के दौरान जूते की अलमारी में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और स्कूल के कुछ फर्जी दस्तावेज भी मिले हैं। पुलिस को रिजवान ने यह भी बताया है कि वह साल 2016 में कोलकाता में एक मेडिकल एनजीओ में मेडिकल अफसर था। इसके बाद उसने नौकरी नहीं की।

अपने हवाला कारोबार को लेकर रिजवान ने पुलिस को बताया है कि इस बारे में उसकी पत्नी हिना खालिद और ससुर खालिद माजिद को पता था। पुलिस ने उसके बैंक खातों से जुड़ी डिटेल को लेकर भी पूछताछ की है। हालाँकि, रिजवान ने अपने बैंक खातों में आ रहे पैसों को लेकर क्या बताया है, यह सामने नहीं आ सका है।

ऐसा कहा जा रहा है कि रिजवान मोहम्मद से हुई पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस अब उसकी 14 दिन की और रिमांड माँगेगी। साथ ही, रिजवान के साथ गिरफ्तार हुए 4 अन्य लोगों से भी पूछताछ व क्रॉस वेरीफिकेशन की कोशिश करेगी।

बता दें कि पुलिस ने विगत रविवार (11 दिसंबर 2022) को रिजवान मोहम्मद, उसकी पत्नी हिना खालिद, ससुर ख़ालिद माज़िद और रुखसार को गिरफ्तार किया था। वहीं, एक अन्य नाबालिग भी पुलिस हिरासत में है, जो इसी परिवार का सदस्य है।

पुलिस ने आरोपितों के घर की तलाशी ली थी। तलाशी में घर से बांग्लादेशी पासपोर्ट, फर्जी आधार कार्ड, 1,001 डॉलर विदेशी मुद्रा, सोने के आभूषण और करीब 14 लाख रुपए बरामद किए थे। आरोपितों ने शुरुआती पूछताछ में स्वीकार किया था कि वे साल 2016 से भारत में रह रहे हैं।

पकड़े गए आरोपितों के कागजात कानपुर से समाजवादी पार्टी के विधायक हाजी इरफ़ान सोलंकी ने वेरीफाई किए थे। विधायक इरफ़ान ने न सिर्फ पकड़े गए आरोपितों को अपने आधिकारिक लेटर हेड पर भारतीय होने पुष्टि की थी, बल्कि उनके कागजातों को लगातार सत्यापित भी किया था। हाजी इरफ़ान के अलावा सपा पार्षद मन्नू रहमान ने साल 2019 में इन बांग्लादेशियों के भारतीय होने का प्रमाण पत्र जारी किया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।
- विज्ञापन -