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मोदी सरकार की कोशिश सफल, चीन ने अरुणाचल से अगवा किए गए मिराम तरोन को भारतीय सेना को सौंपा

इससे पहले भी चीन की सेना PLA इस तरह की हरकत कर चुकी है। इससे पहले सितंबर 2020 में अरुणाचल प्रदेश के सुबनसिरी जिले से चीनी आर्मी ने पाँच लोगों का अपहरण कर लिया था। बाद में तत्कालीन गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने उनकी रिहाई सुनिश्चित करवाई थी। 

अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) के सियांग जिले से हाल ही में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने 17 साल के मिराम तरोन (Miram Taron) का अपहरण कर लिया था। अब उस युवक को चीनी सेना ने भारत को वापस सौंप दिया है। इसकी पुष्टि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने की है। उन्होंने बताया कि चीन ने युवक को इंडियन आर्मी को सौंप दिया है।

केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट किया, “चीन की पीएलए ने अरुणाचल प्रदेश के युवा मिराम तरोन को इंडियन आर्मी को सौंप दिया है। उसकी मेडिकल परीक्षण समेत तमाम प्रक्रियाओं को पूरा किया जा रहा है।”

समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, मिराम तरोन को अरुणाचल प्रदेश के वाचा दमाई में भारतीय सेना के हवाले किया गया। इससे पहले 23 जनवरी 2022 को चीन ने स्वीकार किया था कि मिराम तरोन उसके पास है। सेना के 4 कोर मुख्यालय के डिफेंस पीआरओ कर्नल हर्षवर्धन पांडे ने बताया था कि दोनों सेनाओं के बीच बातचीत के बाद सहमति बनी है।

उल्लेखनीय है कि 20 जनवरी 2022 को चीन की सेना ने मिराम तरोन का अपहरण कर लिया था। इसके बाद भारत सरकार ने इस मामले को चीन के समक्ष उठाया और उसकी तुरंत रिहाई की माँग की थी, लेकिन बाद में चीनी विदेश मंत्रालय ने इससे साफ इनकार कर दिया था।

इससे पहले भी चीन की सेना PLA इस तरह की हरकत कर चुकी है। इससे पहले सितंबर 2020 में अरुणाचल प्रदेश के सुबनसिरी जिले से चीनी आर्मी ने पाँच लोगों का अपहरण कर लिया था। बाद में तत्कालीन गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने उनकी रिहाई सुनिश्चित करवाई थी। 

वहीं, मिरांग तरोन के मामले के सामने आने के बाद कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने बदजुबानी करते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की क्षमता पर सवाल खड़ा कर दिया था। उन्होंने ट्वीट कर कहा था, “गणतंत्र दिवस से कुछ दिन पहले भारत के एक भाग्य विधाता का चीन ने अपहरण किया है, हम मिराम तरोन (Mirang Taron) के परिवार के साथ हैं और उम्मीद नहीं छोड़ेंगे, हार नहीं मानेंगे। PM की बुजदिल चुप्पी ही उनका बयान है- उन्हें फर्क नहीं पड़ता!”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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