Wednesday, December 1, 2021
Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाPak एजेंट से 5 करोड़ रुपए लेकर दीपिका गई थी JNU: पूर्व रॉ अधिकारी...

Pak एजेंट से 5 करोड़ रुपए लेकर दीपिका गई थी JNU: पूर्व रॉ अधिकारी एनके सूद का दावा

"अनील मुसर्रत उस वक्त दुबई में था और उसने वहाँ से दीपिका को कॉल किया। जिसके बाद दीपिका JNU के इस प्रदर्शन में शामिल हुईं। इसके लिए पाकिस्तानी एजेंट अनिल मुसर्रत से करीब 5 करोड़ रुपए दीपिका ने लिए थे।"

‘छपाक’ फिल्म के प्रमोशन के दौरान JNU प्रोटेस्ट में नजर आने वाली दीपिका पादुकोण एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने जेएनयू में प्रदर्शनकारियों के बीच जाकर सिर्फ़ खड़े होने के लिए पाकिस्तानी एजेंट अनिल मुसर्रत से करीब 5 करोड़ रुपए लिए थे। मामला उजागर होने के बाद ईडी अब इसकी जाँच कर रही है।

दीपिका पर ऐसे गंभीर आरोपों का खुलासा करने वाला कोई आम नागरिक नहीं बल्कि भारतीय खूफिया एजेंसी रॉ के पूर्व अधिकारी एनके सूद हैं। एनके सूद का कहना है कि अनील मुसर्रत ने दीपिका को फोन करके जेएनयू जाने के लिए कहा था।

पिछले दिनों सुशांत सिंह की मौत के बाद बॉलीवुड की काली सच्चाई और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के पाकिस्तानी एजेंटों के बीच संबंधों का खुलासा होने से ये पूरा मामला गरमाया हुआ है। इसी बीच एनके सूद ने अपनी एक वीडियो में दीपिका के जेएनयू जाने के पीछे छिपे सच से पर्दा उठाया है। इससे पहले खबर थी कि ये उनका कोई पीआर स्टंट है।

एनके सूद ने अपनी वीडियो में अनील मुसर्रत के पेशे के बारे में बताया और साथ ही ये भी जानकारी दी कि कैसे अनील मुसर्रत पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान का करीबी है। जिसके कारण उसने इमरान खान की पार्टी पीडीआई को भी बहुत समर्थन दिया हुआ है। इसके अलावा अनील के करीबी संबंध पाकिस्तानी आर्मी व पाकिस्तान की खूफिया एजेंसी ISI से भी हैं।

बावजूद इन सब बातों के कई बॉलीवुड हस्तियाँ है, जो अनील से लगातार जुड़ी हुई हैं। इसमें करण जौहर, अनिल कपूर जैसे कई जाने-माने चेहरे प्रमुख नाम हैं। अनील की बेटी की शादी में भी कई बॉलीवुड कलाकारों ने शिरकत की थी और जब अनिल कपूर की बेटी यानी सोनम कपूर की शादी हुई तो भी पाक एजेंट अनील उसमें नजर आए थे।

एनके सूद के अनुसार, अनील मुसर्रत भारत विरोधी कई सारे गतिविधियों को अपना समर्थन देते हैं और जब लंदन में सीएए विरोधी प्रदर्शन हुए थे तब भी उसने ही उस प्रोटेस्ट को फंडिंग की थी। इसके अतिरिक्त वे फिल्में, जिनमें हिंदू देवी-देवताओं को अभद्रता के साथ दिखाया जाता है, उन्हें भी अनील मुसर्रत फाइनेंस करने को तैयार हो जाते हैं। अनील मुसर्रत से ब्रिटिश प्रशासन ने काफी बार मनी लॉन्ड्रिंग और टेटर फंडिंग जैसे मामलों पर पूछताछ की है।

24 जुलाई को Indian Security Research Group नाम के यूट्यूब चैनल पर डाली गई वीडियो के 3:35 के स्लॉट पर आप सुन सकते हैं कि एनके सूद दीपिका पादुकोण के जनवरी में जेएनयू जाने की बात का जिक्र कर रहे हैं।

वे कहते हैं कि दीपिका साल 2020 के जनवरी महीने में जेएनयू गई। वहाँ टुकड़े-टुकड़े गैंग का प्रदर्शन चल रहा था। वह वहाँ उनका समर्थन करने और अपने फिल्म का प्रमोशन करने गई थी। लेकिन उन्होंने ये सब अनील मुसर्रत के कहने पर किया था।

वे बताते हैं कि अनील मुसर्रत उस वक्त दुबई में थे और उन्होंने वहाँ से दीपिका को कॉल किया। जिसके बाद दीपिका इस प्रदर्शन में शामिल हुईं। वे पूछते हैं कि क्या दीपिका अनील से ऐसा ही कुछ पाकिस्तान में करने को कहतीं तो वो करते? नहीं, क्योंकि वो बिके हुए हैं। उस समय पाकिस्तान के आर्मी प्रवक्ता ने भी दीपिका को सपोर्ट किया था।

अपने एक अन्य वीडियो में उन्होंने बताया है कि अब ईडी ने बॉलीवुड कलाकारों पर अपना शिकंजा कस लिया है। वह ऐसे हस्तियों की जाँच कर रही है, जिनके विदेशों में बैंक अकाउंट है या फिर प्रॉपर्टी है। इसके अतिरिक्त दीपिका पर तो पहले से ही जाँच होनी शुरू हो गई है क्योंकि उन पर ये आरोप था कि उन्हें पाँच करोड़ रुपए जेएनयू में जाने के लिए पाक एजेंट से मिले।

बता दें कि साल 2020 की शुरुआत में जेएनयू में हुए प्रदर्शन में जाकर दीपिका ने अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ उसमें भाग नहीं लिया। लेकिन वहाँ जाकर खड़ी जरूर हुई थीं। जिसके बाद दीपिका पर कई तरह के सवाल उठे थे।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कभी ज़िंदा जलाया, कभी काट कर टाँगा: ₹60000 करोड़ का नुकसान, हत्या-बलात्कार और हिंसा – ये सब देश को देकर जाएँगे ‘किसान’

'किसान आंदोलन' के कारण देश को 60,000 करोड़ रुपए का घाटा सहना पड़ा। हत्या और बलात्कार की घटनाएँ हुईं। आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।

बारबाडोस 400 साल बाद ब्रिटेन से अलग होकर बना 55वाँ गणतंत्र देश: महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का शासन पूरी तरह से खत्म

बारबाडोस को कैरिबियाई देशों का सबसे अमीर देश माना जाता है। यह 1966 में आजाद हो गया था, लेकिन तब से यहाँ क्वीन एलीजाबेथ का शासन चलता आ रहा था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
140,729FollowersFollow
412,000SubscribersSubscribe