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बांग्लादेश से घुसा, ‘पीर-मौलाना’ बन महिला संग रहता था पाकिस्तानी आतंकी: दिल्ली पर हमले के लिए यमुना की रेत में रखे थे हथियार

जाँच में पता चला कि वह पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई के लगातार संपर्क में थे। उसके मोबाइल से पाकिस्तान के कई नंबर मिले हैं। उसके मोबाइल पर ज्यादातर VOIP कॉल आते थे, ताकि सुरक्षा एजेंसियों को इसकी भनक ना लगे।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार (11 अक्टूबर) को दिल्ली के रमेश पार्क से मोहम्मद अशरफ उर्फ अली नाम के एक पाकिस्तानी आतंकी को गिरफ्तार किया था, जो पिछले एक दशक से अधिक समय से फर्जी पहचान पत्र पर देश में रहा था। अली आतंकियों के स्लीपर सेल के रूप में देश में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश में था।

आतंकी अली वह बांग्लादेश के रास्ते भारत में दाखिल हुआ था और भारत आकर उसने यहाँ का पासपोर्ट भी बनवा लिया। दिल्ली-एनसीआर में पीर-मौलाना के रूप में झाड़-फूंक का काम करता था। वह देश के जिन-जिन शहरों में रहा, वहाँ मौलाना बनकर ही वह रहता था। उसने भारत का पासपोर्ट भी बनवा लिया है। पुलिस के अनुसार, आतंकी अली दिल्ली के स्लीपर सेल का मुखिया था और हिंदुस्तान आने वाले आतंकियों को हथियार और लॉजिस्टिक उपलब्ध करवाता था।

पुलिस का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में इसके नेटवर्क में और भी कई लोग हैं और जल्दी ही कई और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं। पूछताछ में मोहम्मद अशरफ उर्फ अली ने बताया कि वह कई आतंकी घटनाओं में शामिल रहा है। इनमें जम्मू-कश्मीर में अंजाम दी गईं आतंकी घटनाएँ भी शामिल हैं।

पुलिस ने छापेमारी के दौरान उसके पास एक एके-47 राइफल के साथ एक अतिरिक्त मैगजीन व 60 राउंड, एक हथगोला, 50 राउंड के साथ 2 अत्याधुनिक पिस्टल जब्त की थी। ये हथियार उसने दिल्ली के कालिंदी कुंज के पास यमुना नदी के किनारे बालू के नीचे दबा रखे थे। इसके साथ ही उसने कुछ नकदी भी यहाँ छुपा रखा था। पुलिस जानने की कोशिश कर रही है कि ये हथियार और पैसे उसे किसने दिए थे।

जाँच में पता चला कि वह पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई के लगातार संपर्क में थे। उसके मोबाइल से पाकिस्तान के कई नंबर मिले हैं। उसके मोबाइल पर ज्यादातर VOIP कॉल आते थे, ताकि सुरक्षा एजेंसियों को इसकी भनक ना लगे। अली को बड़ा काम करने का हुक्म आईएसआई से मिला था। पुलिस उसकी कॉल डिटेल खंगाल रही है। साथ ही उसके बैंक एकाउंट के बारे में भी जाँच की जा रही है।

अली भारत दशहरे के दौरान दिल्ली में ‘लोन वुल्फ अटैक’ की साजिश रच रहा था। लोन वुल्फ अटैक उस आतंकी घटना को कहते हैं, जिसमें आतंकी किसी भीड़-भाड़ वाली जगह पर घटना को अकेला ही अंजाम देता है, ताकि अधिकतम क्षति पहुँचाई जा सके।

40 वर्ष का है और पुलिस को पता चला कि उसने एक भारतीय महिला से शादी भी की। हालाँकि, पूछताछ के दौरान उसने शादी करने से इनकार किया, लेकिन बाद में उसने कहा कि वह एक महिला के साथ रहता था और फिर उससे अलग हो गया। पुलिस उसके दावों की पुष्टि करने की कोशिश कर रही है।

भारतीय खुफिया एजेंसियों को यह जानकारी मिली थी कि देश में त्योहारों के मौके पर पाकिस्तानी की खुफिया एजेंसी आईएसआई बड़ा हमला करा सकती है। इसके मद्देनजर राजधानी दिल्ली की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। दिल्ली पुलिस होटल्स और गेस्ट हाउस पर नजर रख रही है। किराएदारों के वैरिफिकेशन पर भी जोर दिया जा रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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