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पाकिस्तान में धमाके के बाद PM ने भारत पर तो रक्षा मंत्री ने अफगानिस्तान पर लगाए आरोप, ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ के डर से खुद को पीड़ित दिखा रहा है PAK?

इस्लामाबाद धमाके की जिम्मेदारी पाकिस्तानी तालिबान के गुट जमात-उल-अहरार ने ली है। इसके बावजूद पाकिस्तानी फौज और सरकार ने आरोप लगाया कि हमले में भारत का हाथ है। इसके पीछे यह आशंका भी है कि दिल्ली में हुए धमाके के बाद पाकिस्तान भारत की संभावित जवाबी कार्रवाई, जिसे 'ऑपरेशन सिंदूर 2.0' कहा जा रहा है, को टालने के लिए भी इस तरह का दांव चल रहा है।

दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर 2025 को हुए कार धमाके के कुछ ही घंटों बाद इस्लामाबाद के कोर्ट परिसर में 11 नवंबर को आत्मघाती विस्फोट हो गया। इन दोनों धमाकों ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को और गहरा कर दिया है।

दिल्ली हमले में दर्जनभर से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जबकि इस्लामाबाद धमाके में भी लगभग उतने ही लोग मारे गए और कई घायल हुए। इन घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।

दोनों हमलों में सुसाइड बॉम्बर शामिल थे और ANFO आधारित विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ। इस्लामाबाद धमाके की जिम्मेदारी पाकिस्तानी तालिबान के गुट जमात-उल-अहरार ने ली है।

इसके बावजूद पाकिस्तानी फौज और सरकार ने आरोप लगाया कि हमले में भारत का हाथ है। भारत ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया और कहा कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक अस्थिरता और सत्ता संघर्ष से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे बयान दे रहा है।

सोशल मीडिया और विश्लेषकों का एक वर्ग इस्लामाबाद धमाके को ‘फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन’ कह रहा है। इसका मतलब है कि पाकिस्तान ने खुद हमला करवाकर दोष भारत पर डालने की कोशिश की, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को पीड़ित दिखा सके।

इस नैरेटिव के पीछे यह आशंका भी जताई जा रही है कि दिल्ली में हुए धमाके के बाद पाकिस्तान भारत की संभावित जवाबी कार्रवाई, जिसे ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0′ कहा जा रहा है, को टालने के लिए भी इस तरह का दांव चल रहा है।

दिल्ली-इस्लामाबाद के धमाके- संयोग या स्क्रिप्ट?

यह संयोग नहीं हो सकता बल्कि समयबद्ध पटकथा है। भारत और पाकिस्तान के घटनाओं की टाइमलाइन खुद एक स्क्रिप्ट जैसी लगती है। लाल किले का धमाका सोमवार (10 नवंबर 2025) शाम 6:45 बजे हुआ। महज 18 घंटे बाद, मंगलवार (11 नवंबर 2025) की दोपहर 12:39 बजे इस्लामाबाद कोर्ट कॉम्प्लेक्स आत्मघाती विस्फोट से हिल गया।

दोनों हमलों में आत्मघाती हमलावर शामिल थे, दोनों में ANFO आधारित विस्फोटक इस्तेमाल हुए और दोनों ठीक उसी समय हुए जब भारत फरीदाबाद, कश्मीर और उत्तर प्रदेश तक फैले जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के ‘डॉक्टर मॉड्यूल’ को ध्वस्त कर रहा था।

पाकिस्तानी फौज के फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने इस्लामाबाद में धमाकों के जरिए पाकिस्तान को पीड़ित दिखलाने की कोशिश की है। मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर की दहल अब भी पाकिस्तानी फौज के जहन में बैठा है।

साथ ही दिल्ली धमाके के बाद हर खुफिया इंटरसेप्ट, हर जब्त किया गया उपकरण, जाँच का सुराग और विस्फोटक पाकिस्तान-समर्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) की ओर इशारा करता है।ये वही आतंकी संगठन है जिसे मुनीर ने वर्षों तक अपनी निजी प्रॉक्सी की तरह पाला-पोसा।

इतना ही नहीं, ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए JeM आतंकियों को पाकिस्तान में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार दिया गया, जिसमें सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। ऐसे में मुनीर की घबराहट लाजिमी है।

डॉक्टरों से बम बनाने वालों तक- फरीदाबाद मॉड्यूल और दिल्ली धमाका

दिल्ली का हमला अचानक नहीं बल्कि JeM-सम्बंधित मॉड्यूल के नेटवर्क का हिस्सा था। इस नेटवर्क में डॉक्टर, शिक्षाविद और मेडिकल प्रोफेशनल्स शामिल थे, जिन्हें आतंकवादी लॉजिस्टिक्स चेन चलाने के लिए कट्टरपंथी बनाया गया था।

इस नेटवर्क के केंद्र में था जमात-उल-मोमिनात, JeM का नया महिला विंग, जिसका नेतृत्व मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर बहावलपुर से कर रही थी। उनकी भारत में प्रमुख ऑपरेटिव हैंडलर डॉ. शाहेना शाहिद को हथियार और अमोनियम नाइट्रेट के साथ लखनऊ से पकड़ा गया।

उनका हैंडलर पुलवामा निवासी और फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी में लेक्चरर डॉ. मुझम्मिल शकील को 2,900 किलो विस्फोटक सामग्री के साथ गिरफ्तार किया गया।

जब उन दोनों के सरगना ऑपरेटिव उमर मोहम्मद को लगा कि नेटवर्क उजागर हो चुका है तो उसने दिल्ली के लाल किले के पास कार बम विस्फोट कर दिया, जिसमें 10 लोग मारे गए। इस आत्मघाती हमले ने इस बात पर ध्यान दिलाया किया कि पाकिस्तान का नेटवर्क भारत के शहरी इलाकों में भी कितनी गहराई तक फैला हुआ है।

ऑपरेशन सिंदूर से डरा है पड़ोसी मुल्क

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जवाबी कार्रवाई के तहत मई 2025 में भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान के आतंकी ढाँचे को तहस-नहस कर दिया था। पाकिस्तान में पल रहे 9 आतंकी कैंप, 10 सैन्य ठिकाने और कई रडार स्टेशन इस कार्रवाई में नष्ट हो गए।

इस कार्रवाई में भारत ने ब्रह्मोस-A क्रूज़ मिसाइल से नूर खान एयरबेस को भी निशाना बनाया था, जो पाकिस्तान के परमाणु कमांड के बेहद नजदीक है। पाकिस्तान को खास तौर पर इस ऑपरेशन में अपनी वायुसेना के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपमानित होना पड़ा था।

अब दिल्ली धमाकों के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ की चर्चा है, जिसे लेकर पाकिस्तान में भय और असुरक्षा साफ तौर पर देखी जा सकती है। इसीलिए पाकिस्तान ने ‘फाल्स फ्लैग’ का हथकंडा अपना कर भारत की संभावित जवाबी कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर 2.0 को टालने के लिए यह ‘पीड़ित दिखने’ की रणनीति अपनाई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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