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जाकिर नाइक की वीडियो से हुआ ब्रेनवॉश, ‘CEO’ असरार ने आतंकी बनाया: ब्यावर में ISIS टेरर मॉड्यूल से जुड़ा कामरान गिरफ्तार, पुलिस ने बिस्तर से दबोचा

कामरान कुरैशी ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह भगोड़े जाकिर नाइक और तारिक जमील, तारिक मसूद जैसे कट्टरपंथी मौलवियों के वीडियो देखकर प्रभावित हुआ।

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा से कामरान कुरैशी उर्फ समर खान को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गुरुवार (11 सितंबर 2025) को गिरफ्तार किया। उसे एक पैन इंडिया टेरर मॉड्यूल (देशभर में फैले आतंकी नेटवर्क) से जुड़े होने के आरोप में पकड़ा गया है।

इस मामले में अब तक ISIS से जुड़े कुल पाँच आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि ये लोग किसी बड़े त्योहार से पहले भारत के किसी शहर में धमाका करने की साजिश रच रहे थे।

क्या है पूरा मामला

कामरान कुरैशी ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह भगोड़े जाकिर नाइक और तारिक जमील, तारिक मसूद जैसे कट्टरपंथी मौलवियों के वीडियो देखकर प्रभावित हुआ। इन वीडियो और कट्टरपंथी कंटेंट के जरिए उसकी ब्रेनवॉशिंग हुई और वह आतंक की ओर बढ़ा। वह गजवा-ए-हिंद से जुड़ी विचारधारा का समर्थन करने वाले एक वॉटस्ऐप ग्रुप का हिस्सा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कामरान की ऑनलाइन मुलाकात असरार दानिश नाम के एक युवक से हुई, जो झारखंड का रहने वाला है। असरार दानिश इस पूरे आतंकी मॉड्यूल का मास्टरमाइंड है और पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में रहता है।

असरार को ग्रुप में ‘सीईओ’ कहा जाता है। उसे बुधवार (10 सितंबर 2025) को रांची के लोअर बाजार थाना क्षेत्र के न्‍यू तबारक लॉज से गिरफ्तार किया गया था।

इस मामले में एटीएस अब और सक्रिय हो गई है। असरार की गिरफ्तारी के बाद आधा दर्जन संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन कर रही है। असरार ने ही कामरान को पैसे देकर और दूसरों को जोड़ने का काम सौंपा। वे खिलाफत (इस्लामी शासन) की सोच को बढ़ाने के लिए जमीन खरीदकर ट्रेनिंग कैंप शुरू करने की योजना बना रहे थे।

कैसे हुई गिरफ्तारी?

बुधवार (10 सितंबर 2025) की सुबह 5:30 बजे दिल्ली पुलिस की टीम ने ब्यावरा की शहीद कॉलोनी में छापा मारा। कामरान को बिस्तर से उठाकर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उसका मोबाइल भी जब्त कर लिया गया।

पुलिस को वहाँ मजहबी किताबें भी मिली। कामरान के अब्बू अब्दुल रशीद का कहना है कि कामरान किसी गलत गतिविधि में शामिल नहीं था। उसके अब्बू ने कहा, “वह कभी मैकेनिक की दुकान में काम करता था, कभी वकील के यहाँ 4-5 हजार रुपये की नौकरी करता था। कामरान अगर आतंकी गतिविधियों में होता तो हमसे 100 रुपये की मदद क्यों माँगता?”

पुलिस को कामरान के मोबाइल फोन में संदिग्ध चैट और डेटा मिला है, जिसमें आतंक से जुड़ी बातचीत के सबूत हैं। दिल्ली पुलिस के अनुसार, झारखंड से गिरफ्तार आतंकी आफताब नासिर कुरैशी से पूछताछ में कामरान का नाम सामने आया था।

असरार दानिश के जरिए पाकिस्तान से जुड़े लोगों की मदद से भारत में खिलाफत मॉड्यूल लागू करने की कोशिश हो रही थी। दिल्ली पुलिस के अनुसार, ये ग्रुप देश के युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर उन्हें आतंक की राह पर लाने की योजना बना रहा था। कामरान कुरैशी की गिरफ्तारी से दिल्ली पुलिस ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा किया है। मामले की जाँच जारी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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