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जम्मू-कश्मीर के डोडा में 5 जवान बलिदान, जंगल में छिपे थे इस्लामी आतंकवादी: हिन्दू तीर्थयात्रियों पर हमला करने वाले आतंकी समूह ने ली जिम्मेदारी

जिस इलाके में यह मुठभेड़ हुई वह घना जंगली क्षेत्र है, इसलिए यहाँ आतंकियों की तलाश करने में कठिनाइयाँ आ रही हैं। बताया गया है कि इस मुठभेड़ में मारे गए अफसर को हाल ही में मेजर की रैंक पर पदोन्नति दी गई थी और वही इस ऑपरेशन का शुरुआत में नेतृत्व कर रहे थे।

जम्मू कश्मीर के डोडा में इस्लामी आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में सेना के एक अफसर समेत 5 जवान वीरगति को प्राप्त हुए हैं। डोडा इलाके में यह मुठभेड़ लगातार जारी है। इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी कश्मीर टाइगर्स नाम के आतंकी समूह ने ली है।

जानकारी के अनुसार, धारी गोते उराबंगी इलाके में सोमवार (15 जुलाई, 2024) को रात लगभग 8 बजे यह मुठभेड़ चालू हुई थी। इस दौरान आतंकियों ने सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस पर फायरिंग की। इसके जवाब में सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन लॉन्च किया। इस दौरान आतंकियों ने भागने की कोशिश की लेकिन सैनिको ने उनका पीछा किया। इसके बाद दोनों के बीच भारी गोलाबारी चालू हो गई। इसी मुठभेड़ में सेना के एक अफसर समेत 5 जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें एक जवान जम्मू कश्मीर पुलिस का भी था।

इन जवानों को यहाँ से इलाज के लिए ले जाया गया लेकिन इन्हें को बचाया नहीं जा सका। इस इलाके में ऑपरेशन मंगलवार को भी जारी है। जम्मू कश्मीर पुलिस समेत सेना की तमाम टुकड़ियाँ मौके पर मौजूद हैं और आतंकियों को खोज रही हैं। बताया गया है कि इस इलाके में 2-3 आतंकी अब भी छुपे हुए हैं।

जिस इलाके में यह मुठभेड़ हुई वह घना जंगली क्षेत्र है, इसलिए यहाँ आतंकियों की तलाश करने में कठिनाइयाँ आ रही हैं। बताया गया है कि इस मुठभेड़ में मारे गए अफसर को हाल ही में मेजर की रैंक पर पदोन्नति दी गई थी और वही इस ऑपरेशन का शुरुआत में नेतृत्व कर रहे थे।

मुठभेड़ में कैप्टन बृजेश थापा, सिपाही अजय, सिपाही बृजेन्द्र और डी राजेश वीरगति को प्राप्त हुए हैं। सेना प्रमुख उपेन्द्र द्विवेदी ने उनके निधन पर शोक जताया है और उनके परिवार से संवेदना व्यक्त की है। उनके अलावा जम्मू कश्मीर पुलिस के एक पुलिसकर्मी की भी हमले में वीरगति हुई है।

इस हमले की जिम्मेदारी कश्मीर टाइगर्स नाम के एक इस्लामी आतंकी समूह ने ली है। यह जैश ए मुहम्मद का ही एक मुखौटा संगठन है। इसी आतंकी समूह ने हाल ही में रियासी में हिन्दू तीर्थयात्रियों की एक बस हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस हमले में एक बच्चे समेत 9 हिन्दू तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी।

गौरतलब है कि बीते कुछ महीनों में जहाँ कश्मीर क्षेत्र शांत हो गया है, वहीं जम्मू क्षेत्र लगातार में लगातार कई हमले हुए हैं। इस क्षेत्र में सेना के काफिलों पर हमले की भी कई घटनाएँ सामने आई हैं। इनमें अब तक कई जवान मारे जा चुके हैं। इन आतंकियों को स्थानीय लोगों का समर्थन भी प्राप्त होने की बात कही जा रही है। जिस इलाके में यह हमला हुआ है, वहीं 26 जून, 2024 को तीन आतंकियों को मार गिराया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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