Thursday, May 6, 2021
Home रिपोर्ट राष्ट्रीय सुरक्षा 'Q. कश्मीर किस देश का हिस्सा है? A. कश्मीर चीन में स्थित है' -...

‘Q. कश्मीर किस देश का हिस्सा है? A. कश्मीर चीन में स्थित है’ – अमेज़न के Alexa का जवाब, सोशल मीडिया पर गुस्सा

ट्विटर लद्दाख को चीन का हिस्सा बताता है। उसके अगले दिन अमेज़न का एलेक्सा पूरे कश्मीर को ही चीन का हिस्सा बताने लगता है। तकनीकी सुविधा के नाम पर देश की संप्रभुता से खिलवाड़ आखिर कब तक?

हाल ही में ट्विटर ने भारतीय सीमा के अंतर्गत आने वाले लेह और लद्दाख को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना का हिस्सा बताया था। इसी तरह अमेज़न की आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) सर्विस एलेक्सा (Alexa) ने भी नया विवाद खड़ा कर दिया है। 

एक ट्विटर यूज़र द्वारा साझा किए गए वीडियो में साफ़ सुना जा सकता है कि एलेक्सा ने कश्मीर को चीन का हिस्सा बताया। इस वीडियो के वायरल होने के बाद टेक कंपनी अमेज़न विवादों से घिर गई। ट्विटर यूज़र ने कहा, “एलेक्सा कश्मीर किस देश का हिस्सा है? इसके जवाब में AI प्रायोजित एलेक्सा ने कहा, “यह आपके सवाल का जवाब हो सकता है, कश्मीर चीन में स्थित है।” 

इसके बाद एक और ट्विटर यूज़र ने कश्मीर की यथास्थिति के बारे में जानने का प्रयास किया। इस बार भी एलेक्सा का जवाब लगभग वैसा ही था, “यह आपके सवाल का जवाब हो सकता है, कश्मीर चीन में स्थित है।” 

ऑपइंडिया ने खुद एलेक्सा के बारे में सोशल मीडिया पर किए गए इन दावों की पुष्टि की। यह गलती एलेक्सा के हिन्दी संस्करण तक ही सीमित है। जब यही सवाल अंग्रेज़ी भाषा में पूछा जाता है तब एलेक्सा का जवाब होता है, “कश्मीर उत्तर पूर्वी भारत का हिस्सा है।” 

कैसे काम करता है एलेक्सा?   

रिपोर्ट्स की मानें तो एलेक्सा मशीन लर्निंग अल्गोरिदम (machine learning algorithm) और दर्जनों ‘सवाल-जवाब तकनीक’ की मदद से लोगों के सवाल का जवाब देता है। AI प्रायोजित वर्चुअल सहयोगी एलेक्सा डेटा के आधार पर मान्य जानकारी देता है, जिसे सवालों के जवाब देने के लिए बेहतर प्रक्रिया माना जाता है। उल्लेखनीय बात है कि अमेज़न कोई ब्राउज़र नहीं है, इसलिए उसके पास ऐसे मामलों पर सीमित जानकारी होनी चाहिए। एलेक्सा माइक्रोसॉफ्ट के सर्च इंजन बिंग (Bing) का इस्तेमाल करता है और इनकी साझेदारी कुछ ‘पूरक वस्तुओं’ तक ही सीमित है। 

साल 2019 में अमेज़न ने एलेक्सा के लिए एक नया फ़ीचर जारी किया, जिसका नाम था ‘एलेक्सा एन्सर्स’ जिससे लोगों को उसके पास मौजूद जानकारी मिल पाए। विश्वसनीय सूत्रों की जगह अन्य यूज़र्स द्वारा दिए जाने वाले इस तरह के जवाबों पर वैधानिक चेतावनी होनी चाहिए। जिस तरह यूट्यूब और रेडिट पर मौजूद इस तरह का ‘यूज़र बेस्ड कंटेंट’ फ़ेक न्यूज़ और राजनीतिक एजेंडे से भरा होता है, ठीक वैसे ही यह भी सोचने वाली बात है कि एलेक्सा की जानकारी किस स्तर तक तोड़-मरोड़ कर पेश की गई है। 

हालाँकि अमेज़न अपने इस नए फीचर को लेकर शुरुआत से ही बेहद आशावादी रहा है। इस बात को मद्देनज़र रखते हुए अमेज़न ने राजनीतिक सवालों को लेकर जाँच सतर्कता बरती और इसमें अपवोट और डाउनवोट प्रक्रिया शामिल की। इसके बावजूद एलेक्सा कश्मीर के मूल स्थान को लेकर अपनी गलती दूर नहीं कर पाया। इसकी एक बड़ी वजह यह हो सकती है कि उनके उच्च गुणवत्ता वाले विश्वसनीय सूत्रों में कोई परेशानी हो। 

सोशल मीडिया पर विरोध के बाद अमेज़न की सफाई 

मामले पर विवाद बढ़ने के बाद अमेज़न ने इस मुद्दे को लेकर ट्विटर पर सफाई पेश की, 

ट्वीट में लिखा था, “मामला हमारी जानकारी में लेकर आने के लिए धन्यवाद। हमने इस मामले की जानकारी संबंधित समूह को दे दी है, जिससे वह इस पर आगे शोध कर सकें। भविष्य में किसी भी तरह की मदद के लिए आप हमसे संपर्क कर सकते हैं। हम आपके लिए हमेशा उपलब्ध हैं।” 

गूगल असिसटेंट बताता है कश्मीर की सटीक स्थिति

इसके बाद एक ट्विटर यूज़र ने ठीक यही सवाल गूगल नेस्ट मिनी से किया, जो गूगल असिसटेंट की मदद से जवाब देता है। यूज़र ने पूछा, “ओके गूगल कश्मीर किस देश में स्थित है?” गूगल असिसटेंट ने जवाब दिया, “विकिपीडिया के मुताबिक़ 5 अगस्त 2019 तक जम्मू कश्मीर भारत का राज्य था। फिर इसे दो केंद्र शासित राज्यों में बाँट दिया गया, जम्मू कश्मीर और लद्दाख।” 

गूगल की प्रतिक्रिया एलेक्सा के जवाब की तुलना में काफी विरोधाभास पैदा करती है। एलेक्सा के विपरीत गूगल एक ऐसा सर्च इंजन है, जो करोड़ों वेब पेज की मदद लेता है। इसका मतलब यह हुआ कि गूगल ने यह जवाब उन तमाम वेब पेज से निकाल कर अपनी साईट पर रखा होगा। 

हालाँकि गूगल ने इस सवाल का जवाब सही दिया लेकिन सावधानी के लिए इसकी जाँच जरूर की जानी चाहिए क्योंकि इसका स्रोत विकिपीडिया है। विकिपीडिया ने इस सवाल का जवाब भले सही दिया है लेकिन इस तरह की तमाम घटनाएँ सामने आई हैं, जब एक ऑनलाइन यूज़र ने भ्रामक जानकारी साझा की और कभी-कभी तो पूरी तरह झूठी जानकारी तक साझा की। 

ट्विटर ने लद्दाख को बताया था चीन का हिस्सा

ट्विटर पर लाइव सेशन करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषक नितिन ए गोखले को यह पता चला था कि ट्विटर ने भारतीय सीमा के तहत आने वाले लद्दाख को चीन का हिस्सा बताया था। स्ट्राट न्यूज़ ग्लोबल के संस्थापक गोखले ने कहा कि उन्होंने अपनी लोकेशन बतौर ‘हॉल ऑफ़ फेम लेह’ स्थापित की है। वीडियो के स्क्रीनशॉट में लिखा था, “नितिन गोखले लाइव थे, चीन स्थित जम्मू कश्मीर से।” 

ट्विटर की इस हरकत पर राष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषक ने कहा कि भारत सरकार को इस मामले को लेकर ट्विटर पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने यूज़र्स ने भी अनुरोध किया कि वह ट्विटर से इस बात की शिकायत दर्ज कराएँ, जिससे वह अपनी इस गलती में सुधार करे। बड़े पैमाने पर विरोध होने के बाद ट्विटर ने इस मुद्दे पर सफाई देते हुए कहा था कि यह एक तकनीकी गड़बड़ी की वजह से हुआ था। 

मंगलवार को नितिन ए गोखले ने एक बार फिर लाइव सेशन किया था लेकिन इस बार लेह स्थित कुशोक बकुला रिम्पोची हवाई अड्डे से। हैरान कर देने वाली बात थी कि ट्विटर ने कथित तौर पर तकनीकी गड़बड़ी में सुधार नहीं किया था जबकि ट्विटर को इस बात का अंदाज़ा था कि इस मुद्दे पर असल हालात कितने संवेदनशील हैं। हालाँकि ट्विटर ने लेह को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना में शामिल नहीं किया बल्कि इस क्षेत्र को केंद्र शासित प्रदेश, जम्मू कश्मीर का हिस्सा बताया।     

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

असम में भाजपा के 8 मुस्लिम उम्मीदवारों में सभी की हार: पार्टी ने अल्पसंख्यक मोर्चे की तीनों इकाइयों को किया भंग

भाजपा से सेक्युलर दलों की वर्षों पुरानी शिकायत रही है कि पार्टी मुस्लिम सदस्यों को टिकट नहीं देती पर जब उसके पंजीकृत अल्पसंख्यक सदस्य ही उसे वोट न करें तो पार्टी क्या करेगी?

शोभा मंडल के परिजनों से मिले नड्डा, कहा- ‘ममता को नहीं करने देंगे बंगाल को रक्तरंजित, गुंडागर्दी को करेंगे खत्म’

नड्डा ने कहा, ''शोभा मंडल के बेटों, बहू, बेटी और बच्चों को (टीएमसी के गुंडों ने) मारा और इस तरह की घटनाएँ निंदनीय है। उन्होंने कहा कि बीजेपी और उसके करोड़ों कार्यकर्ता शोभा जी के परिवार के साथ खड़े हैं।

‘द वायर’ हो या ‘स्क्रॉल’, बंगाल में TMC की हिंसा पर ममता की निंदा की जगह इसे जायज ठहराने में व्यस्त है लिबरल मीडिया

'द वायर' ने बंगाल में हो रही हिंसा की न तो निंदा की है और न ही उसे गलत बताया है। इसका सारा जोर भाजपा द्वारा इसे सांप्रदायिक बताए जाने के आरोपों पर है।

TMC के हिंसा से पीड़ित असम पहुँचे सैकड़ों BJP कार्यकर्ताओं को हेमंत बिस्वा सरमा ने दो शिविरों में रखा, दी सभी आवश्यक सुविधाएँ

हेमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट करके जानकारी दी कि पश्चिम बंगाल में हिंसा के भय के कारण जारी पलायन के बीच असम पहुँचे सभी लोगों को धुबरी में दो राहत शिविरों में रखा गया है और उन्हें आवश्यक सुविधाएँ मुहैया कराई जा रही हैं।

5 राज्य, 111 मुस्लिम MLA: बंगाल में TMC के 42 मुस्लिम उम्मीदवारों में से 41 जीते, केरल-असम में भी बोलबाला

तृणमूल कॉन्ग्रेस ने 42 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया था, जिसमें से मात्र एक की ही हार हुई है। साथ ही ISF को भी 1 सीट मिली।

हिंसा की गर्मी में चुप्पी की चादर ही पत्रकारों के लिए है एयर कूलर

ऐसी चुप्पी के परिणाम स्वरूप आइडिया ऑफ इंडिया की रक्षा तय है। यह इकोसिस्टम कल्याण की भी बात है। चुप्पी के एवज में किसी कमिटी या...

प्रचलित ख़बरें

बंगाल में हिंसा के जिम्मेदारों पर कंगना रनौत ने माँगा एक्शन तो ट्विटर ने अकाउंट किया सस्पेंड

“मैं गलत थी, वह रावण नहीं है... वह तो खून की प्यासी राक्षसी ताड़का है। जिन लोगों ने उसके लिए वोट किया खून से उनके हाथ भी सने हैं।”

बेशुमार दौलत, रहस्यमयी सेक्सुअल लाइफ, तानाशाही और हिंसा: मार्क्स और उसके चेलों के स्थापित किए आदर्श

कार्ल मार्क्स ने अपनी नौकरानी को कभी एक फूटी कौड़ी भी नहीं दी। उससे हुए बेटे को भी नकार दिया। चेले कास्त्रो और माओ इसी राह पर चले।

बंगाल हिंसा के कारण सैकड़ों BJP वर्कर घर छोड़ भागे असम, हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा- हम कर रहे इंतजाम

बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद उपजी राजनीतिक हिंसा के बाद सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने बंगाल छोड़ दिया है। असम के मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने खुद इसकी जानकारी दी है।

सुप्रीम कोर्ट से बंगाल सरकार को झटका, कानून रद्द कर कहा- समानांतर शासन स्थापित करने का प्रयास स्वीकार्य नहीं

ममता बनर्जी ने बुधवार को लगातार तीसरी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। उससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार को बड़ा झटका दिया।

‘द वायर’ हो या ‘स्क्रॉल’, बंगाल में TMC की हिंसा पर ममता की निंदा की जगह इसे जायज ठहराने में व्यस्त है लिबरल मीडिया

'द वायर' ने बंगाल में हो रही हिंसा की न तो निंदा की है और न ही उसे गलत बताया है। इसका सारा जोर भाजपा द्वारा इसे सांप्रदायिक बताए जाने के आरोपों पर है।

भारत में मिला कोरोना का नया AP स्ट्रेन, 15 गुना ज्यादा ‘घातक’: 3-4 दिन में सीरियस हो रहे मरीज

दक्षिण भारत में वैज्ञानिकों को कोरोना का नया एपी स्ट्रेन मिला है, जो पहले के वैरिएंट्स से 15 गुना अधिक संक्रामक हो सकता है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,361FansLike
89,322FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe