Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाकश्मीरी पंडित को आतंकियों ने गोली मारी, दवा की दुकान चलाते हैं बाल कृष्ण:...

कश्मीरी पंडित को आतंकियों ने गोली मारी, दवा की दुकान चलाते हैं बाल कृष्ण: J&K में 24 घंटे में 4 हमले

24 घंटों के भीतर कश्मीर में आतंकियों का यह चौथा हमला था। इससे पहले आतंकियों ने बिहार के दो मजदूरों को गोली मार दी थी।

जम्मू-कश्मीर के शोपियाँ जिले में आतंकवादियों ने सोमवार (4 अप्रैल 2022) को एक कश्मीरी पंडित पर फायरिंग की। इस घटना में कश्मीरी पंडित गंभीर रूप से घायल हो गए। श्रीनगर के आर्मी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही सुरक्षाबल इलाके में पहुँचे और नाकाबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दी।

घायल कश्मीरी पंडित का नाम बाल कृष्ण है। वह दक्षिण कश्मीर के शोपियाँ जिले के चोटीगाम के रहने वाले हैं। इस जानलेवा हमले में उन्हें तीन गोलियाँ लगी है। उनके हाथ और पैर में चोटें आई हैं। वे गाँव में ही दवा की दुकान चलाते हैं।

बता दें कि 24 घंटों के भीतर कश्मीर में आतंकियों का यह चौथा हमला था। इससे पहले आतंकी हमलों में गैर कश्मीरी मजदूरों को निशाना बनाया गया। पुलवामा में सोमवार दोपहर को आतंकियों ने दो गैर कश्मीरी मजदूरों पर हमला किया था। इस हमले में दोनों मजदूर घायल हो गए। उनकी पहचान बिहार निवासी पातालश्वर कुमार और जोको चौधरी के रूप में हुई है। 

वहीं श्रीनगर के मैसूमा इलाके में आतंकवादियों ने सीआरपीएफ जवानों पर गोली चलाई, जिसमें एक जवान वीरगति को प्राप्त हो गया और एक अन्य जवान घायल हो गया। इलाके की घेराबंदी कर हमलावरों के लिए तलाशी अभियान शुरू किया गया।

यह आतंकी घटना ऐसे समय में हुई हैं, जब घाटी में पर्यटन में तेजी देखी जा रही है। घाटी में रोजाना हजारों की संख्या में सैलानी आ रहे हैं। 28 मार्च 2022 को घाटी में पर्यटकों को लेने और छोड़ने के लिए रिकॉर्ड 90 फ्लाइट्स का इस्तेमाल किया गया था। इससे पहले आतंकवादियों ने पंजाब के मजदूरों को अपना निशाना बनाया था। पुलवामा के नौपोरा गाँव में एक ड्राइवर और हेल्पर को गोली मार कर घायल कर दिया था। दोनों पंजाब के पठानकोट के निवासी थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

किसी को बेल मिली तो घर नहीं जा सका, कोई अब तक जेल में… संसद की सुरक्षा में सेंधमारी को सामान्य बनाना चाह रहे...

हर पीढ़ी में ऐसे युवा होते हैं जो व्यवस्था बदलना चाहते हैं। लेकिन ये भी समझना जरूरी है कि व्यवस्था बदलने और कानून तोड़ने में अंतर होता है।

PM की हत्या की साजिश, संसद में घुसने का प्रयास और पुलिस पर पथराव: Insta रील से इतर समझें ‘कॉकरोचों’ का एजेंडा, कैसे ठगे...

एकतरफा नैरेटिव को ध्वस्त करने वाली CJP प्रदर्शन यह दूसरी तस्वीरें भी दिखें, जिनमें हिंसक भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, 'मोदी-बीजेपी मुर्दाबाद' के नारे लगाकर असल छात्रों को बरगलाया।
- विज्ञापन -