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पोल्ट्री फार्म की आड़ में आतंकी ट्रेनिंग: MP में ‘अल सुफा’ के ठिकानों पर NIA की छापेमारी, रची गई थी जयपुर में सीरियल ब्लास्ट की साजिश

एनआईए की जाँच में सामने आया है कि 'अल सुफ़ा' जिहादी मानसिकता के साथ काम कर रहा था। 'अल सुफ़ा' के आतंकियों ने आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए इलाके के अन्य युवाओं को प्रेरित किया था।

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने आतंकी संगठन ‘अल सुफ़ा’ से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान जयपुर को दहलाने की साजिश रचने वाले आतंकी इमरान खान की संपत्ति जब्त कर उस पर कुर्की नोटिस चस्पा किया। इस कार्रवाई में एनआईए की टीम के साथ रेवेन्यू और लोकल पुलिस भी मौजूद रही। NIA ने यह कार्रवाई सोमवार (17 जुलाई 2023) को की।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार को एनआईए की टीम रतलाम जिले के जुलवानिया गाँव पहुँची। जाँच एजेंसी ने छापामार कार्रवाई करने के बाद अल सुफ़ा के आतंकी इमरान खान का पोल्ट्री फार्म जब्त कर लिया। आरोप है कि इमरान व उसके अन्य साथी आतंकी गतिविधियों की साजिश के लिए इसी पोल्ट्री फार्म का उपयोग करते थे। इसके अलावा नए आतंकियों को आईडी बनाने के लिए ट्रेनिंग भी यहीं दी जाती थी।

बता दें कि 30 मार्च, 2022 को राजस्थान एटीएस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने चित्तौड़गढ़ जिले के निंबाहेड़ा से विस्फोटक के साथ अल सुफा के 3 आतंकियों को गिरफ्तार किया था। ये आतंकी जयपुर के अलग-अलग इलाकों में सीरियल ब्लास्ट कर दहशत फैलाने की फिराक में थे। इन आतंकियों से पूछताछ के बाद इनका रतलाम कनेक्शन सामने आया था।

इसके बाद मध्य प्रदेश और राजस्थान की जाँच और रक्षा एजेंसियों ने छापेमारी कर कई आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इन सभी का मास्टरमाइंड इमरान खान भी पुलिस के हत्थे चढ़ा था। इमरान ही आतंकियों को बम बनाने से लेकर अन्य तरह की ट्रेनिंग करता था। छापेमारी में इमरान के घर और अन्य ठिकानों से कई संदिग्ध चीजें बरामद हुईं थीं। मामले की जाँच पूरी कर इस मामले में 11 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है। इन सभी पर सीरियल ब्लास्ट कर जयपुर को दहलाने की साजिश रचने का आरोप है।

एनआईए की जाँच में सामने आया है कि ‘अल सुफ़ा’ जिहादी मानसिकता के साथ काम कर रहा था। ‘अल सुफ़ा’ के आतंकियों ने आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए इलाके के अन्य युवाओं को प्रेरित किया था।

गौरतलब है कि अल सुफा ISIS से प्रेरित आतंकी संगठन है। साल 2012 में इस रतलाम से ही इसकी शुरुआत हुई थी। उस समय इसमें 40-50 आतंकी थे। लेकिन बाद में इस्लाम के नाम पर बरगलाकर यह संख्या बढ़ाने की कोशिश की गई। इस संगठन के लोगों ने साल 2014 में रतलाम के महू रोड बस स्टैंड पर बजरंग दल के नेता कपिल राठौड़ और उनकी होटल पर काम करने वाले पुखराज की हत्या कर दी थी। सितम्बर 2017 में इसी से जुड़े लोगों ने रतलाम में ही तरुण सांखला की गोली मार कर हत्या कर दी थी। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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