Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाआए थे घूमने... करने लगे ईसाई धर्मान्तरण: असम पुलिस ने 3 विदेशियों को धर...

आए थे घूमने… करने लगे ईसाई धर्मान्तरण: असम पुलिस ने 3 विदेशियों को धर लिया, कोर्ट ने सुनाया वापस भेजने का आदेश

'शांति एवं उपचार प्रार्थना महोत्सव' कार्यक्रम के चंगाई सभा में लोगों को चंगा होने के लिए बुलाया गया था। इस कार्यक्रम का असली मकसद धर्म परिवर्तन को बढ़ावा देना था। पर्यटन वीजा पर आए 3 लोगों ने...

असम में डिब्रूगढ़ पुलिस ने वीजा नियमों के उल्लंघन के आरोप में स्वीडन के 3 नागरिकों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों में 2 महिलाएँ और 1 पुरुष हैं। इन सभी पर आरोप है कि ये लोग पर्यटन वीजा का बहाना लेकर अवैध धर्मान्तरण कार्यों में शामिल हो गए थे। गिरफ्तार आरोपितों के नाम हन्ना मिकाएला ब्लूम, मार्कस अर्ने हेनरिक ब्लूम और सुज़ाना एलिज़ाबेथ हाकानासन हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तीनों आरोपित नाहरकटिया इलाके में पड़ने वाले चाय के बागान में एक कार्यक्रम के दौरान लोगों को ईसाई बनने के लिए लुभा रहे थे। यहाँ 25 से 27 अक्टूबर तक ‘शांति एवं उपचार प्रार्थना महोत्सव’ नाम से कार्यक्रम आयोजित था। इसी बीच पुलिस ने 26 अक्टूबर 2022 को इन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

‘शांति एवं उपचार प्रार्थना महोत्सव’ कार्यक्रम को यूनाइटेड चर्च फेलोशिप और ब्लेस असम मिशन नेटवर्क द्वारा नकारकटिया के एक खेल के मैदान में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम के चंगाई सभा में लोगों को चंगा होने के लिए बुलाया गया था।

आरोप है कि इस कार्यक्रम का असली मकसद धर्म परिवर्तन को बढ़ावा देना था। स्थानीय निवासियों ने इस कार्यक्रम का विरोध किया। उन्होंने तीनों विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी के लिए थाने पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। भीड़ ने पुलिस के खिलाफ भी नारेबाजी की और थाने के बाहर ही प्रार्थना शुरू कर दी थी। आखिरकार पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और कार्रवाई की।

तीनों स्वीडिश नागरिकों पर हुई पुलिस कार्रवाई की पुष्टि नामरूप के DSP नबा कुमार बोरा ने की है। उन्होंने बताया कि पर्यटक वीजा के नियमनुसार धार्मिक व्याख्यान नहीं दिया जा सकता। पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपित नाहरकटिया के धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए आए थे।

पुलिस ने इन हरकत को विदेशी अधिनियम की धारा 14 का उललंघन माना और केस दर्ज कर के तीनों को गिरफ्तार कर लिया। डिब्रूगढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिटुल चेतिया ने भी कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर की गई है।

बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के बाद तीनों स्वीडिश नागरिकों को कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने भी तीनों को विदेशी अधिनियम का दोषी पाया। न्यायालय ने पुलिस को आदेश दिया कि वो तीनों आरोपितों को उनके देश वापस भेजने का इंतज़ाम करे। कोर्ट के इस आदेश पर पुलिस ने तीनों को पहले गुवाहाटी और बाद में उनके वापस देश भेजने की तैयारियों की जानकारी दी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या है हिमाचल प्रदेश का नया ‘विधवा और अनाथ उपकर’? ‘खटाखट’ वादों ने किया अर्थव्यवस्था का बँटाधार, अब अनोखे ‘Cess’ लगा रही कॉन्ग्रेस सरकार

हिमाचल सरकार पेट्रोल-डीजल पर 60 पैसे प्रति लीटर अतिरिक्त उपकर ले रही है, जिससे विधवा-अनाथ बच्चों की मदद के लिए फंड बनाया जाएगा।

‘SIR’ पर प्रकाश राज का फर्जीवाड़ा एक्सपोज: कर्नाटक में अपना वोट कटने का फैला रहे थे भ्रम, चुनाव आयोग ने पोल खोली; पढ़ें सच्चाई

EC ने प्रकाश राज का नाम मतदाता सूची से मनमाने ढंग से नहीं हटाया गया है। पंजीकृत पते पर न रहने के कारण वहाँ केवल 'Shifted' स्टेटस लिखा गया है।
- विज्ञापन -