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ई-रिक्शा चलाने की आड़ में मंदिरों-रेलवे स्टेशन पर लगवाए CCTV, PAK के लिए जासूसी: जानें- कौन है मीरा ठाकुर जिसे हथियार सप्लाई केस में मिली थी बेल

पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले नेटवर्क की मुखिया मीरा ठाकुर है, जो संवेदनशील जगहों पर CCTV लगवाती थी। धार्मिक स्थलों का जानकारी पाकिस्तान भेजती थी। वह हेडलर से सीधा संपर्क में थी। पहले भी हथियार सप्लाई केस में वह गिरफ्तार हुई थी।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में कौशांबी पुलिस ने मथुरा की रहने वाली मीरा ठाकुर को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है। उसके तार पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क से जुड़े हैं। इससे पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे अवैध हथियारों और नकली नोटों के एक मामले में गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में मानवीय आधार पर उसे रिहा कर दिया गया था।

मौजूदा मामले में संवेदनशील जगहों पर CCTV कैमरे लगवाना, महत्वपूर्ण जगहों से जुड़ी जानकारी साझा करना और अवैध हथियारों की सप्लाई से उसके तार जुड़े हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह काफी खतरनाक है।

गाजियाबाद पुलिस ने इस मामले में 17 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पाकिस्तान में बैठे एक हैंडलर से जुड़े थे, जिसकी पहचान सरफ़राज़ उर्फ सरदार के रूप में हुई है।

मीडिया से बात करते हुए, ट्रांस हिंडन के पुलिस उपायुक्त (DCP) धवल जायसवाल ने बताया कि ये गिरफ्तारियाँ खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। ये गिरफ्तारियाँ गाजियाबाद और आस-पास के जिलों से की गई।

ई-रिक्शा चला रही थी मीरा ठाकुर

जाँच ​​में पता चला कि मीरा ठाकुर ई-रिक्शा चलाती थी और उसकी आड़ में जासूसी का काम करती थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ई रिक्शा चलाने पर किसी का ध्यान उसकी ओर नहीं जा रहा था, जबकि वह जासूसी नेटवर्क का मुख्य आरोपित है।

खबरों के मुताबिक, सप्लाई नेटवर्क की लिस्ट में उसका नाम सबसे ऊपर था, और वह अलग-अलग ऑपरेटिव्स को जोड़ने वाली एक अहम कड़ी का काम करती थी। वह एक कोर ग्रुप का हिस्सा थी, जहाँ पाकिस्तानी हैंडलर सीधे वीडियो कॉल और सीक्रेट ऐप्स के जरिए बातचीत करता था। इनलोगों को काम के बदले में पैसे मिलते थे।

CCTV लगाना और धार्मिक स्थलों पर नजर रखना

इस नेटवर्क को संवेदनशील जानकारी इकट्ठा करने और शेयर करने का काम सौंपा गया था, जिसमें बड़े धार्मिक स्थलों और अहम संस्थानों की तस्वीरें और लोकेशन की जानकारी शामिल थी।

आरोपितों को रेलवे स्टेशनों जैसी अहम जगहों पर CCTV सिस्टम लगाने का काम भी सौंपा गया था। सूत्रों ने बताया कि खाटू श्याम जैसी जगहों की जानकारी शेयर की गई थी। किसी को शक न हो, इसलिए जासूसी की गतिविधियों में जान-बूझकर महिलाओं और नाबालिगों का इस्तेमाल किया गया था।

हथियारों की अवैध सप्लाई केस में बेल पर है

पुलिस सूत्रों ने बताया कि मीरा के हथियारों के अवैध डीलरों से सीधे संबंध थे और वह पूरे दिल्ली-NCR में अपराधियों को हथियार सप्लाई करती थी। उसका कई डीलरों से संपर्क था और उसने गैंगस्टरों से लेकर स्थानीय अपराधियों तक का एक नेटवर्क बना रखा था।

उसे पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हथियारों की अवैध तस्करी के एक मामले में गिरफ्तार किया था। उस ऑपरेशन के दौरान कई आरोपियों को पकड़ा गया और हथियार, कारतूस और नकली नोट बरामद किए गए। यह गिरोह मध्य प्रदेश से हथियार मंगाने और उन्हें उत्तरी राज्यों में बांटने के लिए सोशल मीडिया पर कोड वाले मैसेज का इस्तेमाल करता था।

जुलाई 2025 में मीरा को उसके मथुरा स्थित घर से गिरफ्तार किया गया, जहाँ से पाँच जिंदा कारतूस बरामद हुए; इसी आधार पर उसके खिलाफ Arms Act के तहत एक अलग मामला दर्ज किया गया। उसके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर, गिरोह के एक और सदस्य, शमसू खान को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से पिस्तौल और नकली नोट बरामद किए। इससे पहले इस गिरोह के सदस्य कुलदीप, रवि और योगेश को भी गिरफ्तार किया गया था।

OpIndia द्वारा देखे गए अदालती दस्तावेजों के अनुसार, सितंबर 2025 में, नई दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मानवीय आधार पर उसे बेल दे दी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि वह दो नाबालिग बच्चों की माँ है, जो अपनी देखभाल के लिए पूरी तरह उसी पर निर्भर हैं, और अगर उसे लंबे समय तक हिरासत में रखा गया, तो इसका उन बच्चों पर बुरा असर पड़ेगा।

स्रोत- पटियाला हाउस कोर्ट, दिल्ली

हालाँकि उसे मानवीय आधार पर रिहा कर दिया गया था, लेकिन ऐसा लगता है कि मीरा ने अपनी गतिविधियाँ जारी रखीं और उस मौके का इस्तेमाल पाकिस्तान के लिए जासूसी करने में किया।

मोबाइल फोन से विभिन्न जगहों के 100 से ज्यादा वीडियो और तस्वीरें बरामद की गई हैं। इन सामग्रियों का विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने किस हद तक जासूसी की थी। नौशाद सहित अन्य आरोपी ने रेकी करने के लिए राज्यों भर में यात्रा करने में शामिल थे। नेटवर्क के भीतर संचार एन्क्रिप्टेड या गुप्त ऐप्स के माध्यम से होता था।

परिवार से अलग रहती है मीरा

मीरा ठाकुर मूल रूप से आगरा की रहने वाली है और मथुरा के औरंगाबाद इलाके में रह रही थी। उसने लगभग आठ साल पहले एक घर खरीदा था और अपने परिवार से अलग रहती थी। उसका पति मुकेश, जो पेशे से हलवाई है, कथित तौर पर लगभग दो साल पहले उससे अलग हो गया था।

उसकी दो बेटियाँ हैं और वह पड़ोसियों से बहुत कम बातचीत करती है। वह अपनी पहचान छिपाकर रहती थी। जाँच में यह भी पता चला है कि वह पहले राहुल उर्फ शमसू खान से जुड़ी हुई थी, जो कथित तौर पर हथियारों और नकली नोटों का तस्कर था और उसके संपर्क में आने के बाद वह अवैध गतिविधियों में शामिल हो गई।

मीरा पर सरकारी गोपनीयता अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और राजद्रोह तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

(यह लेख मूलरूप से अंग्रेजी में लिखा गया है। इसे पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें)

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Anurag is a Chief Sub Editor at OpIndia with over 22 years of professional experience, including more than six years in journalism. He is known for deep dive, research driven reporting on national security, terrorism cases, judiciary and governance, backed by RTIs, court records and on-ground evidence. He also writes hard hitting op-eds that challenge distorted narratives. Beyond investigations, he explores history, fiction and visual storytelling. Email: [email protected]

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