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पाकिस्तान में लड़कियों की कब्र में ताला लगाने को मजबूर हो रहे परिवार वाले, कारण – लाश निकाल कर किया जाता है रेप: गलत निकली मीडिया रिपोर्ट्स

एएनआई ने डेली टाइम्स के हवाले से कहा है कि पाकिस्तान में शवों के साथ हो रही दरिंदगी के मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में, मृतक लड़कियों के परिजन मजबूरी बस कब्रों पर दरवाजे और ताला लगा रहे हैं। हालाँकि, ये दावा गलत निकला है और वायरल तस्वीरों से इनका कोई संबंध नहीं है।

पाकिस्तान में हिन्दू और सिख लड़कियों के यौन उत्पीड़न के मामले अक्सर सामने आते हैं। वहीं कई खबरें बताती हैं कि वहाँ जिंदा तो दूर, मरने के बाद लड़कियाँ सुरक्षित नहीं हैं। दरअसल, पाकिस्तान में शवों के साथ बलात्कार की घटना सामने आती रहती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि ऐसे में मृत लड़कियों की कब्रों पर लोहे के दरवाजे और ताला लगाया जा रहा है। हालाँकि, ये खबर गलत होने की बात सामने आई है।

फैक्ट-चेक में सामने आया है कि इस कब्र की तस्वीर भारत के हैदराबाद से है और कब्र में ग्रिल इसीलिए लगाया गया था, क्योंकि कई लोग पुरानी कब्रों के ऊपर से ही लाश को दफ़न कर देते हैं। इसे सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के सन्दर्भ में शेयर कर दिया गया।

दरअसल, आँकड़ों की मानें तो पाकिस्तान में हर दो घण्टे में एक महिला बलात्कार का शिकार होती है। मरने के बाद कब्र से शव निकाल कर रेप की घटनाएँ सामने आती रही हैं। ताज़ा मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि लड़कियों की कब्र पर ताला लगना पूरे पाकिस्तान को शर्मसार करने वाली घटना है। इन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुस्लिम और अब नास्तिक कार्यकर्ता तथा ‘द कर्स ऑफ गॉड, व्हाई आई लेफ्ट इस्लाम’ पुस्तक के लेखक हैरिस सुल्तान ने लिखा था कि कब्र से शव निकालकर उनके साथ बलात्कार कट्टरपंथी इस्लामवादी विचारधारा के कारण हो रहा है।

हैरिस सुल्तान ने कब्र पर ताले वाली एक फोटो शेयर करते हुए ट्वीट किया था। इस ट्वीट में उन्होंने कहा था, “पाकिस्तान ने यौन रूप से कुंठित एक ऐसा समाज बना दिया है जहाँ लोग अपनी बेटियों को बलात्कार से बचाने के लिए उनकी कब्रों पर ताला लगा रहे हैं। जब आप बुर्के को बलात्कार से जोड़ते हैं तो यह मानसिकता आपको कब्र तक ले जाती है।”

समाचार एजेंसी ANI तक ने ‘डेली टाइम्स’ के हवाले से लिखा कि पाकिस्तान में शवों के साथ हो रही दरिंदगी के मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो रही है। इन खबरों में लिखा था कि ऐसे में, मृतक लड़कियों के परिजन मजबूरी बस कब्रों पर दरवाजे और ताला लगा रहे हैं। हालाँकि, कई फैक्ट चेक के बाद सामने आया है कि शेयर की जा रहीं तस्वीरों का पाकिस्तान में कब्र से निकाल आकर शवों से रेप किए जाने का कोई संबंध नहीं है।

बता दें कि पाकिस्तान में शवों के साथ बलात्कार की घटनाएँ सामने आती रहती हैं। ऐसा ही एक मामला साल 2011 में सामने आया था। तब, कब्र की रखवाली करने वाले व्यक्ति मोहम्मद रिजवान को कब्र से शव निकालकर बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। रिजवान ने स्वीकार किया था कि उसने 48 महिलाओं के शवों के साथ बलात्कार किया है।

ऐसा ही मामला अगस्त 2021 में सामने आया था। तब, बुखार के कारण मरी एक 14 साल की लड़की के शव के साथ बलात्कार किया गया था। बलात्कारी की पहचान रफीक के रूप में हुई थी। जिस रात लड़की को दफनाया गया था, रफीक ने उसी रात उसकी कब्र खोदकर शव निकाल लिया था। इसके बाद आधा किलोमीटर दूर ले जाकर बलात्कार किया।

पाकिस्तान में शवों के साथ हो रही बलात्कार की घटना के लिए इस्लमामिक कट्टरपंथी विचारधारा को दोषी ठहराया जाता है। लेकिन मनोचिकित्सक मानते हैं कि यह सब नेक्रोफिलिया बीमारी के कारण होता है। इस बीमारी के चलते ही शव के साथ बलात्कार करने की इच्छा उत्पन्न होती है। दरअसल, ग्रीक भाषा में नेक्रो शब्द का अर्थ शव और फीलिया का अर्थ प्यार होता है। इस तरह ‘नेक्रोफीलिया’ का अर्थ मरे हुए लोगों के साथ प्यार करना या उनके साथ सेक्स करना होता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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