Homeबड़ी ख़बरनमो ऐप पर PM मोदी ने माँगा जनता से फीडबैक; BJP सांसदों की धड़कनें...

नमो ऐप पर PM मोदी ने माँगा जनता से फीडबैक; BJP सांसदों की धड़कनें तेज़

इस सर्वे में जनता से उनके क्षेत्र से चुने गए सांसद को लेकर राय मांगी गई है। इसमें पूछा गया है कि क्या आप अपने सांसद के कार्यों से संतुष्ट हैं?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता से सीधा संवाद करने के लिए जाने जाते हैं। चाहे रेडियो द्वारा ‘मन की बात’ हो या नमो ऐप द्वारा ‘मेरा बूथ, सबसे मज़बूत’- ये सभी उपक्रम प्रधानमंत्री मोदी और जनता के बीच सीधा संवाद का माध्यम बने हैं। शायद यही कारण है कि पीएम को ‘लुटियंस मीडिया’ को इंटरव्यू देने की जरूरत नहीं पड़ती। जनता से सीधा जुड़ाव के इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने अब नमो ऐप पर एक सर्वे शुरू किया है। इस सर्वे में जनता द्वारा वोट डाल कर ये सुनिश्चित किया जाएगा कि उनके हिसाब से उनके क्षेत्र में सबसे लोकप्रिय भाजपा नेता कौन है। प्रधानमंत्री ने इस सर्वे के बारे में बताते हुए फेसबुक पर पोस्ट किए एक वीडियो में कहा:

“नमो ऐप पर एक सर्वे लॉन्च किया गया है। मैं आपकी सीधी प्रतिक्रिया चाहता हूँ। आपकी प्रतिक्रिया हमारे लिए मायने रखती है। विभिन्न मुद्दों पर आपकी प्रतिक्रिया हमें महत्वपूर्ण निर्णय लेने में मदद करेगी। क्या आप सभी इस सर्वे को भरेंगे और दूसरों को भी ऐसा करने को कहेंगे?”

इस सर्वे में जनता से उनके क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की समीक्षा करने को भी कहा गया है। इस सर्वे में लोग सुलभ स्वास्थ्य सुविधा, किसानों की समृद्धि, भ्रष्टाचार मुक्त शासन, स्वच्छ भारत, राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढाँचा, रोजगार और ग्रामीण विद्युतीकरण को लेकर उनके क्षेत्र में हुए विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। इसके अलावा, इस सर्वे में जनता का मूड भाँपने की भी कोशिश की गई है। महागठबंधन को लेकर भी सवाल पूछे गए हैं, जिससे यह पता चले कि जनता महगठबंधन के बारे में क्या सोचती है।

इस सर्वे में यह भी पूछा गया है कि आप मोदी सरकार को किस तरह रेट करना चाहेंगे। इसमें खराब (Poor) से लेकर उत्कृष्ट (Excellent) तक का विकल्प है। यह भी पूछा गया है कि अगर आप वोट करने जाते हैं तो आप किस मुद्दे पर सबसे ज्यादा विचार करते हैं। विकल्प के तौर पर स्वच्छता, रोज़गार, भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था इत्यादि दिए गए हैं।

पॉंचवें सवाल में जनता से उनके लोकसभा क्षेत्र के तीन सबसे लोकप्रिय नेताओं के नाम बताने को कहा गया है। वहीं इसके अगले सवाल में उनसे उनके राज्य के तीन सबसे लोकप्रिय भाजपा नेताओं के नाम पूछे गए हैं। इसके बाद जो प्रश्न पूछे गए हैं, वो भाजपा सांसदों की धड़कनें बढ़ा सकती हैं। इस प्रश्न में जनता से उनके क्षेत्र से चुने गए सांसद को लेकर राय मांगी गई है। इसमें पुछा गया है कि क्या आप अपने सांसद के कार्यों से संतुष्ट हैं? सांसद अपने क्षेत्र में लोकप्रिय हैं या नहीं- इस बारे में भी जनता से ज़वाब देने को कहा गया है।

नौवें प्रश्न में जनता से उनके क्षेत्र में सड़कें, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार इत्यादि को लेकर सवाल पुछा गया है। इसमें उनसे पूछा गया है कि क्या आपके क्षेत्र में इन सबको लेकर हो रहे कार्य से आप संतुष्ट हैं?

अब देखना यह है कि इस सर्वे से क्या परिणाम निकलता है। लेकिन यह तो तय है कि इससे कई सांसदों की धड़कनें बढ़ जाएँगी। ऐसा इसलिए क्योंकि नरेंद्र मोदी जनता के मूड के हिसाब से निर्णय लेने के लिए जाने जाते हैं और अगर किसी सांसद ने अपने क्षेत्र में अच्छा काम नहीं किया है तो उसका टिकट भी काटा जा सकता है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -