देश के बहादुर सशस्त्र बलों के साथ दिवाली मनाने की परंपरा को जारी रखते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा और कारवार के तट पर आईएनएस विक्रांत पर तैनात जवानों के साथ दिवाली मनाई। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा, “ये हमारी अलौकिक दीपमालाएँ हैं, मेरा सौभाग्य है कि मैं नौसेना के जवानों के बीच दिवाली का पावन पर्व मना रहा हूँ।”
उन्होंने कहा कि आईएनएस विक्रांत सैन्य आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। आज एक तरफ अनंत क्षितिज, अनंत आकाश है, और दूसरी तरफ अनंत शक्तियों का प्रतीक यह विशालकाय आईएनएस विक्रांत है। समुद्र के पानी पर किरणों की चमक और बहादुर जवानों द्वारा जलाए गए दीपमालाएँ हैं।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि युद्ध के मैदान में जो जवान महसूस करता है, उसे शब्दों में बयाँ नहीं किया जा सकता।” उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले ही हमने देखा कि कैसे विक्रांत नाम ने ही पूरे पाकिस्तान में खौफ़ की लहर दौड़ा दी थी। इसकी ताकत ऐसी है – एक ऐसा नाम जो युद्ध शुरू होने से पहले ही दुश्मन के हौसले पस्त कर देता है। यही है INS विक्रांत की ताकत।
उन्होंने याद करते हुए कहा कि विक्रांत के कमीशनिंग का दिन वह था जब भारतीय नौसेना ने पुराने ध्वज को हटाकर शिवाजी महाराज की मुहर के साथ नया ध्वज अपनाया था। इसका मकसद भारत के औपनिवेशिक अतीत मुक्ति था, क्योंकि उस वक्त तक तिरंगे में सेंट जॉर्ज क्रॉस भी था, जो ब्रिटिश काल से चला आ रहा था।
#WATCH | "I am fortunate that this time I am celebrating this holy festival of Diwali among all you brave soldiers of the Navy", says Prime Minister Narendra Modi as he celebrates Diwali at INS Vikrant off the coast of Goa and Karwar pic.twitter.com/Df1hKpbkma
— ANI (@ANI) October 20, 2025
देश में नक्सलवाद के खात्मे के लिए अर्धसैनिक बलों की उन्होंने सराहना की। ‘आत्मनिर्भर भारत’ का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “जब दुश्मन सामने हो, युद्ध की आशंका हो तब जिसके पास अपने दम पर लड़ाई लड़ने की ताकत हो उसका पलड़ा हमेशा भारी रहता है। सेनाओं के सशक्त होने के लिए उनका आत्मनिर्भर होना बहुत आवश्यक है। जैसे-जैसे हमारा हर औजार, शस्त्र, हर पुर्जा जैसे-जैसे भारतीय होते जाएगा, हमारी ताकत को चार-चाँद लग जाएंगे।”
हर दिवाली, जवानों वाली
प्रधानमंत्री मोदी पिछले 10 सालों से हर साल दिवाली देश के वीर जवानों के साथ मनाते रहे हैं। 2025 में भी उन्होंने अपनी परंपरा को निभाते हुए गोवा और कारवार के तट पर आईएनएस विक्रांत का दौरा किया और जवानों के साथ दिवाली मनाई।प्रधानमंत्री सियाचिन बॉर्डर से कच्छ के रण तक तैनात जवानों के बीच दीपावली मनाते रहे हैं
साल 2024 में पीएम मोदी कच्छ के रण गए थे। इस दौरान बीएसएफ, नौसेना, वायु सेना और थल सेना के साथ अपना वक्त बिताया था। उन्होंने जवानों को मिठाइयाँ खिलाई और त्यौहार पर भी परिजनों से दूर रहने वाले जवानों के दिन-रात मातृभूमि की सेवा में लगे रहने पर हौसला बढ़ाया।
Reached Lepcha in Himachal Pradesh to celebrate Diwali with our brave security forces. pic.twitter.com/7vcFlq2izL
— Narendra Modi (@narendramodi) November 12, 2023
कच्छ के क्षेत्र में दिन का तापमान काफी ज्यादा होता है और रात बेहद ठंढा हो जाता है। यहाँ की चुनौतियाँ जवानों के लिए अलग तरह की हैं।
2021 में लेपचा तो 2022 में लद्दाख पहुँचे थे पीएम
हिमाचल प्रदेश के लेपचा में पीएम मोदी ने 2023 में जवानों के साथ दीप जलाकर और मिठाईयाँ खिला कर दिवाली मनाई थी।
पीएम मोदी ने 2022 में दीपावली लद्दाख की बर्फीली चोटियों वाले कारगिल में मनाया था। इस मौके पर एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने देशवासियों को दिवाली की शुभकामनाएँ दी। उन्होंने लिखा, कारगिल में दिवाली समारोह की कुछ और झलकियाँ साझा कर रहा हूँ। पूरे भारत से आए सैनिकों से मुलाकात हुई। उनका साहस और दृढ़ संकल्प हमारे सभी नागरिकों को प्रेरित करता है।”
Sharing some more glimpses from the Diwali celebrations in Kargil. Met soldiers from all across India. Their courage and resolve inspires all our citizens. pic.twitter.com/j9RiEjD0Rj
— Narendra Modi (@narendramodi) October 24, 2022
पीएम मोदी ने कारगिल युद्ध में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही जवानों के जज्बे को सराहा, जो विषम परिस्थियों में दिन रात सरहद पर डटे हुए हैं।
2021 में नौशेरा का किया दौरा
पीएम मोदी ने जम्मू में एलओसी के नजदीक नौशेरा सेक्टर में तैनात जवानों के साथ दिवाली 2021 मनाई थी। इस मौके पर उन्होंने कहा था, “हमारे जवान ‘माँ भारती’ के सुरक्षा कवच हैं। जवानों की बदौलत ही हमारे देश के लोग रात को चैन से सो पाते हैं और त्योहारों पर खुशी मना पाते हैं।”
I feel privileged that I got to spend Diwali with our brave soldiers in Nowshera, not as Prime Minister but as a member of their family.
— Narendra Modi (@narendramodi) November 4, 2021
Here are some glimpses. pic.twitter.com/NfO87v9wQE
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरी बार रजौरी में जवानों के साथ दिवाली मनाने पहुँचे थे। इससे पहले 2019 में भी वह राजौरी के एक आर्मी डिविजन में जवानों के साथ उन्होंने दिवाली मनाई थी।
2020 में जैसलमेर जाकर जवानों का हौसला बढ़ाया
2020 में पीएम मोदी दिवाली के मौके पर राजस्थान के जैसलमेर पहुँचे और जवानों के साथ मिठाइयाँ खाकर दिवाली मनाई। इस दौरान लोंगेवाला पोस्ट पर तैनात सभी जवान मौजूद रहे। पीएम मोदी ने एक्स पर इसकी तस्वीरें साझा की।
Glimpses of PM @narendramodi celebrating #Diwali with the soldiers at a border post in Jaisalmer, Rajasthan this year.#Salute2Soldiers pic.twitter.com/ZfJ8zwtFzh
— BJP (@BJP4India) November 14, 2020
एलओसी पर 2019 में पीएम ने मनाई दिवाली
पीएम मोदी ने जम्मू कश्मीर के राजौरी में एलओसी पर तैनात जवानों के साथ दिवाली मनाई थी। उस वक्त भी पाकिस्तान के साथ तनातनी चल रही थी। पीएम मोदी ने जवानों के बीच जाकर उनका हौसला बढ़ाया।
Like he has done during previous Diwalis, PM @narendramodi celebrated this festival with soldiers protecting India.
— PMO India (@PMOIndia) October 27, 2019
He went to Rajouri in Jammu and Kashmir, where he interacted with soldiers and exchanged sweets.
Here are some pictures. #Diwali pic.twitter.com/AfaNOhfMr1
2018 में पीएम मोदी उत्तराखंड के हर्षिल पहुँचे और सुरक्षाबलों के साथ-साथ आईटीबीपी के जवानों के साथ भी दिवाली मनाई। इस मौके पर सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने कहा कि सरहद की रक्षा करने वाले वीर जवानों को सलाम किया। जम्मू कश्मीर के गुरेज सेक्टर में दिवाली सेलिब्रेशन के लिए पीएम मोदी 2017 में पहुँचे। यहाँ से पाकिस्तान को उन्होंने ललकारा।
Glad to have celebrated Diwali with our brave Army and BSF Jawans in the Gurez Valley, Jammu and Kashmir. pic.twitter.com/ebCM4JO6jc
— Narendra Modi (@narendramodi) October 19, 2017
लाहौल स्फीति में पीएम मोदी ने 2016 में मनाई दिवाली
हिमाचल प्रदेश से लगे चीन बॉर्डर पर दिवाली मनाने के लिए 2016 में पीएम मोदी पहुँचे। इस दौरान लाहौल स्फीति में आईटीबीपी जवानों के काम की सराहना की। उन्होंने कहा कि घर परिवार से दूर जवानों के साथ पूरा देश है। जवानों को मिठाइयाँ खिलाई और उनके साथ संवाद किया।
2014 में सियाचिन तो 2015 में पंजाब पहुँचे पीएम
पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में अपनी पहली दिवाली सियाचिन के जवानों के साथ मनाई थी। सियाचिन के बर्फीले वादियों में जवानों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि देश उनकी सेवा से सामने नतमस्तक है। सियाचिन देश का सबसे ऊँचा बॉर्डर है, जहाँ तापमान -30 से -40 डिग्री तक पहुँच जाता है। ये दुनिया का सबसे ऊँचा युद्ध क्षेत्र भी है।
2015 में प्रधानमंत्री मोदी दीपावली के दिन पंजाब पहुँचे। उन्होंने अमृतसर के नजदीक पाकिस्तान से सटे अटारी बॉर्डर पर तैनात जवानों के बीच त्योहार मनाया।


