राहुल-पाहवा ज़मीन हेराफेरी को सामने लाने के लिए ऑपइंडिया अभिनन्दन का पात्र: रविशंकर प्रसाद

राफेल पर राहुल गाँधी द्वारा सारा हंगामा संजय भंडारी के लिए किया जा रहा है क्योंकि यूरोफाइटर को सफलता नहीं मिले। भंडारी को राफेल में कुछ नहीं मिल पाया, इसीलिए राहुल राफेल पर निशाना साध रहे हैं।

आज गुरुवार (मार्च 14, 2019) को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ऑपइंडिया की रिपोर्ट के आधार पर राहुल गाँधी को घेरा। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष और एचएल पाहवा के बीच हुई ज़मीन की डील के बारे में बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऑपइंडिया ने इस पर काफ़ी विस्तृत तरीक़े से प्रकाश डाला है। उन्होंने कहा कि राहुल ने ज़मीन ख़रीद कर अपनी बहन को गिफ्ट कर दी। उन्होंने कहा कि ज़मीन खरीदना बुरी बात नहीं है, ज़मीन किस से ख़रीदी गई, यह मायने रखता है। उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाए किये ज़मीनें एक ही व्यक्ति से क्यों ख़रीदी गई। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रसाद ने कहा कि उनके सभी लैंड डील्स में राहुल गाँधी पूरी मज़बूती से उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने पूछा कि ये एचएल पाहवा कौन है? उनका व्यापार क्या है? उसकी आय का स्रोत क्या है? सीसी थम्पी और संजय भंडारी का नाम लेते हुए रविशंकर प्रसाद ने राहुल को आड़े हाथों लिया।

उन्होंने ऑपइंडिया के हवाले से बताया कि 17 मार्च 2008 को राहुल गाँधी ने 26,47,000 रुपए में एचएल पाहवा से हसनपुर, पलवल में महेश कुमार नागर के माध्यम से ज़मीन ख़रीदी। 3 मार्च 2008 को एचएल पाहवा ने हसनपुर में 72 कैनाल ज़मीन महेश कुमार नागर के माध्यम से रॉबर्ट वाड्रा को बेच दी। इसके अलावा अमीपुर में 40 कैनाल ज़मीन प्रियंका गाँधी के द्वारा 15 लाख रुपए में ज़मीन खरीदी गई। इसमें भी पाहवा शामिल था। उन्होंने पूछा कि इन सारी ख़रीद-बिक्रियों में पाहवा एक कॉमन फैक्टर क्यों है। उन्होंने पूछा कि 24 अप्रैल 2006 को प्रियंका गाँधी द्वारा 15 लाख रुपए में ख़रीदी गई ज़मीन 3 साल 10 महीने बाद 84.15 लाख रुपए में क्यों बेच दी गई?

केंद्रीय मंत्री ने किया ऑपइंडिया का अभिनन्दन

ऑपइंडिया द्वारा सामने लाए गए मुद्दों पर बात करते हुए रविशंकर प्रसाद ने बताया कि 80 कैनाल ज़मीन 10 अप्रैल 2006 को बेचीं गई। इसे रॉबर्ट वाड्रा द्वारा ख़रीदी गई और एचएल पाहवा द्वारा बेचीं गई। इस डील में भी महेश कुमार नागर के माध्यम से ही लेनदेन हुआ। दिसंबर 2010 में वाड्रा में यही ज़मीन 2 करोड़ 50 लाख में बेच दी। उन्होंने कहा कि यहां दो त्रिभुज बनते हैं- एक ख़रीददारों का और एक बिक्रेताओं का। एक तरफ प्रियंका, राहुल और रॉबर्ट हैं तो दूसरी तरफ़ पाहवा, भंडारी और थम्पी है। उन्होंने कहा कि राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा केंद्र सरकार को क्लीन चिट दिए जाने के बावजूद राहुल द्वारा सवाल खड़े करना उनकी तल्खी को दिखाता है।

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उन्होंने कहा कि राफेल पर राहुल गाँधी द्वारा सारा हंगामा संजय भंडारी के लिए किया जा रहा है क्योंकि यूरोफाइटर को सफलता नहीं मिले। भंडारी को राफेल में कुछ नहीं मिल पाया, इसीलिए राहुल राफेल पर निशाना साध रहे हैं। केंद्रीय आईटी प्रसाद ने कहा कि ऑपइंडिया ने जिस तरह से इस ज़मीन डील को सामने लाया, इसके लिए वह प्रशंसा का पात्र है।


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