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कॉलेज डायरेक्टर की डिमांड- पास होना है तो अकेले में मिलो: भोपाल में 4 छात्राओं ने की शिकायत, ‘मुस्लिम गैंग’ ने यहीं बनाया था हिंदू लड़कियों को अपना शिकार

कक्षा में बायोमैट्रिक्स प्रणाली में खराबी के कारण उसकी उपस्थिति कम बताई जा रही थी। इस वजह से उसका परीक्षा फॉर्म आगे नहीं बढ़ पा रहा था। जब उसने इस संबंध में विभाग प्रमुख से बात की, तो उसे कॉलेज के डायरेक्टर अरुण पांडे से मिलने के लिए कहा गया। छात्रा के अनुसार, पांडे से मिलने पर उन्होंने उससे अश्लील बातें कीं और उसे 'बैड टच' करते हुए 'खुश करने' पर परीक्षा फॉर्म आगे बढ़ाने की बात कही।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित टीआईटी कॉलेज एक बार फिर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के कारण सुर्खियों में है। पहले से ही कई गंभीर शिकायतों का सामना कर रहे इस कॉलेज में अब चार और छात्राओं ने कॉलेज के डायरेक्टर अरुण पांडे पर ‘बैड टच’, अश्लील बातें करने और अकेले में मिलने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। इन छात्राओं ने पिपलानी पुलिस थाने में अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जाँच शुरू कर दी है।

नए आरोप और छात्राओं की आपबीती

कॉलेज की एक पीड़िता, जो टीआईटी कॉलेज में BA LLB की फोर्थ ईयर की छात्रा है, ने अपनी शिकायत में बताया कि उसकी कक्षा में बायोमैट्रिक्स प्रणाली में खराबी के कारण उसकी उपस्थिति कम बताई जा रही थी। इस वजह से उसका परीक्षा फॉर्म आगे नहीं बढ़ पा रहा था।

जब उसने इस संबंध में विभाग प्रमुख से बात की, तो उसे कॉलेज के डायरेक्टर अरुण पांडे से मिलने के लिए कहा गया। छात्रा के अनुसार, पांडे से मिलने पर उन्होंने उससे अश्लील बातें कीं और उसे ‘बैड टच‘ करते हुए ‘खुश करने’ पर परीक्षा फॉर्म आगे बढ़ाने की बात कही।

छात्रा ने बताया कि जब उसने यह बात अपनी एक सहेली को बताई, तो उसने भी इसी तरह की माँग किए जाने की पुष्टि की। इसके बाद, भोपाल के अलावा मंडीदीप और रायसेन से आने वाली तीन अन्य छात्राओं ने भी अरुण पांडे द्वारा इसी तरह के यौन उत्पीड़न का शिकार होने की बात स्वीकार की।

इन चारों छात्राओं ने एकजुट होकर शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया। उन्होंने पहले कॉलेज कमेटी से संपर्क किया, लेकिन वहाँ से कोई कार्रवाई न होने पर वे पिपलानी पुलिस थाने पहुँचीं। छात्राओं ने आरोप लगाया है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद से कॉलेज प्रबंधन उन पर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहा है, उन्हें करियर खराब होने और बदनामी का हवाला दिया जा रहा है।

टीआई चंद्रिका यादव ने बताया कि चारों छात्राओं की शिकायतों की अलग-अलग जाँच की जा रही है। डायरेक्टर अरुण पांडे के बयान दर्ज किए जाएँगे और जल्द ही उनके बयानों के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

कॉलेज का पुराना विवादित इतिहास

यह पहली बार नहीं है जब TIT कॉलेज विवादों में फँसा है। इससे पहले, कॉलेज में मुस्लिम गैंग गिरोह द्वारा हिंदू छात्राओं को प्रेम जाल में फँसाकर उनके साथ रेप करने और अश्लील वीडियो बनाने का मामला सामने आया था। इन वीडियो का इस्तेमाल छात्राओं और उनकी सहेलियों को ब्लैकमेल करने के लिए किया जाता था।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की थी। बागसेवनिया, अशोका गार्डन और जहांगीराबाद थानों में 3 FIR दर्ज की गई थीं, जिनमें कई गंभीर धाराएं शामिल थीं। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपित फरहान खान (TIT कॉलेज का छात्र) और मोहम्मद साद को गिरफ्तार किया था। आरोपितों के मोबाइल फोन से 10 से 15 अन्य युवतियों के अश्लील वीडियो भी बरामद हुए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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