Homeदेश-समाजमेरठ में छिपा था उमेश पाल हत्याकांड में शामिल गुड्डू मुस्लिम, STF के पहुँचने...

मेरठ में छिपा था उमेश पाल हत्याकांड में शामिल गुड्डू मुस्लिम, STF के पहुँचने से 20 मिनट पहले हुआ फरार, अतीक अहमद के सरकारी बॉडीगार्ड रहे एहतेशाम की भी तलाश

अतीक और उसके गुर्गों की तलाश में यूपी एसटीएफ, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और यूपी पुलिस की टीम दिल्ली, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, गुजरात समेत 13 राज्यों में दबिश दे रही है।

प्रयागराज में दिन-दहाड़े हुए उमेश पाल हत्याकांड में शामिल गुड्डू मुस्लिम मेरठ में छिपा हुआ था। 12 मार्च, 2023 को जब तक एसटीएफ की टीम उसे पकड़ पाती, वह फरार हो चुका था। उमेश पाल मर्डर मामले में गुड्डू मुस्लिम के साथ-साथ अतीक का बेटा असद, गुलाम, अरमान और साबिर भी फरार चल रहे हैं। सभी पर 5 लाख रुपए का इनाम रखा गया है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक एसटीएफ की टीम बमबाज गुड्डू मुस्लिम तक पहुँच चुकी थी। 12 मार्च को मेरठ स्थित एक ठिकाने पर छापा मारा गया लेकिन ठीक 20 मिनट पहले गुड्डू मुस्लिम वहाँ से फरार हो गया। जिस मकान में गुड्डू छिपा हुआ था उसके मालिक से पूछताछ की जा रही है।

रिपोर्टों के अनुसार, अतीक और उसके गुर्गों की तलाश में यूपी एसटीएफ, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और यूपी पुलिस की टीम दिल्ली, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, गुजरात समेत 13 राज्यों में दबिश दे रही है। इसके अलावा नेपाल और थाईलैंड में भी छापा मारा जा रहा है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए शूटर्स बार-बार अपना लोकेशन बदल रहे हैं।

अतीक के सरकारी सुरक्षाकर्मी रहे एहतेशाम पर भी हत्याकांड में शामिल होने का शक

खबरों के अनुसार पुलिस को उमेश पाल हत्याकांड में एहतेशाम के भी शामिल होने का शक है। एहतेशाम माफिया अतीक की सुरक्षा में तैनात यूपी पुलिस का जवान था। साल 2005 में बसपा विधायक राजूपाल हत्या कांड में नाम आने के बाद अतीक और उसके भाई अशरफ को गिरफ्तार कर लिया गया था। जिसके बाद से ही एहतेशाम फरार है।

पुलिस लाइन में रिपोर्ट न करने की वजह से एहतेशाम की नौकरी चली गई और उसके बाद से ही वह फरार है। माना जाता है कि एहतेशाम पुलिस की नौकरी छोड़कर माफिया अतीक के गैंग में शामिल हो गया था। पुलिस को उमेश पाल हत्याकांड में भी एहतेशाम के शामिल होने का शक है। इसलिए उसकी तलाश तेज कर दी गई है। बताया जा रहा है कि एहतेशाम पर भी इनाम की घोषणा हो सकती है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘अब कोई भी खुद को रिपोर्टर बताता है’: जिन पत्रकारों को मुस्लिम भीड़ ने पीटा, उन्हें ही दिल्ली HC देने लगा नसीहत; आबिद अली...

दिल्ली हाई कोर्ट ने 16 जुलाई 2026 को पिछले साल सीमापुरी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की कवरेज के दौरान पत्रकारों पर हुए हमले के मामले में आरोपित आबिद अली और फुरकान को जमानत दे दी।

भारत की पहली नाइट सफारी बनेगा UP का कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट, सुप्रीम कोर्ट से मिली हरी झंडी: जानिए क्या होंगी इसकी विशेषताएँ

कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि यहाँ मगरमच्छ और घड़ियाल रहते हैं। इसके अंदर बहुत सुंदर हिरण पार्क भी बनाया गया है।
- विज्ञापन -