Thursday, July 18, 2024
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ट्विटर के नोटिस पर कार्टूनिस्ट मंजुल का प्रोपेगेंडा- ‘फासीवाद’ का रोना, मोदी सरकार को ठहराया जिम्मेदार: जानें क्या है मामला

मंजुल, मोदी सरकार के खिलाफ पहले भी फेक न्यूज फैला चुके हैं। उन्होंने 2017 की एक फोटो को कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर का बता कर प्रचारित किया था जिसमें एक व्यक्ति रिक्शा में लाश को लेकर जा रहा है।

भाजपा विरोधी कार्टूनिस्ट मंजुल ने ट्विटर मोदी सरकार की यह कहते हुए आलोचना की कि सरकार उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाना चाहती है। शुक्रवार (04 जून) को मंजुल ने ‘ट्विटर लीगल’ के द्वारा भेजे गए ईमेल का स्क्रीनशॉट पोस्ट करते हुए लिखा, “जय हो मोदी जी की सरकार की”।

मंजुल के द्वारा किए गए ट्वीट का स्क्रीनशॉट

एक दूसरे ट्वीट में, यह जताते हुए कि भारत सरकार ने ट्विटर को मंजुल को चेतावनी देने के लिए कहा है, मंजुल ने लिखा, “शुक्र है मोदी सरकार ने ट्विटर को यह नहीं लिखा कि ये ट्विटर हैन्डल बंद करो। ये कार्टूनिस्ट अधर्मी है, नास्तिक है, मोदी जी को भगवान नहीं मानता।“ मंजुल ने यह भी ट्वीट किया कि अच्छा होता अगर सरकार बता देती कि दिक्कत किस ट्वीट से है क्योंकि दोबारा वैसा ही काम किया जाता जिससे लोगों को सुविधा हो जाती।  

मंजुल के द्वारा किए गए ट्वीट का स्क्रीनशॉट

जी मीडिया और डीएनए के लिए कभी काम करने वाले कार्टूनिस्ट मंजुल ने फ्रीलांस में काम शुरू किया और अपने कार्टून के जरिए भाजपा विरोधी एजेंडा फैलाने लगे। इसके बाद मंजुल को लेफ्ट-लिबरल लॉबी का भी साथ मिला। मंजुल के द्वारा हाल में किए गए ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए पत्रकार स्वाति चतुर्वेदी ने दावा किया कि मोदी सरकार अब एक कार्टूनिस्ट से भयभीत है।

‘पत्रकार’ स्वाति चतुर्वेदी के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

ट्विटर के द्वारा ऐसे ईमेल भेजना सामान्य है। एक पॉपुलर ट्विटर यूजर अंकुर सिंह ने ट्विटर लीगल द्वारा भेजे गए ईमेल का स्क्रीनशॉट शेयर किया जिसमें वही मैसेज था जो मंजुल को भेजा गया है। मैसेज में लिखा हुआ था कि ट्विटर को भारतीय कानून एजेंसियों द्वारा यूजर (उदाहरण के लिए अंकुर सिंह) के ट्विटर एकाउंट के संबंध में जानकारी प्राप्त हुई है। कार्टूनिस्ट विकासो को भी ऐसे कई ईमेल भेजे जा चुके हैं।  

ट्विटर यूजर अंकुर सिंह द्वारा ट्विटर लीगल द्वारा मिला नोटिस

ऑपइंडिया को भी मिलती रही है ट्विटर से लीगल वार्निंग :

ऑपइंडिया को भी ऐसी 100 से अधिक लीगल वार्निंग मिल चुकी हैं। यहाँ 24 जनवरी 2021 को ट्विटर लीगल द्वारा ऑपइंडिया को भेजे गए ईमेल का स्क्रीनशॉट है जिसमें वही मैसेज है जो मंजुल और अंकुर सिंह को भी भेज गया। ऐसा केवल एक मैसेज नहीं है बल्कि हिंदुओं और भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या पर लगातार कवरेज के कारण ऑपइंडिया को सैकड़ों ऐसे ईमेल भेजे जा चुके हैं। यह तो सभी को पता है कि एक ऐसी लेफ्ट-लिबरल और एंटी-हिन्दू लॉबी है जो नहीं चाहती कि हमारी रिपोर्ट्स सबके सामने आएं जिससे हिंदुओं और भाजपा कार्यकर्ताओं के ऊपर होने वाले अत्याचार अनसुने रह जाएं।  

ऑपइंडिया को भेजे गए ईमेल की लिस्ट
ऑपइंडिया को भेजे गए ईमेल का स्क्रीनशॉट

मोदी सरकार को बदनाम करने की सोची-समझी रणनीति :

अगर हम मंजुल के इस प्रोपेगेंडा पर यकीन करें कि मोदी सरकार ने ट्विटर को उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा है तो इस हिसाब से ऑपइंडिया, अंकुर सिंह और विकासो के खिलाफ भी भारत सरकार ही काम कर रही है। लेफ्ट-लिबरल हमेशा से ही मोदी सरकार के खिलाफ एजेंडा चलाते रहते हैं और अब मंजुल द्वारा मोदी सरकार के खिलाफ चलाया जाने वाला प्रोपेगेंडा भी उसीका ही एक हिस्सा है।   

मंजुल, मोदी सरकार के खिलाफ पहले भी फेक न्यूज फैला चुके हैं। उन्होंने 2017 की एक फोटो को कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर का बता कर प्रचारित किया था जिसमें एक व्यक्ति रिक्शा में लाश को लेकर जा रहा है।  

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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