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पायल रोहतगी को ब्लॉक करने पर FoE वाले ‘निष्पक्ष पत्रकार’ कर रहे हैं मुंबई पुलिस का समर्थन

यह देखना आश्चर्यजनक (लेकिन दुखद) है कि अक्सर 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता' की बात करने वाले स्वघोषित पत्रकार और लेखक मुंबई पुलिस की इस हरकत से खुश हैं।

सोशल मीडिया पर सक्रियता के कारण मुंबई पुलिस अक्सर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रहती है। ट्विटर के जरिए मुंबई पुलिस द्वारा अक्सर लोगों को जिम्मेदार नागरिक बनने की सलाह भी दी जाती है। हालाँकि, आज मुंबई पुलिस अन्य कारणों से चर्चा का विषय बन गई है। दरअसल, मुंबई पुलिस ने ट्विटर पर अभिनेत्री पायल रोहतगी को ब्लॉक कर दिया है।

पायल रोहतगी को अक्सर हिन्दू हितों के बारे सोशल मीडिया पर अपनी राय रखते हुए देखा जाता है। आज सुबह पायल रोहतगी ने एक ट्वीट के जरिए जानकारी दी कि मुंबई पुलिस द्वारा उनके ट्विटर एकाउंट को ब्लॉक कर दिया गया है। अभिनेत्री ने लिखा है कि शायद यही वजह है कि उनका परिवार उन्हें हिन्दुओं के बारे में बात करने से रोकता है। साथ ही, पायल ने मुंबई पुलिस पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का भी आरोप लगाते हुए लिखा कि इसी कारण से वो हिन्दू होने के नाते इस देश में असुरक्षित महसूस करती हैं।

पायल रोहतगी के पति और प्रसिद्ध रेसलर संग्राम सिंह ने भी मुंबई पुलिस को इस मुद्दे पर संज्ञान लेने की अपील की है।

पुलिस का कर्तव्य नागरिकों की रक्षा करना, चाहे वो पायल रोहतगी हो या कोई और

पुलिस विभाग का दायित्व नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करना है, चाहे वो उनकी बातों से सहमत हों या नहीं। वर्तमान समय में यह अक्सर देखा भी गया है कि सोशल मीडिया के जरिए ही कई बार लोगों को गंभीर हालातों में मदद उपलब्ध करवाई गई है। सोचिए, यदि किसी व्यक्ति को सच में मदद की जरूरत हो और वो पुलिस को आपात स्थिति में इसकी सूचना देना चाहता हो, लेकिन पुलिस विभाग द्वारा उससे संपर्क करने के तरीके पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया हो! क्योंकि मुंबई पुलिस एक सार्वजानिक संस्थान है, इस वजह से यह किसी भी तरह से संवैधानिक नहीं है कि वो किसी व्यक्ति (जो नागरिक भी है) को सेवाएँ देने से वंचित करे।

FoE वाले पत्रकार खुश हैं कि पुलिस अपने नागरिकों को ब्लॉक कर रही है

यह देखना आश्चर्यजनक (लेकिन दुखद) है कि अक्सर ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता’ की बात करने वाले स्वघोषित पत्रकार और लेखक मुंबई पुलिस की इस हरकत से खुश हैं –

वहीं, कॉन्ग्रेस की राष्ट्रीय मीडिया कॉर्डिनेटर भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखने से खुद को नहीं रोक पाईं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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