Tuesday, June 15, 2021
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पेटा के जवाब में #BakraLivesMatter ट्रेंड, नेटिज़न्स ने कहा- तुमसे ज्यादा जीव गौ रक्षकों ने बचाए

पेटा ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है, "हमने ऐसा नहीं कहा कि राखी चमड़े से बनी होती है। बल्कि हमारा कहना यह था कि रक्षाबंधन गाय की सुरक्षा करने के लिए अच्छा दिन है जो कि हमारी बहन जैसी हैं। इसके लिए हमें प्रतिज्ञा लेनी होगी कि हम लेदर का उपयोग नहीं करेंगे। असल मायनों में हमारा संदेश यही था।"

जानवरों के हित और अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था पेटा (PETA) फिलहाल अपने ही दाँव में उलझी हुई नज़र आ रही है। दरअसल कुछ दिनों पहले पेटा ने रक्षाबंधन पर्व के लिए चमड़ा मुक्त अभियान (लेदर फ्री कैम्पेन) चलाया था, जबकि दोनों ही बातों का किसी भी सूरत में एक दूसरे से कोई लेना देना नहीं है। आभासी दुनिया (सोशल मीडिया) प्रतिक्रियाओं का सबसे असरदार मंच बना है। नतीजतन ट्विटर पर पेटा के विरुद्ध #Bakra। ivesMatter हैशटैग ट्रेंड करने लगा।  

हैशटैग तो ट्रेंड हुआ ही साथ ही साथ नेटीज़न ने पेटा की भरपूर मौज उड़ाई। आज पूरे दिन भर ट्वीटर पर इस हैश टैग के साथ मीम्स तैयार किए गए और ट्रोल भी किया गया। हालाँकि बहस बढ़ने के बाद पेटा ने इस मामले पर सफाई भी दी। पेटा ने कहा, “हमने ऐसा नहीं कहा कि राखी चमड़े से बनी होती है। बल्कि हमारा कहना यह था कि रक्षाबंधन गाय की सुरक्षा करने के लिए अच्छा दिन है जो कि हमारी बहन जैसी हैं। इसके लिए हमें प्रतिज्ञा लेनी होगी कि हम लेदर का उपयोग नहीं करेंगे। असल मायनों में हमारा संदेश यही था।”

रक्षाबंधन के लिए पेटा द्वारा लगाया गया पोस्टर

लेकिन प्रतिक्रियाओं की नई नवेली दुनिया माफ़ी की भाषा इतनी आसानी से नहीं समझती है।   

लेखक और स्तंभकार शेफाली वैद्य ने ट्वीट करते हुए लिखा ‘आपके लिए बस कुछ हैशटैग’ 

#BakraLivesMatter

#ThisEidSacrificeYourEgoNotGoat #SaveOurGoatBrothers

एक व्यक्ति ने लिखा हर जानवर एक जैसे हैं, किसी को भी नुक्सान नहीं पहुँचाना चाहिए। पेटा इंडिया भेद और डर की भावना निकाल कर एक समुदाय की तरफदार न बनें। इंसानियत सबसे ऊपर होती है, सही के लिए खड़े होना चाहिए।  

एक और व्यक्ति ने ट्वीट करते हुए लिखा, “यह माँस का टुकड़ा नहीं, बल्कि जीव हैं।” इस ट्वीट के साथ साझा की गई तस्वीर में लिखा था, अब तुम्हारे हवाले ‘मटन’ साथियों।   

एक ट्वीट में लिखा था, “गौ रक्षक असली हीरो हैं।” ट्वीट के साथ साझा की गई तस्वीर में लिखा है, “गौ रक्षकों ने पेटा इंडिया से कहीं ज़्यादा जानवर बचाए हैं।” 

एक लड़की ने अपने ट्वीट में लिखा, “बकरीद नज़दीक है, बकरी और अन्य जानवर।” 

एक ने मीम साझा किया है। मीम में रानू मंडल की तस्वीर लगी है और जैसे ही उसे पता लगता है ‘बकरा लाइव्स मैटर’ हैशटैग ट्रेंड कर रहा है, वह कहती है ‘मुझे सुनाई नहीं दे रहा है। 

लखनऊ में बकरीद पर पेटा द्वारा लगाया गया पोस्टर

कुछ ही दिनों पहले पेटा ने लखनऊ में एक पोस्टर लगाया था जिसमें लोगों से यह निवेदन किया गया था कि वह जीवों की हत्या न करें। इसके बाद तमाम मौलवियों ने इस आपत्ति जताई, पुलिस से शिकायत भी दर्ज कराई गई जिसके बाद पेटा को वह पोस्टर हटाना पड़ा। अब पेटा ने रक्षाबंधन को चमड़े से जोड़ कर दिखाया है, जिसका न तो कोई तर्क है और न ही अर्थ। इतना ही नहीं पेटा ने उस पोस्टर में गाय की तस्वीर भी लगाई है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इसके विरोध में प्रतिक्रियाएँ नज़र आने लगीं। अब तक बकरा लाइव्स मैटर हैशटैग पर 12 हज़ार से अधिक ट्वीट हो चुके हैं।   

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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