Homeसोशल ट्रेंडहिंदू देवी-देवताओं को गाली को जो बताते थे 'बोलने की आजादी', अब वही मौलाना...

हिंदू देवी-देवताओं को गाली को जो बताते थे ‘बोलने की आजादी’, अब वही मौलाना का मजाक बनाने पर मुनव्वर फारूकी को बता रहे ‘छपरी’: किसी ने कहा- जाहिल, तो कोई बोला- तू भी तो मुसलमान है…

मुनव्वर फारूकी कुछ समय पहले तक जब हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाकर कॉमेडी करता था तो इस्लामी कट्टरपंथी लोग इसे सराहते थे। ज्ञान दिया जाता था कि किसी के अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला न हो, लेकिन अब वो खुद तिलमिलाए हुए हैं।

स्टैंड-अप कॉमेडी के नाम पर हिंदू घृणा फैलाने वाले मुनव्वर फारूकी से इस बार इस्लामी कट्टरपंथी नाराज हैं। कारण है कि एक शो में फारूकी ने एक मौलाना का मजाक उड़ा दिया और उससे इशारों में ये पूछ लिया कि नमाज के वक्त वो शो देखने क्यों आए हैं। इसके बाद उसने मौलाना को देख गाना गुनगुनाया- ‘कन्फर्म जहन्नुमी है-कन्फर्म जहन्नुमी’ है।

फारूकी की यही ‘कॉमेडी’ देख इस्लामी कट्टरपंथी भड़क उठे। देख सकते हैं कि सोशल मीडिया पर फारूकी को गालियाँ दी गईं। उसे ‘छपरी’ करार दिया गया।

उसे बोला गया कि उसे मौलाना से बात करने की तमीज नहीं है। मुसलमान ये बताने भी आ गए कि मौलाना जिस समय शो में आए वो नमाज का वक्त था ही नहीं।

एक यूजर ने लिखा- मुनव्वर फारूकी जाहिलों वाली हरकत कर रहा है।

एक ने कहा- “तू भी तो मुसलमान है न भाई, तू क्यों यहाँ पर झक मार रहा है।”

इतना ही नहीं, कई मुस्लिम यूजर्स ने तो ये भी अपील कर दी कि सारे मुस्लिम मुनव्वर फारूकी को अनफॉलो करें।

दिलचस्प बात ये है कि यही मुनव्वर फारूकी कुछ समय पहले तक जब हिंदू देवी-देवताओं का मजाक उड़ाकर कॉमेडी करता था तो यही लोग इसे सराहते थे। ज्ञान दिया जाता था कि किसी के अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला न हो। हालाँकि, अब मौलाना का मजाक उड़ते ही सबको मजहब की बातें याद आती हैं।

गौरतलब है कि मुनव्वर फारूकी को 2021 में इंदौर में एक स्टैंड-अप शो के दौरान हिंदू देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणियों के लिए गिरफ्तार किया गया था। इस शो में उसने भगवान राम और सीता माता पर अभद्र टिप्पणी की थी, जिससे धार्मिक भावनाएँ आहत हुईं। इस घटना के बाद उसके खिलाफ कई FIR दर्ज की गईं, जिसमें आरोप लगाया गया कि उसने जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -