"भविष्य के लिए उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली सरकार से कहा है कि वह सभी मजदूरों को सही तरीके से रखें। जरूरत पड़ने पर उन्हें शेल्टर होम में शिफ्ट किया जाए, जहाँ पर सभी मूलभूत सुविधाएँ हों।"
दिल्ली सरकार ने आनंद विहार बस अड्डे पर लोगों को इकट्ठा किया, फिर उन्हें वहीं पहुँचा दिया, जहाँ से ये काफी जद्दोजहद करके आए थे। हजारों लोग फरीदाबाद, गुरुग्राम, मानेसर, बल्लभगढ़ से आनंद विहार तक पहुँचे थे। भीड़ को देखते हुए जब गालियाँ पड़ने लगीं तो केजरीवाल सरकार ने बसों में ठूँस कर इन्हें दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में जाकर छोड़ दिया।
अरविंद केजरीवाल ने उन्हीं लोगों को धोखा दिया है, जिनके बल पर वह सत्ता पाता है। वो जानता था कि दिल्ली में वो 2 लाख लोगों की कोई व्यवस्था नहीं कर सकता। ऐसे में अफवाहें फैलाई गई और उन गरीब मजदूरों को घर से बाहर निकालने का षड्यंत्र रचा गया ताकि वो दिल्ली छोड़कर कहीं भी जा सकें।
दिल्ली को लंदन बनाने का दावा करने वाले अरविंद केजरीवाल ने आज दिल्ली को वुहान बनने के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। दुर्भाग्य यह है कि जिस जनता के साथ आज उन्होंने छल किया है, उसी को वोट बैंक बनाकर वो तीसरी बार सत्ता में लौटे हैं।
"दिल्ली की जनता ने अरविंद केजरीवाल को औरों पर आरोप लगाने के लिए चुना है क्या? इस स्थिति में भी सारी जवाबदेही PM और बाकी राज्यों के CM पे डाल दी! 500 करोड़ के advertisement budget में 2 लाख लोगों का खाना आ जाएगा। अगर दिल्ली ही नहीं रहेगी तो कहाँ बेचोगे अपने झूठ को?"
केजरीवाल सरकार की अपील के बाद भी शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों का सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। इक तरफ चीन के बुहान शहर से तेजी से फैली महामारी ने दुनियाँ को बंद कर दिया है। तो वहीं दूसरी ओर शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी धरना स्थल पर कुरान पढ़ रहे हैं। यह मानते हुए कि अल्लाह उन्हें कोरोना के संकट से बचाएगा।
अभी तक भारत में कोरोना वायरस के चलते तीन मौत हो चुकी हैं, इनमें पहली कर्नाटक, दूसरी दिल्ली और तीसरी मौत महाराष्ट्र में हुई है। वहीं देश में कोरोना वायरस के अब तक 126 मामले सामने आ चुके हैं।
शाहीन बाग के सवाल पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोरोना के कारण 50 से ज्यादा लोगों के इक्ट्ठा होने का आदेश शाहीन बाग पर भी लागू होगा। हम 50 लोगों से अधिक के किसी भी कार्यक्रम की इजाजत नहीं देंगे, चाहे प्रोटेस्ट हो या कुछ और। यह नियम सभी जगह पर लागू होगा। उपजिलाधिकारी के पास कार्रवाई का पॉवर है। वह पुलिस के साथ जाकर कार्रवाई करें।
आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार सिर्फ़ अगस्त से लेकर जनवरी तक में आप सरकार ने प्रचार-प्रसार पर 43 करोड़ रुपए खर्च किए। इसमें से 29 करोड़ रुपए तो केवल बीते दिसंबर और जनवरी में खर्च किए गए।
कन्हैया कुमार और उसके साथियों के खिलाफ बीते साल जनवरी में ही पुलिस ने आरोप पत्र दायर किया था। लेकिन केजरीवाल सरकार फाइल पर कुंडली मारे बैठी थी। दबाव बढ़ने पर अब उसने देशद्रोह का केस चलाने को मॅंजूरी दे दी है।