महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा कि वह सनातन धर्म के अनुयायी हैं और किसी भी दूसरे पंथ या मजहब के विरोधी नहीं हैं लेकिन दूसरे मजहब को अपने पर थोपे जाने के विरोधी अवश्य हैं।
शुक्रवार को राजस्थान की अजमेर शरीफ दरगाह बाजार में जुमे की नमाज के बाद बड़ी संख्या में कट्टरपंथी मुसलमानों की भीड़ इकट्ठा हुई। मुस्लिमों ने नरिसंहानंद सरस्वती की गिरफ्तारी की माँग की।
पाकिस्तान में फ्रांसीसी राजदूत को हटाने के लिए कट्टरपंथी समूहों का प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी क्रम में सोमवार को चरमपंथी दल तहरीक-ए-लब्बाक के नेता साद रिजवी की गिरफ्तारी हुई।