कॉल पर गालियाँ भी दी जा रही हैं। गाँव से फोन कर के कहा गया कि पैसे देकर सुलह कर लो तो छोड़ दिया जाएगा। गाय उठा ले जाने की भी धमकी। मंदिर की करनी पड़ रही सुरक्षा।
किसी विदेशी मजहब को इस देश में रह कर मातृभूमि से ऊपर रखने की यही सोच है जो कट्टरपंथी और आतंकवाद के रूप में तब्दील होती जा रही है। कल को मौलाना साजिद रशीदी जैसे लोग ये भी कहेंगे कि स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देना इस्लाम में हराम है।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार में मौलाना AFM खालिद हुसैन को शामिल किया गया है। उसका संगठन हिफाजत ए इस्लाम हिन्दू विरोधी हिंसा करता रहा है। यह संगठन बांग्लादेश को तालिबान बनाना चाहता है।