परेशान छात्रों ने ट्विटर पर घर वापसी के लिए #SendUsBackHome नाम से एक ट्रेंड चलाया, जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने संज्ञान लेते हुए सुरक्षा ऐजेंसियों से बात की, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। वहीं अब बताया जा रहा है कि अब केंद्रीय एजेंसियों के कहने पर ही कोटा से बच्चों को निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई है।
“दोषियों द्वारा की गई राजकीय संपत्ति के नुकसान की भरपाई उनसे सख्ती से की जाएगी। जिला पुलिस प्रशासन ऐसे उपद्रवी तत्वों को तत्काल चिन्हित करें और प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के साथ ही उपद्रवी तत्वों पर पूरी सख्ती भी करें।”
डॉक्टर का कहना है कि उन पर हमले की तैयारियाँ पहले से ही कि गई थी। जब उनका दल वहाँ पहुँचा तो उन पर हर तरफ से पत्थरबाजी शुरू हो गई। महिलाएँ भी अपनी छतों से ईंट और पत्थर बरसा रहीं थीं।
मेडिकल टीम मुरादाबाद के नवाबपुरा इलाके में पहुॅंची थी। यहॉं कोरोना संक्रमण से दो युवक की मौत हो चुकी है। मस्जिद हाजी नेब के पास स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस को घेर कर अचानक हमला कर दिया। ईंट, पत्थर के साथ लाठी-डंडों का भी इस्तेमाल किया।
गोरखपुर में एक कोरोना अस्पताल बनाया जाएगा, ऐसा स्वास्थ्य विभाग ने निर्णय लिया है। इस अस्पताल में गुरु गोरक्षनाथ अस्पताल के 154 बेड्स और 4 वेंटिलेटर का इस्तेमाल किया जाएगा।
प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह का इस मामले में कहना है कि नेपाली जमातियों को सपहा क्वारंटाइन केंद्र पर एम्बुलेंस से भेजा गया है। मेडिकल जाँच के बाद ही आगे कुछ कहा जा सकता है।
पीड़िता का कहना है कि जब हाजी ने उनसे चाय माँगी तो वे बेटे के लिए दूध की शीशी बना रही थीं। इस वजह से चाय नहीं दे पाईं। बस इसी कारण अफजल ने उन्हें मारा और तीन तलाक देकर घर से बाहर कर दिया।
पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि ये सभी महिलाएँ बाराबंकी की एक मीट फैक्ट्री में काम करने के लिए जा रही थीं। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बस चालक और मीट फैक्ट्री के मैनेजर सहित खदरा निवासी आफरीन, नौबस्ता मडियांव निवासी आयशा, हिना, फातिमा, मेसरजहाँ, अजीजनगर निवासी अमीना, डालीगंज निवासी रूही और प्रीति नदर मडियांव निवासी अमीना के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
मेरठ में शनिवार को पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम शहर के जली कोठी को सील कराने के लिए पहुँची थी। इस बीच लोगों ने इसका विरोध करते हुए पुलिस टीम पर हमला बोल दिया था। इस दौरान हुए पथराव में सिटी मजिस्ट्रेट और एक दरोगा घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मस्जिद के मुतवल्ली समेत आठ लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की थी।