केंद्रीय मंत्री नक़वी ने अपने ट्वीट में लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत "विश्व गुरु" बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र संघ में अपने भाषण से मोदी जी ने एहसास कराया कि भारत दुनिया का सबसे मजबूत और बड़ा लोकतंत्र है।
पीएमओ कार्यालय की बैठक में शामिल प्रधानमंत्री के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस दौरान यह फैसला लिया गया है कि सरकार को उनकी पार्टी की माँगों का पता लगाने के लिए जेयूआई-एफ प्रमुख से पहुँच स्थापित करनी चाहिए और इस मुद्दे पर गतिरोध नहीं बढ़ाना चाहिए।
इससे पहले, कश्मीर के अनंतनाग में 5 अक्टूबर को भी आतंकियों ने एक ग्रेनेड हमले की घटना को अंजाम दिया था, जिसमें क़रीब 14 लोग घायल हुए थे। इस हमले में घायल हुए लोगों में एक पत्रकार और एक ट्रैफ़िक पुलिसकर्मी भी शामिल थे।
रोहित कंसल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि स्थिति की समीक्षा करने के बाद जम्मू-कश्मीर के शेष क्षेत्रों में मोबाइल फोन सेवाओं को बहाल करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी इलाकों में सोमवार दोपहर 12 बजे से सभी पोस्टपेड मोबाइल कनेक्शन शुरू कर दिए जाएँगे। इसमें कश्मीर प्रांत के सभी 10 जिले शामिल होंगे।
साल 2017 में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया था, जब भारत-चीन सीमा पर डोकलाम विवाद हुआ था। दोनों देशों के संबंधों के बीच मतभेद गहरा गए थे मगर ऐसे माहौल में अचम्भा तब हुआ था, जब राहुल गाँधी के एक चीनी राजदूत से मिलने की खबर आई थी।
जेएनयू में हजार वोट पाकर विद्यार्थी संघ का वाइस प्रेसिडेंट बनना किसी को यह अधिकार दे देता है कि वो लोकतान्त्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर सके? इनके हिसाब से वो मुट्ठी भर आतंकी कश्मीर घाटी के लाखों लोगों का भविष्य तय करेंगे क्योंकि उनको 'आजादी' चाहिए।
शेहला रशीद ने कश्मीर की चुनावी राजनीति से अलग रहने का ऐलान किया है। उन्होंने यह घोषणा ऐसे वक्त में की है जब जम्मू-कश्मीर में बीडीसी यानी ब्लॉक डेवलपमेंट कौंसिल के चुनाव होने हैं। राजनीति से तौबा करने का दोष भी उन्होंने मोदी सरकार पर ही मढ़ा है।
जैश को नेशनल हाइवे पर हमला करने, लश्कर को सुरक्षा बलों और उनके कैम्पों को निशाना बनाने और हिज़्बुल को राजनेताओं व सुरक्षा बलों पर हमले का टास्क दिया गया है। पाकिस्तानी फ़ौज और आईएसआई के इशारे पर ऐसा किया गया है।
DMCH में कार्यरत डॉक्टर प्रशांत वत्स 5 दिन कश्मीर में गुजार कर हाल ही में लौटे हैं। ऑपइंडिया ने उनसे बातचीत की, वहाँ का हाल जाना। डॉक्टर वत्स ने मीडिया के तमाम प्रोपेगेंडे को ध्वस्त करते हुए कुछ ऐसी बातें बताई, जिन्हें आप लोगों तक पहुँचाना ज़रूरी है।
अमेरिकी एजेंसी से मिले इनपुट के मद्देनज़र सुरक्षा एजेंसियाँ हाई अलर्ट पर हैं, जिसमें कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 निष्क्रिय किए जाने के बाद आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISI) प्रायोजित आतंकी हमले हो सकते हैं।