कयास लगाए जा रहे हैं कि राज्य में अल्पमत की सरकार बन सकती है, जिसे बाहर से एनसीपी समर्थन दे सकती है। जिस तरह से 2014 के चुनाव के बाद 288 सदस्यीय विधानसभा में जब 122 विधायकों वाली फड़नवीस की अल्पमत सरकार ने शपथ ली थी तो एनसीपी ने उसे बाहर से समर्थन दिया था।
केजरीवाल ने राठी के इसी वीडियो को शेयर किया था, जिससे विकास पांडे के बारे में झूठी बातें प्रचारित हुईं। इसके ख़िलाफ़ क़दम उठाते हुए विकास पांडे ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और यूट्यूब ब्लॉगर के ख़िलाफ़ मानहानि का केस दर्ज करवाया था।
मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के विशेष कार्याधिकारी श्रीकांत भारतीय के घर पर हमला किया गया। एक अधिकारी ने बताया कि इस घटना को महाराष्ट्र चुनाव के परिणामों और सत्ता-समीकरणों के बनते-बिगड़ते खेल से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
अपनी सरकार नहीं बचा पाए कुमारस्वामी ने दावा किया है कि वे बीजेपी की सरकार गिरने नहीं देंगे। उन्होंने कहा है कि मध्यावधि चुनाव की कॉन्ग्रेस की मंशा कभी पूरी नहीं होगी।
30 अक्टूबर को बीजेपी विधायक दल के नेता का चुनाव होना है। इसके लिए भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मुंबई जाएँगे। कयास हैं कि विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद वे शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मिल सकते हैं।
“बीजेपी रोटेशन आधारित सीएम पद के लिए सहमत नहीं होगी। उपमुख्यमंत्री का पद शिवसेना को दिया जा सकता है। आदित्य ठाकरे के लिए उपमुख्यमंत्री पद पर शिवसेना को मान जाना चाहिए। फडणवीस मुख्यमंत्री का पद सँभाले।”
“एक पिता के लिए इससे बेहतर अवसर और क्या हो सकता है? कॉन्ग्रेस जो चाहे कह सकती है, लेकिन यह सरकार 5 साल तक चलेगी और हरियाणा के विकास के लिए काम करेगी। इससे बेहतर दिवाली नहीं हो सकती थी।”
एक के सामने जाति की चादर ओढ़े प्रभावशाली राजनीतिक बिरादरी था, तो दूसरे के सामने धर्म की खाल में लिपटे दरिंदे हैं। बावजूद इसके इन्होंने जो जज्बा दिखाया वो बताता है कि हमें विरासत के नाम पर उड़ान भरती महिलाओं से ज्यादा इनके हौसले की दरकार है।
“हरियाणा के लोगों का जनादेश राज्य सरकार के खिलाफ है। मैंने पहले ही पूरे विपक्ष से अपील की है कि लोगों के जनादेश का सम्मान किया जाए और हम सभी को हाथ मिलाना चाहिए - चाहे वह जेजेपी, आईएनएलडी, निर्दलीय हों या कांडा का हरियाणा लोकहित पार्टी।”
पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन, हेमंत सोरेन और उनके परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा अवैध तरीके से जमीन की खरीदारी के मामले की अब जाँच होगी। ये अफ़वाह फैलाकर आदिवासी समाज को भ्रमित करते हैं और आदिवासियों की जमीनें गलत तरीके से खरीदते हैं।