महजबीं सिद्दीकी ने हमेशा हिजाब पहनने की बात करते हुए लिखा है, "अल्लाह की इबादत करके मुझे सुकून मिला है। मैं चाहती हूँ कि अल्लाह मेरे गुनाहों को माफ फरमाए..."
गंगूबाई के परिजनों ने फिल्म पर दावा किया कि न तो किसी ने उनसे इस फिल्म के लिए कोई परमिशन ली और न ही उन्हें उस किताब के बारे में पता है जिससे ये किरदार लिया गया।