"ढोंग और आस्था में यही फर्क है। प्रियंका गाँधी को इतना नहीं पता कि आरती पहले भगवान को दी जाती है, फिर इंसान लेते हैं। इसलिए इन्हें चुनावी हिंदू कहा जाता है।"
नरोत्तम मिश्रा ने कहा है, "ओवैसी को साक्षी पर बोलते नहीं सुना। दमोह पर लंबी तकरीर कर रहे हैं। साक्षी, श्रद्धा पर तकरीर नहीं की। उनकी ये पीड़ा है। उनकी यही मानसिकता जिहादी कहलाती है।"