विषय: रवीश कुमार

रवीश कुमार की सॉल्ट न्यूज़ द्वारा सत्यापित तस्वीर

हैदराबाद एनकाउंटर पर रवीश कुमार के प्राइम टाइम की स्क्रिप्ट हुई लीक, NDTV में मचा हड़कम्प

कोई मुझे ये बता दे कि विवाह की पार्टियों में व्यस्त तेलंगाना मुख्यमंत्री केसीआर जी के पास क्या इतना समय रहा होगा कि वो उस 'डीजे… डीजे… प्रतापगढ़… छलकत हमरो जबनिया ऐ राजा' वाले शोर में साइबराबाद पुलिस से बात भी कर पाए होंगे? फिर पुलिस का मुखिया किसको फोन करेगा? जी, केन्द्र के गृह मंत्रालय को।
क्या रवीश कुमार इन मामलों को भी झुठला देंगे?

रवीश जी, रेप में ‘जात’ तो दिख गया आपको, पर मजहबी ‘रेप जिहाद’ पर भी आँख खोलिए

हैदराबाद वाला मामला मजहबी नहीं लगता लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मजहबी बलात्कार होते ही नहीं! रवीश जैसों की कोशिश यह है कि इस घटना का इस्तेमाल कर उन तमाम 'रेप जिहाद' की खबरों को चर्चा से गायब कर दिया जाए जहाँ बलात्कारी का मकसद मजहबी घृणा ही है, और कुछ नहीं।
श्री रवीश कुमार रसायन विज्ञान प्रयोगशाला में 'फेक न्यूज डिटेक्टर मॉलीकूल' बनाते हुए (सॉल्ट न्यूज द्वारा सत्यापित तस्वीर)

अमेरिका में बैठ भारतीय युवाओं को भड़काने वाले रवीश जी, मॉलिक्यूल नाक की जगह कहीं और भी धँस सकता है

एनडीटीवी की टीआरपी पाताल में धँसते जा रही है और रवीश नाक में धँसने वाला मॉलिक्यूल बनाने की बात कर रहे हैं। उनका मीडिया संस्थान कंगाल होने की ओर अग्रसर है और वो युवाओं को बौद्धिक रूप से कंगाल बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट की बेवफाई पर रवीश बिफर गए

पत्रकारिता के अंतिम पैगंबर रवीश जी के अंतरात्मा की आवाज: सुप्रीम कोर्ट बेवफा है!

आने वाले दिनों में विषवमन ज्यादा होगा, रवीश जी ज्यादा लिखेंगे, ज्यादा बोलेंगे और अंतरात्मा को बार-बार बुलाएँगे। फिर भी आप इन धूर्तों को टीवी पर देखा कीजिए, इनके लेख पढ़ा कीजिए ताकि आपको पता चलता रहे कि नैरेटिव बनता कैसे है।
रवीश, एनडीटीवी, पाकिस्तानी आतंकी और पाक सेना

जब पत्रकार निष्पक्षता का चोला ओढ़े वही काम करते हैं जैसे पाक सेना के लिए वहाँ के आतंकी

पाकिस्तानी सरकार के पास 'अच्छे आतंकी' हैं, जो उनके भारत-विरोधी अजेंडे को सेना के शह पर अंजाम देती है जो सेना स्वयं खुल्लमखुल्ला नहीं कर सकती। वैसे ही एनडीटीवी जैसों के पास 'निष्पक्ष' पत्रकार हैं जो 'निजी राय' के नाम पर कॉन्ग्रेस के लिए भाजपा-विरोधी अजेंडा चलाते हैं।
'रवीश कुमार का फैन'

‘रवीश कुमार के फैन’ ने दी सिखों के नरसंहार की धमकी, मोदी समर्थक महिलाओं को करता है प्रताड़ित

ख़ुद को रवीश का फैन बताने वाला अरुण पुलिस के डर से ट्विटर छोड़ कर भाग खड़ा हुआ, क्योंकि उसकी सारी करतूतें एक-एक कर के सामने आ रही थीं और लोग दिल्ली पुलिस को टैग कर के उस पर कार्रवाई की माँग कर रहे थे।
रवीश कुमार

ख़ुद में ‘ढुका लाग के’ देखिए रवीश जी, दूसरों को ‘लबरा’ बता कर नेतागिरी करना बंद कर देंगे

पूर्वी चम्पारण में स्थित सोमेश्वरनाथ महादेव की धरती- अरेराज। रवीश ने अपने गृहक्षेत्र में भोजपुरी में झूठ बोल कर दूसरों को 'लबरा' बताया। प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए। रवीश कुमार ने अब पत्रकारिता छोड़ कर नेतागिरी शुरू कर दी है। इसका नमूना बिहार में देखने को मिला।
रवीश कुमार

‘निष्पक्ष’ पत्रकार रवीश कुमार को एक और अवॉर्ड, इस बार अपनी कॉन्ग्रेसी सरकार द्वारा

छत्तीसगढ़ की कॉन्ग्रेसी सरकार की ओर से पत्रकारिता क्षेत्र के लिए पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान दिया जाना है, जो एनडीटीवी के मैनेजिंग एडिटर रवीश कुमार को दिया जाना तय किया गया है।
रवीश कुमार

प्रिय रवीश जी, छोटे रिपोर्टर को अपमानित करने से आपका कब्ज नहीं जाएगा, चाहे कितना भी कुथिए

रवीश कुमार ने एक रिपोर्टर के रिपोर्ट का मजाक सिर्फ इसलिए उड़ाया क्योंकि वो रिपोर्टर उनके इतना बड़ा पत्रकार नहीं है और उसने रिपोर्ट अयोध्या के दीपोत्सव पर लिखी। आखिर रवीश से उम्मीद भी तो यही बची है।
रवीश कुमार, कमलेश तिवारी

उधर कमलेश तिवारी का गला रेत डाला, इधर रवीश मेक्सिको-अमेरिका का झगड़ा दिखाते रहे…

वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार मेक्सिको और अमेरिका के झगड़े पर बात करते रहे। डोनाल्ड ट्रम्प से लेकर मानव तस्करी तक, रवीश कुमार ने इस मुद्दे को मथ कर रख दिया लेकिन पूरे 'प्राइम टाइम' के दौरान उन्हें कमलेश तिवारी पर बात करने के लिए एक मिनट भी नहीं मिला।
अनंतनाग ग्रेनेड अटैक, रवीश कुमार

बधाई हो रवीश जी! अनंतनाग में ग्रेनेड फेंका गया, आज ख़ुश तो बहुत होंगे आप?

जब हमले नहीं हों तो रवीश कहते हैं कि कश्मीरी संगीनों के साये में जी रहे हैं, उनकी आवाज़ दबाई जा रही है। जब आतंकी हमला होता है तो वह सरकार और सुरक्षा बलों को घेरते हैं। दोनों हाथों में लड्डू रखने के लिए मीठी आवाज़ में हर ख़बर में 'नौकरी' घुसेड़ देना ही काफ़ी है।
कैसा कमीनापन, कैसी बेशर्मी!

अरे ‘रवीश बुद्धि’ यह डूबे शहर की जिंदादिली है, कुत्ते-गाय में हिन्दू-मुस्लिम ‘एंगल’ गढ़ना नहीं

'रवीश बुद्धि' पत्रकारिता के चोले में वही असर छोड़ते हैं, जैसा समाज में 'जड़ बुद्धि'। पत्रकारिता में गहराते 'रवीश बुद्धि' का नमूना ही है कि नवभारत टाइम्स के पत्रकार नरेंद्र नाथ मिश्रा को जिंदादिली की तस्वीर में कमीनापन, बेशर्मी और प्रचार की भूख, सब एक साथ दिखे।

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