हाल ही में ओली ने अपनी कुर्सी पर छाए संकट के लिए भारत पर दोषारोपण किया था और कहा था कि उनकी सरकार को गिराने की साजिश रची जा रही है। यही नहीं उन्होंने यह भी दावा किया था कि........
रायबरेली से कॉन्ग्रेस विधायक अदिति सिंह ने पार्टी के सभी Whatsapp ग्रुपों को छोड़ दिया है। पिछले दिनों उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से पार्टी का नाम हटाया था।
काफ़ी विचार विमर्श किया गया। संविधान विशेषज्ञों की राय ली गई। संविधान का विशेष सत्र बुलाया गया। फिर संविधान के अधिनियम 16 में प्रावधान बनाया गया। इतना सब कुछ क्यों? क्योंकि इंदिरा के चहेते हिदायतुल्लाह (तब के CJI) को कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया जाए।
जयपुर के दो रिसॉर्ट में कॉन्ग्रेस ने मध्य प्रदेश के अपने विधायकों को रखा है। रिसॉर्ट पॉलिटिक्स का यह 14वॉं मौका है। अब तक नौ राज्यों की सियासी उठापठक की वजह से यह देखने को मिला है। इस सिलसिले की शुरुआत 1982 में कॉन्ग्रेस के ही भय से हुई थी।
मुसलमानों का मसीहा बनने की कोशिश में महातिर पिछले कुछ समय से भारत के खिलाफ जमकर जहर उगल रहे थे। संयुक्त राष्ट्र महासभा में जम्मू-कश्मीर पर गलतबयानी करते हुए भारत पर कई आरोप मढ़े थे। रोहिंग्या मुसलमानों पर कथित अत्याचार का रोना रोया था।