Wednesday, April 1, 2020

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सीआरपीएफ

श्रीनगर में चेक पोस्ट पर आतंकी हमला: 2 आतंकी मारे गए, एक गिरफ्तार

आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई मुठभेड़ में भारतीय सुरक्षाबलों ने दो आतंकवादियों को मार गिराया है। आतंकियों ने श्रीनगर के पारिम पोरा चेक पोस्ट पर हमला कर दिया। इस दौरान सीआरपीएफ के एक जवान वीरगति को प्राप्त हुए।

मोहम्मद मकबूल की ट्रक में सवार हो आए जैश आतंकी: CRPF जवानों पर गोलीबारी, जवाबी कार्रवाई में 3 ढेर

एक आतंकी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग निकला। उसकी तलाश में सुरक्षा बल व्यापक तलाशी अभियान चला रहे हैं। जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर पर यातायात बंद कर दिया गया है। कटरा में वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

…जब आसिफा अपने बच्चों के साथ फँस गईं तो CRPF ने बर्फ में 12 Km पैदल चल पहुँचाया खाना: मिसाल नहीं, परंपरा है यह

"मेरे 3-4 साल के बच्चे भूखे हैं, हम फँस गए हैं" - आसिफा के एक फोन पर CRPF की 157वीं बटालियन तुरंत एक्शन में आई। दाल-चावल, दो-ढाई लीटर दूध, 6 लीटर गर्म पानी, फल और बिस्किट के पैकेट बाँधकर 6 लोगों की टीम निकल पड़ी बर्फ़ीले रास्ते पर - 12 किलोमीटर पैदल चलते हुए।

कैम्पस में CRPF तैनात कर 8500 छात्रों को गिरफ़्तार किया जा रहा है: JNU छात्र संघ उपाध्यक्ष ने फैलाया झूठ

वामपंथी छात्र नेता साकेत मून के आरोपों का जवाब देते हुए जेएनयू प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि जेएनयू कैंपस में सीआरपीएफ की तैनाती नहीं की गई है, कोई भी आकर देख सकता है। उन्होंने कहा कि छात्रों को गुमराह करने के लिए ऐसे दावे किए जा रहे हैं।

CRPF हमला: 4 जिहादियों शरीफ़, फ़ारूक़, सलाउद्दीन और इमरान को फाँसी, 2 हैं पाकिस्तानी

शरीफ़, फ़ारूक़, सलाउद्दीन और इमरान को अदालत ने मौत की सजा सुनाई है जबकि फहीम अंसारी को 10 वर्ष की जेल और जंग बहादुर को उम्रकैद की सज़ा दी गई है।

पाकिस्तान का झूठ पकड़ा गया, चला रहा था कश्मीर पुलिस के हाथों CRPF जवानों की हत्या का फेक न्यूज़

विशेषज्ञों का मानना है कि चूँकि जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद से हिंसा भड़काने के पाकिस्तान के सभी प्रयास नाकाम हो रहे हैं, इसलिए हताशा में यह कदम उठाया गया है। उसे कोई अंतरराष्ट्रीय समर्थन नहीं मिल रहा, हिंदुस्तान से व्यापारिक रिश्ते तोड़ लेने का खमियाज़ा भी पाकिस्तान को ही अपने यहाँ बेकाबू हो रही महँगाई के रूप में भुगतना पड़ रहा है।

CRPF के खोजी कुत्ते एजॉक्सी ने ढूँढा भूस्खलन में दबा युवक, जवानों ने खोदकर निकाला: देखें वीडियो

जब CRPF द्वारा हाईवे का निरीक्षण किया गया तो उस दौरान CRPF के डॉग स्क्वाड के एजॉक्सी ने मलबे में संदिग्ध वस्तु होने के संकेत दिए। सीआरपीएफ ने जब मलबा हटाया तो उसमे एक युवक दबा मिला। जिसे तत्काल सीआरपीएफ ने रेस्क्यू कर अस्पताल पहुँचाया।

गृह मंत्रालय ने घटाई कई नेताओं की सुरक्षा: लालू, सतीश चंद्र मिश्रा समेत रूडी भी शामिल

केंद्र ने उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सुरेश राणा, एलपीजे सासंद चिराग पासवान, पूर्व सांसद पप्पू यादव की सुरक्षा में भी कटौती की गई है। गृह मंत्रालय द्वारा बडे़ नेताओं की सुरक्षा में की गई कटौती में सियासत तेज़ होने की संभावना है।

Breaking: बुरहान वानी का ‘उत्तराधिकारी’ ज़ाकिर मूसा कुत्ते की मौत मारा गया

ददसारा गाँव में हुए एनकाउंटर में सेना की 42वीं राष्ट्रीय राइफल, एसओजी और सीआरपीएफ ने रिपोर्टों के मुताबिक गाँव को शाम से ही घेर लिया था।

ताज़ा ख़बरें

Covid-19: दुनिया भर में संक्रमितों की कुल संख्या 853981, भारत में अब तक संक्रमितों की संख्या 1397, 35 मौतें

दुनिया भर में अब तक 853,981 लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 42,006 की मौत हो हुई है। 176,906 को सफलतापूर्वक रिकवर भी कर लिया गया है। भारत में 35 लोग अब तक इस संक्रमण से जान गॅंवा चुके हैं।

सिसली में शवों से भरे 12 जहाजों से लेकर वुहान के कोरोना तक: हमेशा गतिशील धनाढ्य वर्ग के कारण फैले ऐसे विषाणु

पैनडेमिक के पीछे कभी भी गरीब, पिछड़े और आम जीवन व्यतीत करने वालों का हाथ नहीं रहा। इसके पीछे प्राय: धनी, सुदृढ़, प्रवासी, धनाकांक्षी, गतिशील लोग होते थे और आज भी स्थिति वही है। फिर चाहे देश में पहला कोरोना केस बना वुहान से लौटा केरल का छात्र हो या लंदन से लौटी कनिका कपूर। सब एक समृद्ध समाज का हिस्सा हैं। जिनके लिए आज यहाँ कल वहाँ एक आम बात है।

तमिलनाडु में सामने आए कोरोना के 50 नए मामले, प्रदेश से निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुए 1500, 501 की हुई पहचान

तमिलनाडु से 50 कोरोना के नए मरीज सामने आए हैं। आश्चर्य की बात यह कि इन 50 नए मरीजों में से 45 मरीज वह हैं, जिन्होंने दिल्ली के निजामुद्दीन में हुए मजहबी सम्मेलन में हिस्सा लिया था। सम्मेलन में तमिलनाडु से शामिल होने वाले 501 जमातियों की पहचान हो गई है।

45 किचेन, रोज बाँटे जा रहे 75000 पैकेट: लगे हैं ‘सेवा भारती’ के 5000 कार्यकर्ता, गोमाता का भी रखा जा रहा ध्यान

पूरी दिल्ली में क्राउड मैनेजमेंट के लिए भी काम किया जा रहा है। जैसे, आनंद विहार में जब केजरीवाल सरकार ने हजारों-लाखों मजदूरों को यूपी सीमा पर ढाह दिया, तब वहाँ अफरातफरी मचने पर 250 संघ कार्यकर्ताओं ने जाकर लोगों को सँभालने में पुलिस की मदद की।

मक्का से लौटे, क्वारंटाइन का नियम तोड़ा, मुहर मिटाई: माँ-बेटे पॉजिटिव, पीलीभीत के 35 लोगों पर मुकदमा

अमरिया क्षेत्र के रहने वाले 35 लोग 25 फरवरी को उमरा करने के लिए सऊदी अरब गए थे, जो कि 20 मार्च को सऊदी अरब से मुंबई के एयरपोर्ट पहुँचे थे, जहाँ सभी की स्क्रीनिंग की गई। जाँच में संदिग्ध पाए जाने पर सभी लोगों को कोरोना वायरस संदिग्ध की मुहर लगाई गई थी।

प्रचलित ख़बरें

रवीश है खोदी पत्रकार, BHU प्रोफेसर ने भोजपुरी में विडियो बनाके रगड़ दी मिर्ची (लाल वाली)

प्रोफेसर कौशल किशोर ने रवीश कुमार को सलाह देते हुए कहा कि वो थोड़ी सकारात्मक बातें भी करें। जब प्रधानमंत्री देश की जनता की परेशानी के लिए क्षमा माँग रहे हैं, ऐसे में रवीश क्या कहते हैं कि देश की सारी जनता मर जाए?

केजरीवाल की खुली पोल: बिजली-पानी काट बॉर्डर पर छोड़ा, UP सरकार की बसें बनी सहारा

लॉकडाउन के बाद दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर गॉंव लौटने के लिए लोगों की भारी भीड़ दिख रही है। अब पता चला है कि इन्हें किस तरह गुमराह किया गया। दिल्ली सरकार के अधिकारी बक़ायदा एनाउंसममेंट कर अफ़वाह फैलाते रहे कि यूपी बॉर्डर पर बसें खड़ी हैं, जो उन्हें घर ले जाएँगी।

800 विदेशी इस्लामिक प्रचारक होंगे ब्लैकलिस्ट: गृह मंत्रालय का फैसला, नियम के खिलाफ घूम-घूम कर रहे थे प्रचार

“वे पर्यटक वीजा पर यहाँ आए थे लेकिन मजहबी सम्मेलनों में भाग ले रहे थे, यह वीजा नियमों के शर्तों का उल्लंघन है। हम लगभग 800 इंडोनेशियाई प्रचारकों को ब्लैकलिस्ट करने जा रहे हैं ताकि भविष्य में वे देश में प्रवेश न कर सकें।”

मेरठ लॉकडाउन: मवाना और सरधना के मस्जिदों में छिपे थे 19 विदेशी मौलवी, प्रशासन को धोखा देने के लिए बाहर से बंद था ताला

मवाना में दारोगा नरेंद्र सिंह ने शहर काजी मौलाना नफीस, एडवोकेट असलम, नईम सौफी समेत अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 188, 269, 270 व 14 विदेशी अधिनियम, महामारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

लाल सलाम की फट गई डफली, जिस अंबानी-अडानी को देते थे गाली… वही उद्योगपति आज कर रहे देश की मदद

डफली बजाने से अगर कोरोना से लड़ाई लड़ ली जाती तो शायद आज JNU के वामपंथी ब्रिगेड से ही सबसे ज्यादा डॉक्टर और वैज्ञानिक निकलते। अगर प्रोपेगेंडा पोर्टलों में लेख लिखने से कोरोना भाग जाता तो राणा अयूब, सदानंद धुमे और बरखा दत्त जैसे लोगों ने अब तक वैक्सीन का अविष्कार कर लिया होता।

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