CRPF की 27 जुलाई को स्थापना दिवस है। ब्रिटिश काल से लेकर अब तक इसकी भूमिका में काफी बदलाव आए हैं। नक्सलियों से लेकर आतंकवादियों से निपटने तक में ये सबसे आगे रहा।
बंगाल में शांतिपूर्व चुनाव के बाद अब माहौल को शांत रखने की जिम्मेदारी सीएपीएफ पर है। इसके लिए पहले से ही 500 कंपनियाँ तैनात है। बंगाल में चुनाव बाद भी हिंसा का इतिहास है।
अबूझमाड़ के कुतुल, फरसबेड़ा, कोड़तामडता इलाके में संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान के तहत पिछले 2 दिनों से पुलिस और नक्सलियों के बीच रूक-रूक कर मुठभेड़ हो रही है।