बंगाल में शांतिपूर्व चुनाव के बाद अब माहौल को शांत रखने की जिम्मेदारी सीएपीएफ पर है। इसके लिए पहले से ही 500 कंपनियाँ तैनात है। बंगाल में चुनाव बाद भी हिंसा का इतिहास है।
अबूझमाड़ के कुतुल, फरसबेड़ा, कोड़तामडता इलाके में संयुक्त नक्सल विरोधी अभियान के तहत पिछले 2 दिनों से पुलिस और नक्सलियों के बीच रूक-रूक कर मुठभेड़ हो रही है।
CRPF ने बताया है कि 2020 के बाद से राहुल गाँधी ने 113 बार सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़ा है। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भी कई मौकों पर तय सुरक्षा निर्देशों का उल्लंघन किया है।