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सीबीआई

रॉबर्ट वाड्रा के करीबी आर्म्स डीलर संजय भंडारी के खिलाफ CBI ने दर्ज किया एक और मामला, ये है गंभीर आरोप

केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने फरार चल रहे संजय भंडारी के खिलाफ एक और मामला दर्ज कर लिया है। संजय भंडारी हथियार डीलर है और कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी के पति रॉबर्ट वाड्रा का काफी करीबी है।

मनमोहन जमाने का एक और फ्रॉड: ₹21000 करोड़ का मामला, SBI के नेतृत्व वाले बैंकों ने वीडियोकॉन को पहुँचाया फायदा

वीडियोकॉन को गलत तरीके से लाभ पहुँचाने के मामले में CBI ने वेणुगोपाल धूत के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है।

28 साल पहले घरवालों ने जिसे मरा बताया, वह कोरोना के डर से अमेरिका से भारत लौटा, CBI ने पकड़ा

पंजाब के पटियाला से CBI ने एक ऐसे व्यक्ति को पकड़ा है जो 28 वर्ष पहले खुद को मरा दिखाकर अमेरिका भाग गया था। कोरोना के कारण उसे भारत लौटना पड़ा।

विष्णुदत्त विश्नोई सुसाइड केस: सीबीआई जॉंच को लेकर राज्यवर्धन राठौड़ ने गहलोत को लिखा खत, पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज

विष्णुदत्त विश्नोई सुसाइड केस की सीबीआई मॉंग जोर पकड़ती जा रही है। वे 22 मई को अपने सरकारी क्वार्टर में फंदे से लटके मिले थे।

₹177 करोड़ का J&K बैंक घोटाला: NC नेता और पूर्व वित्त मंत्री अब्दुल के बेटे हिलाल के खिलाफ CBI की चार्जशीट

इस पूरे खेल में कई बैंक अधिकारी भी मिले हुए थे क्योंकि उन्होंने आरोपित द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों की पुष्टि करने की भी कोशिश नहीं की। अधिकारियों ने लोन ग्रांट करने के लिए नियमों को ताक पर रखा और इसके बाद राथेर ने रुपयों की हेराफेरी की, इसीलिए ये मनी लॉन्ड्रिंग का केस बनता है।

₹1900 करोड़ लोन दिया, बदले में लुटियन दिल्ली में हाफ रेट पर लिया बंगला: यस बैंक वाले कपूर का कारनामा

पहले यह बंगला गौतम थापर का था। उन्होंने यस बैंक से इसे गिरवी रख लोन लिया। बाद में लोन चुकाने के लिए बंगला बेचने की बात कही। इसके बाद बिंदु के नाम से एक शेल कंपनी बनाई गई जिसने बंगला खरीद लिया।

गन लाइसेंस घोटाले में CBI ने 2 IAS ऑफिसरों को किया गिरफ्तार, जाँच जारी

अभी इस मामले पर कुछ अन्य अधिकारियों के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई की जा सकती है। इसमें 2012 से 2016 तक बारामुला, राजौरी, उधमपुर, डोडा, और रामबन जिले में डीसी रह चुके अधिकारी प्रमुख रूप से शामिल हैं।

954 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी वाले इंजीनियर यादव सिंह को CBI ने फिर किया गिरफ्तार

जब यादव सिंह चीफ इंजीनियर थे, तब कुल 116.39 करोड़ का टेंडर 5 प्राइवेट फर्म्स को जारी हआ था। CBI का आरोप है कि गुल इंजीनियरिंग के मालिक जावेद अहमद, यादव सिंह के पुराने और करीबी दोस्त हैं। इस कंपनी को नियमों का उल्लंघन करके टेंडर दिया गया था।

सब पर चाय वाले की नजर: पूर्व जज और उनके साथी कोड वर्ड में करते थे डीलिंग

सीबीआई की चार्जशीट में बताया गया है कि रिश्वत की बात पेड़, गमला, समान और प्रसाद जैसे कोड वर्ड के जरिए की गई। हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट का कोड वर्ड 'मंदिर' था। हवाला लेन-देन के लिए 'दस रुपए का नोट' कोड वर्ड का इस्तेमाल किया गया।

नशीली दवा दे बच्चियों से रेप, लेकिन तोंद वाला अंकल गायब: घर से श्मशान तक खुदाई, CBI फेल

बालिका गृह से गायब दाे किशोरियॉं आखिर कहॉं गईं? जिन दो बच्चियों की हत्या की बात उनके साथियों ने कही थी, उनके शव ब्रजेश ठाकुर एंड कंपनी ने कहॉं ठिकाने लगाया? दो बड़े सवाल जिनका सीबीआई नहीं दे पाई जवाब।

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