भारत में हिंदुओं के हर त्योहार के पहले वामपंथियों, जकातियों, इस्लामी कट्टरपंथियों का एक गिरोह अचानक से सक्रिय हो जाता है। वह हर त्योहार में ये ज्ञान देने लगता है कि कहाँ क्या गलत है?
सेकुलरिज्म और नरसंहारों को नकारने की तथाकथित बुद्धिजीवी वर्ग की आदत को वो अपने दौर में आड़े हाथों लेते रहे। उनका जन्म 16 अक्टूबर 1921 को हुआ था और आज उनकी जन्मतिथि भी है।
हिंदू समाज द्वारा मनाई गई पूर्व केंद्रीय मंत्री काजी रशीद मसूद की रस्म तेरहवीं में पूर्व विधायक इमरान मसूद व शाजाद मसूद सहित परिवार के अन्य सदस्यों के शामिल होने पर उलमा ने कड़ा एतराज जताया है।