केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता विजय गोयल ने केजरीवाल पर कटाक्ष करने का फैसला किया और उन्होंने यह दावा किया कि AAP के 14 विधायक भाजपा के संपर्क में हैं जो भाजपा में शामिल होने के इच्छुक हैं।
"हम एक समय में कॉन्ग्रेस के साथ गठबंधन का सपना भी नहीं देख सकते थे। लेकिन देश में मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, हमने एक तरह के टाई-अप के लिए कॉन्ग्रेस से संपर्क किया। हमने कॉन्ग्रेस को समझाया कि मोदी-शाह को हराना क्यों महत्वपूर्ण है।"
दबी जबान में चर्चा हो रही है कि बंद कमरे में कुछ लोगों ने मफ़लर वाले के साथ वो कर दिया है जो कम्बल उढ़ा कर किया जाता है। कविराज विष-वास सोशल मीडिया पर इसपर कटाक्ष भी करते दिखे। यकीन नहीं होता, इतिहास खुद को दोहराता है, ऐसा सुना था, मगर इतनी समानताएँ?
लड़ाई मजेदार है। इस चुनाव में AAP-कॉन्ग्रेस से लेकर उन तमाम न्यूट्रल पक्षकारों की भी अस्मिता दाँव पर लगी है जो अभी तक विभिन्न संस्थाओं पर कब्ज़ा जमाकर सत्ता की मलाई खा रहे थे।
चुनाव आयोग को लिखे शिकायत पत्र में भाजपा ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल ने अपने भाषण में धार्मिक भावनाओं को भड़काने का प्रयास करके आचार संहिता का उल्लंघन किया।
ट्विटर पर चल रही 2 खलिहर विधायकों की इस चकल्लस पर ट्विटर यूजर्स ने दोनों विधायकों को सलाह देते हुए कहा कि दोनों भाई-बहन कॉल कर के लड़ लो और घर के मामलों को इस तरह से सड़क पर मत लाओ।
गुस्साए स्वामी ओम ने अब चुनाव में अरविंद केजरीवाल की नीतियों के ख़िलाफ़ ताल ठोंकने का मन बना लिया है। स्वामी ओम कहते हैं कि बीते शनिवार को तमाम हिंदू संगठनों की बैठक के बाद उनका नाम चुनाव लड़ने के लिए प्रस्तावित किया गया।
स्वस्तिक के अपमान किए जाने संबंधी ट्वीट की बीजेपी ने कड़ी आलोचना की थी। बीजेपी का कहना था कि मुख्यमंत्री ने अपने इस अभद्र कृत्य से धार्मिक आस्था को तो चोट पहुँचाया ही है साथ ही आचार संहिता कता उल्लंघन भी किया है।
केजरीवाल के लिए जरूरी है कि वह अब 5 साल पूरे होने से पहले अपने पद की गरिमा को समझ लें और अगले चुनाव होने तक ऐसे गलीच किस्म की राजनीति से खुद को दूर करें, क्योंकि उन्होंने अपने कार्यकाल में 'क्या-क्या' किया है, वो जनता अच्छे से जान और समझ चुकी है।
आप का दावा है कि यदि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाता है तो दिल्ली के विकास कार्यों में तेजी आएगी। साथ ही केजरीवाल ने हाल ही में यह भी कहा था कि यदि दिल्ली पूर्ण राज्य बनेगा तो 10 साल के अंदर दिल्ली के हर एक परिवार को मकान बनाकर देंगे।