पंजाब विधानसभा चुनावों की मतगणना शुरू होने के बाद सामने आ रहे रुझान बेहद चौंकाने वाले हैं। वहाँ न कैप्टेन का जादू चल रहा है और न ही सिद्धू, चन्नी या मालविका सूद का।
जिस दल पर SFJ से समर्थन लेने के आरोप हों, जिसके मुखिया पर खालिस्तानियों को घर बुलाने के आरोप हों - पाकिस्तान से सटे पंजाब में उसकी जीत के खतरनाक मायने होंगे।