"सोशल मीडिया और व्हाट्सएप जैसे मैसेजिंग एप के ज़रिए लोगों को आतंकवादी बनाने को लेकर काम तेज़ी से चल रहा है। इस सम्बन्ध में भारतीय अधिकारियों ने वैश्विक सोशल मीडिया कम्पनियों के प्रतिनिधियों से भी मुलाक़ात की है।"
"अगर मुझे जल्दी उत्तर नहीं मिला तो समझना कि स्वीडिश पुलिस और सीमा बल के लिए यह मेरी आखिरी चेतावनी है, वरना अल्लाह की मर्ज़ी से मैं किसी की परवाह किए बगैर इस राजा का सर काट दूँगा, काट कर अलग कर दूँगा, फिर चाहे इसके लिए क्यों न मुझे अपना ही सर कटवाना पड़े।"
"बगदादी मरा क्योंकि पूरे विश्व के मुस्लिमों ने उसे खारिज कर दिया था और उसकी जहरीली मानसिकता के ख़िलाफ़ लड़ाई की थी। उसने अपनी राजनीति साधने के लिए इस्लाम पर कब्जा कर लिया था, वो 21वीं सदी में इस्लाम का सबसे बड़ा दुश्मन था।"
शुभकामना संदेश को लेकर समुदाय विशेष के लोगों ने जहीर को किया ट्रोल। ट्रोल करने वाले उमर को राणा अय्यूब, निखिल वागले और सबा नकवी जैसे लिबरल पत्रकारों के साथ ही संजय निरुपम जैसे कॉन्ग्रेसी भी फॉलो करते हैं।
27 अक्टूबर सुबह ट्रंप ने ट्वीट करते हुए किसी बड़ी घटना के होने की जानकारी देते हुए सभी को चौंका दिया। इसी दौरान खबर है कि इस्लामिक स्टेट के सरगना बगदादी के खिलाफ अमेरिका ने कार्रवाई शुरू करते हुए, उसे मार गिराया है।
सबके अंत में एक ही मकसद: कमलेश तिवारी की गर्दन काटनी है। ये किसी व्यक्ति की सोच नहीं है, ये सामूहिक सोच है जो किसी व्यक्ति के माध्यम से फलित होती है। कमलेश तिवारी की हत्या अशफाक और मोइनुद्दीन ने ही नहीं, एक मजहब ने की है जो ऐसे लोगों को रोकना तो छोड़िए, उनकी निंदा तक नहीं कर पाता।
इस ऑडियो में हत्यारे के पिता-बीवी दोनों लगातार अशफाक से गुजरात आने की गुजारिश करते सुनाई पड़ रहे हैं। लेकिन अशफाक कह रहा है कि गुजरात आना उसके लिए पॉसिबल नहीं हैं।
महिलाओं के मस्जिद में प्रवेश को लेकर अनुमति के सम्बन्ध में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार को नोटिस भेजा है। मामले में अगली सुनवाई 5 नवम्बर को होनी है।
संत राफेल म्यूज़ियम एक महत्वपूर्ण स्मारक है। यह फ़्रांस-इटली की सीमा के पास स्थित है। इसके एक तरफ सेंट टोपेज़ है और दूसरी तरफ़ अपने फिल्म फेस्टिवल के लिए जाना जाने वाला कांस।